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3 साल पहले असम से गायब मासूम शोहरतगढ़ में मिला
सिद्धार्थनगर/ ब्यूरो
Updated Thu, 19 Jan 2017 11:14 PM IST
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असम से गायब बच्चेे हशमत को चाइल्ड लाइन के सुपुर्द करते उमेश सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
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शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। तीन साल पहले असम से गायब मासूम को परिजनों का साथ मिल गया है। जिला पंचायत सदस्य उमेश सिंह की कोशिशों से बालक के परिजनों का पता लगा है। सूचना पाते ही लाडले को पाने के लिए वह असम से रवाना हो गए हैं। अपनों से मिलने की खुशी से मासूम भी आह्वादित है।
असम के जोगिधुप्पा गांव से तीन साल पहले हशमत गायब हो गया था। तब उसकी उम्र सात वर्ष थी। हसमत के मुताबिक असम से कुछ लोग उसे गाजियाबाद ले गए और घरेलू काम-काज के लिए एक घर में बेच दिया। वहां से मौका मिलते ही वह भाग कर शोहरतगढ़ पहुंच गया। जिला पंचायत सदस्य उमेश सिंह ने भटकते बालक को देखा तो उससे पूछताछ की। बालक से मिले सुराग के आधार पर परिजनों की खोजबीन की। इंटरनेट पर जोगिधुप्पा के सीओ का नंबर ढूंढा। सीओ के माध्यम से हशमत के पिता यार मोहम्मद से संपर्क साधा। सूचना मिलते ही परिजन बेटे को लेने रवाना हो गए। फिलहाल बालक को चाइल्ड लाइन की सुपुर्दगी में रखा गया है। उमेश सिंह की इस कोशिशों की हर कोई सराहना कर रहा है।
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असम के जोगिधुप्पा गांव से तीन साल पहले हशमत गायब हो गया था। तब उसकी उम्र सात वर्ष थी। हसमत के मुताबिक असम से कुछ लोग उसे गाजियाबाद ले गए और घरेलू काम-काज के लिए एक घर में बेच दिया। वहां से मौका मिलते ही वह भाग कर शोहरतगढ़ पहुंच गया। जिला पंचायत सदस्य उमेश सिंह ने भटकते बालक को देखा तो उससे पूछताछ की। बालक से मिले सुराग के आधार पर परिजनों की खोजबीन की। इंटरनेट पर जोगिधुप्पा के सीओ का नंबर ढूंढा। सीओ के माध्यम से हशमत के पिता यार मोहम्मद से संपर्क साधा। सूचना मिलते ही परिजन बेटे को लेने रवाना हो गए। फिलहाल बालक को चाइल्ड लाइन की सुपुर्दगी में रखा गया है। उमेश सिंह की इस कोशिशों की हर कोई सराहना कर रहा है।
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