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Siddharthnagar News: कब्जा परिवर्तन के लिए हुई पैमाइश, तैनात रही फोर्स
Thu, 23 Apr 2026 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 23 Apr 2026 02:38 AM IST
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इटवा। तहसील इटवा के ग्राम राजपुर में भारी पुलिस बल और अधिकारियों की मौजूदगी में बुधवार को पैमाइश का काम शुरू हो गया। चकबंदी के तहत कब्जा परिवर्तन के लिए पैमाइश की शुरुआत होने से अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली है।
बताते चलें कि इटवा थाने के ग्राम राजपुर में पैमाइश न होने से चकबंदी विभाग के साथ ही उच्च अधिकारी भी परेशान थे। पैमाइश को लेकर छोटे काश्तकारों का विरोध था, इनको भय था कि उनके खेतों पर कही बड़े काश्तकार कब्जा न कर लें। यही भय इनके विरोध का प्रमुख कारण रहा।
जब भी चकबंदी विभाग ने पैमाइश (कब्जा परिवर्तन) के लिए गांव में जाकर प्रयास किया। तो सैकड़ों लोग विरोध पर उतर आए। बड़ी आबादी का गांव होने के चलते हमेशा सैकड़ों की भीड़ विरोध में खड़ी मिली। इसके चलते कई बार पैमाइश के लिए गए कर्मचारियों व अधिकारियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा। 16 अप्रैल को भी पैमाइश के लिए भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे अधिकारियों को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। गांव के कुछ लोगों का कहना था कि यदि जबरदस्ती पैमाइश की गई तो वे आत्मदाह कर लेंगे।
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अधिकारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए, इन्हीं गांव वालो से 22 अप्रैल की तारीख ले ली। तय हुआ कि यदि हम कोई स्थगन आदेश नहीं ला पाएंगे तो आप बुधवार से पैमाइश कर सकते हैं। इसके बावजूद प्रशासन बुधवार को पूरी तैयारी के साथ गांव में मौजूद रहा।
त्रिलोकपुर, डुमरियागंज, गोल्हौरा, मिश्रौलिया, इटवा थाने और पीएसी के जवान काफी संख्या में गांव में मौजूद रहे। यही नहीं एसडीएम डुमरियागंज प्रशासनिक राजेश कुमार, एसडीएम न्यायिक राहुल सिंह, तहसीलदार रवि यादव, सीओ चकबंदी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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बताते चलें कि इटवा थाने के ग्राम राजपुर में पैमाइश न होने से चकबंदी विभाग के साथ ही उच्च अधिकारी भी परेशान थे। पैमाइश को लेकर छोटे काश्तकारों का विरोध था, इनको भय था कि उनके खेतों पर कही बड़े काश्तकार कब्जा न कर लें। यही भय इनके विरोध का प्रमुख कारण रहा।
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जब भी चकबंदी विभाग ने पैमाइश (कब्जा परिवर्तन) के लिए गांव में जाकर प्रयास किया। तो सैकड़ों लोग विरोध पर उतर आए। बड़ी आबादी का गांव होने के चलते हमेशा सैकड़ों की भीड़ विरोध में खड़ी मिली। इसके चलते कई बार पैमाइश के लिए गए कर्मचारियों व अधिकारियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा। 16 अप्रैल को भी पैमाइश के लिए भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे अधिकारियों को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। गांव के कुछ लोगों का कहना था कि यदि जबरदस्ती पैमाइश की गई तो वे आत्मदाह कर लेंगे।
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अधिकारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए, इन्हीं गांव वालो से 22 अप्रैल की तारीख ले ली। तय हुआ कि यदि हम कोई स्थगन आदेश नहीं ला पाएंगे तो आप बुधवार से पैमाइश कर सकते हैं। इसके बावजूद प्रशासन बुधवार को पूरी तैयारी के साथ गांव में मौजूद रहा।
त्रिलोकपुर, डुमरियागंज, गोल्हौरा, मिश्रौलिया, इटवा थाने और पीएसी के जवान काफी संख्या में गांव में मौजूद रहे। यही नहीं एसडीएम डुमरियागंज प्रशासनिक राजेश कुमार, एसडीएम न्यायिक राहुल सिंह, तहसीलदार रवि यादव, सीओ चकबंदी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।