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यूक्रेन से दिल्ली पहुंचा मेडिकल छात्र आमिर अहमद
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यूक्रेन से दिल्ली पहुंचा मेडिकल छात्र आमिर अहमद
सिद्धार्थनगर। यूक्रेन से सोमवार को दिल्ली पहुंचे दल में डुमरियागंज का छात्र भी शामिल है।
यूक्रेन में फंसे छात्र-छात्राओं के वापस आने का सिलसिला शुरू होने के बाद अभिभावकों को राहत मिल रही है। वहीं, जिन अभिभावकों के बच्चे यूक्रेन में फंसे हुए हैं, वे वीडियो में छात्र-छात्राओं की अपील और तबाही देखकर चिंतित हैं।
जिले के औसानपुर निवासी एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र आमिर अहमद इंडियन एयरलाइंस के जरिए सोमवार की सुबह सकुशल दिल्ली पहुंच गए। उनके साथ फ्लाइट से देश के विभिन्न शहरों में रहने वाले कुल 215 छात्र-छात्राएं भी आए हैं। इस संबंध में आमिर अहमद के भाई डॉक्टर ताहिर ने फोन के जरिए बताया कि उनका भाई आमिर अहमद यूक्रेन के लवीव शहर में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। युद्ध शुरू हो जाने से उसे भी काफी दिक्कतें झेलनी पड़ी। ताहिर ने बताया कि आमिर उनके साथ दिल्ली से मुंबई जा रहा है, जहां पर वह मुंबई स्थित अपने घर पर रहेगा। वहां से एक पखवारे बाद वापस डुमरियागंज क्षेत्र के ग्राम औसानपुर लौटेगा।
मोबाइल फोन से नहीं हो पाई बात
खेसरहा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के रविशंकर गुप्ता एवं शिवेन्द्र पाण्डेय यूक्रेन में फंसे हुए हैं। घर के लोग काफी परेशान हैं। बनुहिया बुजुर्ग निवासी रविशंकर गुप्ता यूक्रेन के टार्नोपिल शहर में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। रूस एवं यूक्रेन के युद्ध के चलते 25 फरवरी को पोलैंड वार्डर के रास्ते भारत आना चाहते थे, लेकिन पोलैंड के सैनिकों ने प्रवेश नहीं दिया। वहां छात्रों के एक वीडियो वायरल होने के बाद वहां के दूतावास ने छात्रों को यूक्रेन के एक सुरक्षित स्थान पर रोक दिया है।
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पिता रामफेर ने बताया कि 27 फरवरी सुबह बात हुई थी। अब वहां का फोन नहीं लग रहा है। सुबही नगवा निवासी शिवेंद्र पाण्डेय यूक्रेन की राजधानी कीव मे एमबीबीएस के तीसरे वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। उनके पिता चन्द्रभूषण पाण्डेय ने बताया कि सोमवार सुबह बात हुई है, वे बंकर में थे। कर्फ्यू हटने के बाद कीव शहर से बार्डर तक आने के लिए ट्रेन पकड़ लिए हैं।
बढ़नी प्रतिनधि के अनुसार क्षेत्र के फैसल निसार यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई के लिए गए हैं। उनके बड़े पिता आफताब आलम ने बताया रविवार की रात में 10 बजे वीडियो कॉलिंग से बात हुई थी। उसने बताया कि गोलियों की आवाज बराबर सुनाई पड़ती है, जिससे हमेशा डर बना रहता है। घर परिवार के लोग टीवी के माध्यम से खबरों पर बराबर नजर बनाए हुए हैं।
भारतीय छात्र पर किया पथराव
भवानीगंज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के भंडरिया दलमीर डीह निवासी अखलाक अहमद भी यूक्रेन में फंसे हैं। उनके भाई अशफाक ने बताया कि सोमवार दोपहर 1 बजे बात हुई तो अखलाक ने बताया कि भारत यूक्रेन के पक्ष में वोट नहीं किया था। इससे नाराज यूक्रेन के नागरिकों व छात्रों ने भारतीय छात्र के ऊपर पथराव किया। बनगवां नानकार निवासी राहुल प्रताप पांडे के भाई महेंद्र प्रताप पांडे ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
