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Siddharthnagar News: मजलिस में नमाज की अहमियत और इंसानियत का दिया संदेश
Fri, 24 Jul 2026 11:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 24 Jul 2026 11:47 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
भवानीगंज। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित इमामबारगाह वक्फ शाह आलमगीर सानी में अंजुमन फरोग मातम के तत्वावधान में सालाना अशरे की मजलिस आयोजित की गई। बृहस्पतिवार रात आयोजित आठवीं मजलिस को जम्मू-कश्मीर से आए मौलाना गुलाम रसूल नूरी ने इस्लाम धर्म की विशेषताओं और नमाज की अहमियत पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि इस्लाम अमन, भाईचारे और आपसी सद्भाव का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि नमाज इंसान को बुराइयों से दूर रखती है। वक्त की पाबंदी सिखाती है और उसे अल्लाह के करीब ले जाती है। उन्होंने लोगों से हमेशा नेकी, भलाई और इंसानियत के रास्ते पर चलने की अपील की। मजलिस के अंत में मौलाना ने कर्बला के शहीद हजरत इमाम हुसैन के बेटे हजरत अली अकबर की शहादत का मार्मिक वर्णन किया। इसे सुनकर मजलिस में मौजूद अकीदतमंद भावुक हो गए और मातम किया। मजलिस से पहले शाहिद आलम और उनके सहयोगियों ने मर्सियाख्वानी की।
इस अवसर पर अंजुमन फरोग मातम के सचिव इकबाल मेहंदी, अध्यक्ष इंजीनियर मोहम्मद मेहंदी, मौलाना मुबारक, मौलाना सुहेल, मौलाना नेहाल, तसबीब हसन सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
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भवानीगंज। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित इमामबारगाह वक्फ शाह आलमगीर सानी में अंजुमन फरोग मातम के तत्वावधान में सालाना अशरे की मजलिस आयोजित की गई। बृहस्पतिवार रात आयोजित आठवीं मजलिस को जम्मू-कश्मीर से आए मौलाना गुलाम रसूल नूरी ने इस्लाम धर्म की विशेषताओं और नमाज की अहमियत पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि इस्लाम अमन, भाईचारे और आपसी सद्भाव का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि नमाज इंसान को बुराइयों से दूर रखती है। वक्त की पाबंदी सिखाती है और उसे अल्लाह के करीब ले जाती है। उन्होंने लोगों से हमेशा नेकी, भलाई और इंसानियत के रास्ते पर चलने की अपील की। मजलिस के अंत में मौलाना ने कर्बला के शहीद हजरत इमाम हुसैन के बेटे हजरत अली अकबर की शहादत का मार्मिक वर्णन किया। इसे सुनकर मजलिस में मौजूद अकीदतमंद भावुक हो गए और मातम किया। मजलिस से पहले शाहिद आलम और उनके सहयोगियों ने मर्सियाख्वानी की।
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इस अवसर पर अंजुमन फरोग मातम के सचिव इकबाल मेहंदी, अध्यक्ष इंजीनियर मोहम्मद मेहंदी, मौलाना मुबारक, मौलाना सुहेल, मौलाना नेहाल, तसबीब हसन सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
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