{"_id":"5ec28f448ebc3e904e1cc332","slug":"migrant-labor-siddharthnagar-news-gkp351624164","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रवासी कामगारों को 69 वाहनों से घर पहुंचा रहा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रवासी कामगारों को 69 वाहनों से घर पहुंचा रहा प्रशासन
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प्रवासी कामगारों को वाहनों से प्रशासन ने घर पहुंचाया
एक मई से अब तक जिले में बाहर से आ चुके है 71 हजार प्रवासी कामगार
पैदल और वाहनों में मानक विहीन आवागमन से बढ़ीं दुर्घटनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विभिन्न महानगरों से लौटकर जिले की सीमा तक पहुंचने वाले प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने 69 वाहनों का बेड़ा सड़कों पर उतारा है। जिले की सीमा पर इन लोगों की स्क्रीनिंग कराने के बाद प्रशासन बसों के जरिए इनके गांव तक पहुंचवा रहा है। इन प्रवासियों को बसों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के साथ हाथ सैनिटाइज करा कर मास्क भी दिए जा रहे हैं।
देश के विभिन्न जिलों से पैदल, भार वाहन, ऑटो, आदि से लौट रहे प्रवासी कामगारों के सड़क हादसों में घायल होने के मद्देनजर जिला प्रशासन ने इन लोगों को सुरक्षित वाहन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। पैदल या मानक विहीन वाहनों से जिले सीमा में प्रवेश करने वाले प्रवासी कामगारों को रोककर तहसील प्रशासन उन्हें बसों और अधिग्रहीत किए गए निजी वाहनों से घर पहुंचवा रहा है। गोरखपुर और बस्ती रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों से उतरे प्रवासी कामगारों को भी बसों से घर लाया जा रहा है। बस्ती मार्ग पर जिले की डिड़ई सीमा से प्रवासी करने वाले कामगारों को घर पहुंचाने के लिए बांसी तहसील प्रशासन ने 14 बस और 14 जीप लगाई हैं। इटवा तहसील में प्रवासी कामगारों को घर पहुंचाने के लिए 11 बसे लगाई गई हैं। शोहरतगढ़ तहसील में प्रवासी कामगारों को घर पहुंचाने के लिए नौ वाहन लगाए गए हैं। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में नौ बसों को प्रवासी कामगारों को घर पहुंचाने लगाया गया है। नौगढ़ तहसील में 11 बसों से बाहर से आए लोगों को घर पहुंचाया जा रहा है।
अब तक 71 हजार प्रवासी कामगार आ चुके है
एडीएम सीताराम गुप्त ने बताया कि एक मई से 17 मई शाम तक 71 हजार से अधिक प्रवासी कामगार जिले में आ चुके हैं। पिछले दिनों कई स्थानों प्रवासी कामगारों के साथ हुए सड़क हादसों को देखते हुए प्रशासन द्वारा पैदल और मानकविहीन वाहनों से आवागमन पर रोक लगा दिया गया है। तहसील प्रशासन को प्रवासी कामगारों को वाहनों से घर पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।
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पैदल नहीं वाहनों से भेजा जा रहा घर
बांसी। एसडीएम शिवमूर्ति सिंह ने बताया कि प्रवासी कामगारों को घर तक पहुंचाने के लिए तहसील क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर वाहन लगाए गए हैं। तहसील क्षेत्र के कोतवाली, गोल्हौरा, पथरा, खेसरहा आदि थानों में इस निर्देश के साथ जीप लगाई गई है कि जहां भी मजदूर पैदल जाते दिखे उन्हें तत्काल इनमें बैठाकर घरों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कामगारों के आने की संख्या को देखते हुए और वाहन बढ़ाए जाने की प्रक्रिया जारी है।
स्वास्थ्य जांच के बाद भेजा जाता है घर
इटवा। तहसीलदार इटवा अरविंद कुमार ने बताया कि बाहर से आने वालों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उन्हें मास्क लगाने, सामाजिक दूरी का पालन करने और साफ-सफाई रखने की हिदायत देकर घर भेजा जाता है। जहां उन्हें 14 दिन होम क्वारंटीन रहने को कहा जाता है। घर भेजने के दौरान वाहनों में भी सामाजिक दूरी का पालन किया जाता है।
प्रवासी कामगारों का लाने वाले 42 वाहन सीज
असुरक्षित ढंग से प्रवासी मजदूरों को लाद कर जिले में ला रहे 42 अनधिकृत वाहनों को प्रशासन ने सीज किया है। बिना अनुमति विभिन्न स्थानों से जिले की सीमा में प्रवेश करने वाले 20 ट्रक, छह डीसीएम, चार पिकअप, तीन टाटा मैजिक, दो टैंपो तथा सात बाइक सीज की गईं। संबंधित थानों की पुलिस ने इन मामलों में केस दर्ज कर वाहन चालकों को जेल भेज दिया है।
