फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Mother's blood kept flowing... no care was taken, referral was made when her condition worsened.

Siddharthnagar News: प्रसूता का बहता रहा खून... नहीं ली सुध, हालत बिगड़ने पर किया रेफर

Tue, 21 Jan 2025 11:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jan 2025 11:24 PM IST
विज्ञापन
Mother's blood kept flowing... no care was taken, referral was made when her condition worsened.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

शोहरतगढ़। सीएचसी शोहरतगढ़ में प्रसूता कक्ष में एक महिला के इलाज में लापरवाही करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि प्रसूता को नाॅर्मल प्रसव होने के बाद ब्लड गिर रहा था। इसकी जानकारी स्टाफ नर्स को देने के बाद भी चिकित्सक को जानकारी नहीं दी गई।
प्रसव के 10 घंटे बाद जब प्रसूता के शरीर से ज्यादा ब्लड गिर गया और उसकी हालत खराब होने लगी। उसके बाद जिला मुख्यालय माधव प्रसाद मेडिकल काॅलेज रेफर किया गया। जहां प्रसूता को भर्ती कर इलाज किया गया।
विज्ञापन

परिजनों ने डीएम को पत्र भेजकर सीएचसी के स्टॉफ नर्स पर आरोप लगाया कि सूचना देने के बाद इलाज में लापरवाही की। स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रसूता को मरने की अवस्था में रेफर किया और स्टाफ नर्स मरीजों को मारपीट व भद्दी-भद्दी गालियां देती रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

शोहरतगढ़ कस्बे के गड़ाकुल निवासी रेखा ने बताया कि मेरी बहू मालती गर्भवती थी। 14 जनवरी को उसे पीड़ा होने के बाद, सीएचसी लेकर गई। वहां दोपहर एक बजे उसकी बहू का नाॅर्मल प्रसव हुआ। किन्हीं कारणों से बहू का ब्लड गिरना बंद नहीं हो रहा था।
इसको लेकर प्रसव कक्ष में तैनात स्टाफ नर्स को जानकारी दी। उसने कहा कि अभी ठीक हो जाएगा। शाम तक जब ब्लड नहीं रुका, तो पुनः स्टाफ नर्स को जानकारी दी कि चिकित्सक से दिखा दो, लेकिन उन लोगों ने कोई जानकारी चिकित्सक को नहीं दी।
10 बजे रात में जब मालती का ब्लड शरीर से ज्यादा गिर गया। तो उसकी तबीयत खराब हो गई। उसकी तबीयत अधिक खराब होने के बाद जिला मुख्यालय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल काॅलेज जब लेकर गई। तो वहां भी गोरखपुर रेफर करने लगे।
किसी तरफ मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। वहां चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड करवाया तो बताया कि प्रसव के दौरान एक झिल्ली फट जाने से ब्लड गिर रहा था। उसके बाद वहां चिकित्सक टांका लगाकर ठीक किया। उसके किसी तरह व्यवस्था कर खून चढ़वाया। तब बहू की जान बच पाई।

रेखा ने स्टाफ नर्सों पर आरोप लगाया कि प्रसूता के जीवन से खिलवाड़ करती हैं। जो इनकी जेब गर्म करें उन्हीं मरीजों का ख्याल करती हैं। इनकी लापरवाही से बहू की हालत खराब हुई थी। सीएचसी में एक स्टाफ नर्स है, जो प्रसव महिलाओं से ठीक तरीके से बात नहीं करती है। हमेशा गालियां देती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed