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Siddharthnagar News: घर पर प्रसव मिला तो एमओआईसी होंगे जिम्मेदार, आयुष्मान कार्ड बनाने में लाएं तेजी
Tue, 21 Jul 2026 02:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 21 Jul 2026 02:23 AM IST
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जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में डीएम ने स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति पर जताई नाराजगी, लापरवाही पर नोटिस के निर्देश
सिद्धार्थनगर। जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) और स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, जननी सुरक्षा योजना, मातृ और शिशु स्वास्थ्य समेत विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आयुष्मान कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी को नियमित क्षेत्र भ्रमण करने और आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ सेंटर) समय से खुलने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा।
उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों (एमओआईसी) को निर्देश दिए कि संस्थागत प्रसव हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। जो आशा कार्यकर्ता प्रसव के लिए महिलाओं को अस्पताल नहीं ला रही हैं उन्हें चिह्नित कर नोटिस जारी किया जाए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि घर पर प्रसव होने की स्थिति में संबंधित एमओआईसी जिम्मेदार होंगे।
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जिलाधिकारी ने एनबीएसयू (न्यू बॉर्न स्टेबिलाइजेशन यूनिट) को 24 घंटे सक्रिय रखने, वार रूम का नियमित निरीक्षण करने और जननी सुरक्षा योजना में कम डाटा फीडिंग पर नाराजगी जताते हुए उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरजी सिंह से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
उन्होंने वीएचएनडी दिवस पर उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की पहचान कर बेहतर उपचार और परामर्श देने, एएनएम, आशा और सीएचओ को आवश्यक किट उपलब्ध कराने और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। कार्य में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर, सीएचओ, आशा और एएनएम के विरुद्ध नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए।
डीएम ने टीकाकरण अभियान का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने, डाटा फीडिंग में सही मोबाइल नंबर दर्ज करने, मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, परिवार नियोजन, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, पीसीपीएनडीटी, रोगी कल्याण समिति और अनटाइड फंड की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशान न किया जाए और सरकारी अस्पतालों में बाहर की दवाएं न लिखी जाएं। साथ ही टीबी के संभावित मरीजों की पहचान कर उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, डैम राजेश मिश्रा, डीसीपीएम और सभी सीएचसी-पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम और बीसीपीएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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सिद्धार्थनगर। जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) और स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, जननी सुरक्षा योजना, मातृ और शिशु स्वास्थ्य समेत विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आयुष्मान कार्ड बनाने की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी को नियमित क्षेत्र भ्रमण करने और आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ सेंटर) समय से खुलने की व्यवस्था सुनिश्चित कराने को कहा।
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उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों (एमओआईसी) को निर्देश दिए कि संस्थागत प्रसव हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। जो आशा कार्यकर्ता प्रसव के लिए महिलाओं को अस्पताल नहीं ला रही हैं उन्हें चिह्नित कर नोटिस जारी किया जाए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि घर पर प्रसव होने की स्थिति में संबंधित एमओआईसी जिम्मेदार होंगे।
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जिलाधिकारी ने एनबीएसयू (न्यू बॉर्न स्टेबिलाइजेशन यूनिट) को 24 घंटे सक्रिय रखने, वार रूम का नियमित निरीक्षण करने और जननी सुरक्षा योजना में कम डाटा फीडिंग पर नाराजगी जताते हुए उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरजी सिंह से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
उन्होंने वीएचएनडी दिवस पर उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की पहचान कर बेहतर उपचार और परामर्श देने, एएनएम, आशा और सीएचओ को आवश्यक किट उपलब्ध कराने और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। कार्य में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर, सीएचओ, आशा और एएनएम के विरुद्ध नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए।
डीएम ने टीकाकरण अभियान का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने, डाटा फीडिंग में सही मोबाइल नंबर दर्ज करने, मातृ व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, परिवार नियोजन, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, पीसीपीएनडीटी, रोगी कल्याण समिति और अनटाइड फंड की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशान न किया जाए और सरकारी अस्पतालों में बाहर की दवाएं न लिखी जाएं। साथ ही टीबी के संभावित मरीजों की पहचान कर उनका समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, डैम राजेश मिश्रा, डीसीपीएम और सभी सीएचसी-पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम और बीसीपीएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।