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एक मई से अब तक जिले में बाहर से आ चुके है 71 हजार प्रवासी कामगार
पैदल और वाहनों में मानक विहीन आवागमन से बढ़ीं दुर्घटनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विभिन्न महानगरों से लौटकर जिले की सीमा तक पहुंचने वाले प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने 69 वाहनों का बेड़ा सड़कों पर उतारा है। जिले की सीमा पर इन लोगों की स्क्रीनिंग कराने के बाद प्रशासन बसों के जरिए इनके गांव तक पहुंचवा रहा है। इन प्रवासियों को बसों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के साथ हाथ सैनिटाइज करा कर मास्क भी दिए जा रहे हैं।
देश के विभिन्न जिलों से पैदल, भार वाहन, ऑटो, आदि से लौट रहे प्रवासी कामगारों के सड़क हादसों में घायल होने के मद्देनजर जिला प्रशासन ने इन लोगों को सुरक्षित वाहन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। पैदल या मानक विहीन वाहनों से जिले सीमा में प्रवेश करने वाले प्रवासी कामगारों को रोककर तहसील प्रशासन उन्हें बसों और अधिग्रहीत किए गए निजी वाहनों से घर पहुंचवा रहा है। गोरखपुर और बस्ती रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों से उतरे प्रवासी कामगारों को भी बसों से घर लाया जा रहा है। बस्ती मार्ग पर जिले की डिड़ई सीमा से प्रवासी करने वाले कामगारों को घर पहुंचाने के लिए बांसी तहसील प्रशासन ने 14 बस और 14 जीप लगाई हैं। इटवा तहसील में प्रवासी कामगारों को घर पहुंचाने के लिए 11 बसे लगाई गई हैं। शोहरतगढ़ तहसील में प्रवासी कामगारों को घर पहुंचाने के लिए नौ वाहन लगाए गए हैं। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में नौ बसों को प्रवासी कामगारों को घर पहुंचाने लगाया गया है। नौगढ़ तहसील में 11 बसों से बाहर से आए लोगों को घर पहुंचाया जा रहा है।
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अब तक 71 हजार प्रवासी कामगार आ चुके है
एडीएम सीताराम गुप्त ने बताया कि एक मई से 17 मई शाम तक 71 हजार से अधिक प्रवासी कामगार जिले में आ चुके हैं। पिछले दिनों कई स्थानों प्रवासी कामगारों के साथ हुए सड़क हादसों को देखते हुए प्रशासन द्वारा पैदल और मानकविहीन वाहनों से आवागमन पर रोक लगा दिया गया है। तहसील प्रशासन को प्रवासी कामगारों को वाहनों से घर पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।
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पैदल नहीं वाहनों से भेजा जा रहा घर
बांसी। एसडीएम शिवमूर्ति सिंह ने बताया कि प्रवासी कामगारों को घर तक पहुंचाने के लिए तहसील क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर वाहन लगाए गए हैं। तहसील क्षेत्र के कोतवाली, गोल्हौरा, पथरा, खेसरहा आदि थानों में इस निर्देश के साथ जीप लगाई गई है कि जहां भी मजदूर पैदल जाते दिखे उन्हें तत्काल इनमें बैठाकर घरों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कामगारों के आने की संख्या को देखते हुए और वाहन बढ़ाए जाने की प्रक्रिया जारी है।
स्वास्थ्य जांच के बाद भेजा जाता है घर
इटवा। तहसीलदार इटवा अरविंद कुमार ने बताया कि बाहर से आने वालों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उन्हें मास्क लगाने, सामाजिक दूरी का पालन करने और साफ-सफाई रखने की हिदायत देकर घर भेजा जाता है। जहां उन्हें 14 दिन होम क्वारंटीन रहने को कहा जाता है। घर भेजने के दौरान वाहनों में भी सामाजिक दूरी का पालन किया जाता है।
प्रवासी कामगारों का लाने वाले 42 वाहन सीज
असुरक्षित ढंग से प्रवासी मजदूरों को लाद कर जिले में ला रहे 42 अनधिकृत वाहनों को प्रशासन ने सीज किया है। बिना अनुमति विभिन्न स्थानों से जिले की सीमा में प्रवेश करने वाले 20 ट्रक, छह डीसीएम, चार पिकअप, तीन टाटा मैजिक, दो टैंपो तथा सात बाइक सीज की गईं। संबंधित थानों की पुलिस ने इन मामलों में केस दर्ज कर वाहन चालकों को जेल भेज दिया है।