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Siddharthnagar News: सड़कों के गड्ढे भरने में कम पड़ गया धन
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भनवापुर क्षेत्र के अंदुआ शनिचरा तेतरी, पेड़रियाजीत सम्पर्क मार्ग जर्जर और गढ्डे में तब्दील पीडब
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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सड़कों के गड्ढे भरने में कम पड़ गया धन
: जिले में पीडब्ल्यूडी को सड़कों के गड्ढे भरने के लिए मिले थे छह करोड़ रुपये
: कई विभागों के चार सौ से अधिक सड़कों का नहीं हुआ गड्ढा मुक्ति का कार्य
सिद्धार्थनगर। शासन की तरफ से सभी विभागों की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान की समय सीमा समाप्त हो गई, लेकिन जिले में चार सौ से अधिक सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हो सकीं। इनमें पीडब्लूडी, आरईएस, जिला पंचायत, मंडी परिषद समेत अन्य विभागों की सड़कें शामिल हैं। इन विभागों की कई सड़कें जो पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं, उनकी मरम्मत नहीं हो सकी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गड्ढामुक्त अभियान में कम धन होने के कारण ध्वस्त सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए अलग से कार्ययोजना भेजी गई है।
जिले में पीडब्लूडी प्रांतीय खंड की नौ सौ सड़कें है। गड्ढामुक्ति अभियान के तहत विभाग की तरफ से 156 सड़कों को चयनित किया था। छह करोड़ रुपये से इन सड़कों पर मरम्मत कार्य कराया गया। वर्तमान में पूरे जिले में पीडब्लूडी की 112 सड़कें ऐसी हैं, जो पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। इन सड़कों पर गड्ढामुक्त अभियान के तहत मरम्मत कार्य नहीं हुआ, जिससे लोगों को सांसत झेलनी पड़ रही है। भनवापुर क्षेत्र की सात किमी लंबी अंदुआ शनिचरा तेतरी पेड़रियाजीत मार्ग मरम्मत के अभाव में पूरी तरह टूटकर ध्वस्त हो चुकी है। पीडब्लूडी के जेई का कहना है कि इस सड़क के पुनर्निर्माण की कार्ययोजना भेजी गई है, स्वीकृति मिलने पर कार्य कराया जाएगा। इसी तरह उसका क्षेत्र में मंडी परिषद की चुरिहारी से कुआहाटा तक तीन किमी सड़क का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। पक्की सड़क में गिट्टियां भी नहीं दिखाई दे रही हैं और सड़क में गड्ढे हो गए हैं। मंडी परिषद बस्ती के उपनिदेशक निर्माण सरोज कुमार ने कहा कि विभाग की 12 सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया है, शेष सड़कों की मरम्मत की कार्ययोजना बनाई गई है। पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता बीके गुप्ता कहते हैं कि जितनी धनराशि शासन से आवंटित हुई थी, उससे अधिक सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया है। इस अभियान में ध्वस्त सड़कों को शामिल नहीं किया गया है।
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बाढ़ से टूटी डेढ़ सौ सड़कों का नहीं हुआ मरम्मत
कुछ दिनों पूर्व जिले में आई बाढ़ से शोहरतगढ़, नौगढ़, बांसी, इटवा और डुमरियागंज तहसील क्षेत्र की तीन सौ से अधिक सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इनमें जो सड़कें बाढ़ के पानी से कम क्षतिग्रस्त हुई थीं, गड्ढामुक्त अभियान के तहत उनका मरम्मत कराया गया, लेकिन जो सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं, उनका पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्र के लोगों को सांसत झेलनी पड़ रही है।
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: जिले में पीडब्ल्यूडी को सड़कों के गड्ढे भरने के लिए मिले थे छह करोड़ रुपये
: कई विभागों के चार सौ से अधिक सड़कों का नहीं हुआ गड्ढा मुक्ति का कार्य
सिद्धार्थनगर। शासन की तरफ से सभी विभागों की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के अभियान की समय सीमा समाप्त हो गई, लेकिन जिले में चार सौ से अधिक सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हो सकीं। इनमें पीडब्लूडी, आरईएस, जिला पंचायत, मंडी परिषद समेत अन्य विभागों की सड़कें शामिल हैं। इन विभागों की कई सड़कें जो पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं, उनकी मरम्मत नहीं हो सकी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गड्ढामुक्त अभियान में कम धन होने के कारण ध्वस्त सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए अलग से कार्ययोजना भेजी गई है।
जिले में पीडब्लूडी प्रांतीय खंड की नौ सौ सड़कें है। गड्ढामुक्ति अभियान के तहत विभाग की तरफ से 156 सड़कों को चयनित किया था। छह करोड़ रुपये से इन सड़कों पर मरम्मत कार्य कराया गया। वर्तमान में पूरे जिले में पीडब्लूडी की 112 सड़कें ऐसी हैं, जो पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। इन सड़कों पर गड्ढामुक्त अभियान के तहत मरम्मत कार्य नहीं हुआ, जिससे लोगों को सांसत झेलनी पड़ रही है। भनवापुर क्षेत्र की सात किमी लंबी अंदुआ शनिचरा तेतरी पेड़रियाजीत मार्ग मरम्मत के अभाव में पूरी तरह टूटकर ध्वस्त हो चुकी है। पीडब्लूडी के जेई का कहना है कि इस सड़क के पुनर्निर्माण की कार्ययोजना भेजी गई है, स्वीकृति मिलने पर कार्य कराया जाएगा। इसी तरह उसका क्षेत्र में मंडी परिषद की चुरिहारी से कुआहाटा तक तीन किमी सड़क का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है। पक्की सड़क में गिट्टियां भी नहीं दिखाई दे रही हैं और सड़क में गड्ढे हो गए हैं। मंडी परिषद बस्ती के उपनिदेशक निर्माण सरोज कुमार ने कहा कि विभाग की 12 सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया है, शेष सड़कों की मरम्मत की कार्ययोजना बनाई गई है। पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता बीके गुप्ता कहते हैं कि जितनी धनराशि शासन से आवंटित हुई थी, उससे अधिक सड़कों को गड्ढामुक्त किया गया है। इस अभियान में ध्वस्त सड़कों को शामिल नहीं किया गया है।
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बाढ़ से टूटी डेढ़ सौ सड़कों का नहीं हुआ मरम्मत
कुछ दिनों पूर्व जिले में आई बाढ़ से शोहरतगढ़, नौगढ़, बांसी, इटवा और डुमरियागंज तहसील क्षेत्र की तीन सौ से अधिक सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इनमें जो सड़कें बाढ़ के पानी से कम क्षतिग्रस्त हुई थीं, गड्ढामुक्त अभियान के तहत उनका मरम्मत कराया गया, लेकिन जो सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं, उनका पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्र के लोगों को सांसत झेलनी पड़ रही है।
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