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Siddharthnagar News: भारतीय संस्कृत के साथ वैज्ञानिक दृष्टि से भी नवरात्र व्रत का विशेष महत्व

Mon, 07 Oct 2024 05:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 07 Oct 2024 05:06 AM IST
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Many problems of the body go away by fasting for nine days. Eating satvik food increases the body's immunity.
सिद्धार्थनगर। शक्ति शुद्धि एवं सकारात्मक का पर्व शारदीय नवरात्रि अपने आप में एक बड़ा त्योहार है। इसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना की जाती है, नवरात्रि का व्रत करना भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण धार्मिक और आध्यात्मिक परंपरा है। नवरात्रि के नौ दिन व्रत करने का न केवल धार्मिक कारण ही हैं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी हैं।
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मेडिकल साइंस के हिसाब से शारदीय नवरात्र के समय में मौसम व जलवायु का बदलाव होता है। ऐसे में पाचन तंत्र, इम्यूनिटी बूस्ट के लिए व्रत सबसे अच्छा है। लेकिन डायबिटीज में लोगों को व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। साथ ही समय पर दवाओं का सेवन भी करना चाहिए। व्रत करने से मन और शरीर की शुद्धि होती है, यह आत्मा के लिए सफाई प्रक्रिया की तरह है। उपवास और ध्यान करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जो मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। व्रत के दौरान शुद्ध आहार लेने से शरीर को डिटॉक्स (शरीर की विषाक्तता) को बाहर निकालने का अवसर मिलता है। यह वजन नियंत्रण और पाचन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद रहता है। इससे समर्पण और त्याग की भावना विकसित होती है, जो जीवन के अन्य क्षेत्र में सहायक होती है। शारदीय नवरात्र व्रत अक्टूबर महीने में पड़ता है।
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फल व मेले से मिलता है उर्जा, सात्विक होता है मन
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के गृहविज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ. दीप्ति गिरि ने बताया कि इस मौसम में फल का सेवन अधिक करना चाहिए। फल व मेवे प्राकृतिक शर्करा से भरपूर होते हैं, जो तुरंत ऊर्जा देते हैं यह व्रत के दौरान थकान से बचाने में मदद करते हैं। मौसमी फलों में प्रचुर मात्रा में पानी होता है, इसके सेवन से शरीर को डी-हाइड्रेट रखने में मदद मिलता है। व्रत के दौरान अनार, नाशपाती, खीरा, पपीता, संतरा सहित अन्य मौसमी फलों का सेवन प्रचुर मात्रा में करना चाहिए। फलाहार भोजन में आवश्यक पोषक तत्व, विटामिन एवं खनिज लवण होते हैं, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
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सात्विक-संतुलित भोजन से पाचन शक्ति होती है मजबूत
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने कहा कि इन नौ दिनों के दौरान लोग उपवास रहते हैं। सात्विक भोजन का सेवन करते हैं, सात्विक भोजन शुद्ध और संतुलित माना जाता है। ऐसा भोजन जो शरीर की मशीन में आसानी से पचे और विकार न पैदा करें, उसे ही सात्विक भोजन कहते हैं। गरिष्ठ या तामसिक भोजन जो स्वाद में अच्छा लग सकता है, लेकिन उसे पचाने में शरीर को ज्यादा ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। इससे शरीर और मन दोनों थक जाता है। सादा खाना पाचन तंत्र को आराम भी देता है, और डिटॉक्सीफिकेशन भी होता है। नवरात्र के दौरान उपवास रखने का वैज्ञानिक कारण आपके शरीर को डिटॉक्सीफाई करना है। व्रत आंतों को साफ करने और उसको मजबूत करने में भी मदद करता हैं।

इन बातों का रखें ध्यान
-व्रत के दौरान हल्का और सुपाच्य भोजन लेना चाहिए।
-अधिक कार्बोज और शर्करा युक्त भोजन लेने से बचना चाहिए।
-अत्यधिक तली-भुनी चीजों के सेवन से परहेज करना चाहिए।
-अधिक से अधिक पानी का सेवन करें,दही जूस छाछ आदि का सेवन करें।
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