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सिद्धार्थनगर। यूक्रेन से सोमवार को दिल्ली पहुंचे दल में डुमरियागंज का छात्र भी शामिल है।
यूक्रेन में फंसे छात्र-छात्राओं के वापस आने का सिलसिला शुरू होने के बाद अभिभावकों को राहत मिल रही है। वहीं, जिन अभिभावकों के बच्चे यूक्रेन में फंसे हुए हैं, वे वीडियो में छात्र-छात्राओं की अपील और तबाही देखकर चिंतित हैं।
जिले के औसानपुर निवासी एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र आमिर अहमद इंडियन एयरलाइंस के जरिए सोमवार की सुबह सकुशल दिल्ली पहुंच गए। उनके साथ फ्लाइट से देश के विभिन्न शहरों में रहने वाले कुल 215 छात्र-छात्राएं भी आए हैं। इस संबंध में आमिर अहमद के भाई डॉक्टर ताहिर ने फोन के जरिए बताया कि उनका भाई आमिर अहमद यूक्रेन के लवीव शहर में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। युद्ध शुरू हो जाने से उसे भी काफी दिक्कतें झेलनी पड़ी। ताहिर ने बताया कि आमिर उनके साथ दिल्ली से मुंबई जा रहा है, जहां पर वह मुंबई स्थित अपने घर पर रहेगा। वहां से एक पखवारे बाद वापस डुमरियागंज क्षेत्र के ग्राम औसानपुर लौटेगा।
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मोबाइल फोन से नहीं हो पाई बात
खेसरहा प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के रविशंकर गुप्ता एवं शिवेन्द्र पाण्डेय यूक्रेन में फंसे हुए हैं। घर के लोग काफी परेशान हैं। बनुहिया बुजुर्ग निवासी रविशंकर गुप्ता यूक्रेन के टार्नोपिल शहर में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। रूस एवं यूक्रेन के युद्ध के चलते 25 फरवरी को पोलैंड वार्डर के रास्ते भारत आना चाहते थे, लेकिन पोलैंड के सैनिकों ने प्रवेश नहीं दिया। वहां छात्रों के एक वीडियो वायरल होने के बाद वहां के दूतावास ने छात्रों को यूक्रेन के एक सुरक्षित स्थान पर रोक दिया है।
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पिता रामफेर ने बताया कि 27 फरवरी सुबह बात हुई थी। अब वहां का फोन नहीं लग रहा है। सुबही नगवा निवासी शिवेंद्र पाण्डेय यूक्रेन की राजधानी कीव मे एमबीबीएस के तीसरे वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। उनके पिता चन्द्रभूषण पाण्डेय ने बताया कि सोमवार सुबह बात हुई है, वे बंकर में थे। कर्फ्यू हटने के बाद कीव शहर से बार्डर तक आने के लिए ट्रेन पकड़ लिए हैं।
बढ़नी प्रतिनधि के अनुसार क्षेत्र के फैसल निसार यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई के लिए गए हैं। उनके बड़े पिता आफताब आलम ने बताया रविवार की रात में 10 बजे वीडियो कॉलिंग से बात हुई थी। उसने बताया कि गोलियों की आवाज बराबर सुनाई पड़ती है, जिससे हमेशा डर बना रहता है। घर परिवार के लोग टीवी के माध्यम से खबरों पर बराबर नजर बनाए हुए हैं।
भारतीय छात्र पर किया पथराव
भवानीगंज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के भंडरिया दलमीर डीह निवासी अखलाक अहमद भी यूक्रेन में फंसे हैं। उनके भाई अशफाक ने बताया कि सोमवार दोपहर 1 बजे बात हुई तो अखलाक ने बताया कि भारत यूक्रेन के पक्ष में वोट नहीं किया था। इससे नाराज यूक्रेन के नागरिकों व छात्रों ने भारतीय छात्र के ऊपर पथराव किया। बनगवां नानकार निवासी राहुल प्रताप पांडे के भाई महेंद्र प्रताप पांडे ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है।