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कुपोषण के प्रति जागरूकता जरूरी
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 30 Mar 2016 11:15 PM IST
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बैठक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला स्तरीय पोषण समिति की बैठक बुधवार को विकास भवन स्थित डॉ. अंबेडकर सभागार में हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीडीओ अखिलेश तिवारी ने कहा कि कुपोषित, अतिकुपोषित बच्चों को पोषित करने की दिशा में मिले दायित्वों व कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए 62 अधिकारियों को समीक्षा के लिए नियुक्त किया गया है।
सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का ठीक ढंग से निर्वहन करने का निर्देश देते हुए कहा कि गांवों को गोद लिए हुए नामित अधिकारी नियमित विजिट के दौरान चिन्हित अतिकुपोषित बच्चों के माता-पिता को जागरूक किया जाए।
खुले में शौच पर रोक लगाने के लिए लोगों में जागरूकगता फैलाई जाए जिससे गंदगी से फैलने वाली तमाम बीमारियों पर अंकुश लग सके। सरकार गांवों में पात्र लाभार्थियों को शौचालय के निर्माण के लिए 12 हजार रूपए का अनुदान पंचायती राज विभाग के माध्यम से दे रही है।
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गांव वालों को इसके लिए प्रेरित किया जाए कि वे खुले में शौच न करें। उन्होंने कहा कि कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को तीन श्रेणियों में बाटा गया है। सीएमओ डॉ. जीसी. श्रीवास्तव, मंडलीय टेक्रिकल कोआर्डीनेटर शैलेंद्र तिवारी, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने भी अतिकुपोषित बच्चों को सामान्य बच्चों की श्रेणी में लाने के लिए प्रत्येक बिंदु पर जानकारी दी।
इस दौरान डीडीओ सुदामा प्रसाद, एसडीएम इटवा जुबेर बेग, एसडीएम डुमरियांग विनय कुमार सिंह, एसडीएम बांसी योगानंद पांडेय, एसडीएम शोहरतगढ़ सुरेंद्रनाथ मिश्र, डीआईओएस सोमारू प्रधान, जिला समाज कल्याण अधिकारी विपिन कुमार यादव, सहायक निदेशक बचत ओम प्रकाश सोनकर, डीपीआरओ शशिकांत पांडेय आदि मौजूद रहे।
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सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का ठीक ढंग से निर्वहन करने का निर्देश देते हुए कहा कि गांवों को गोद लिए हुए नामित अधिकारी नियमित विजिट के दौरान चिन्हित अतिकुपोषित बच्चों के माता-पिता को जागरूक किया जाए।
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खुले में शौच पर रोक लगाने के लिए लोगों में जागरूकगता फैलाई जाए जिससे गंदगी से फैलने वाली तमाम बीमारियों पर अंकुश लग सके। सरकार गांवों में पात्र लाभार्थियों को शौचालय के निर्माण के लिए 12 हजार रूपए का अनुदान पंचायती राज विभाग के माध्यम से दे रही है।
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गांव वालों को इसके लिए प्रेरित किया जाए कि वे खुले में शौच न करें। उन्होंने कहा कि कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को तीन श्रेणियों में बाटा गया है। सीएमओ डॉ. जीसी. श्रीवास्तव, मंडलीय टेक्रिकल कोआर्डीनेटर शैलेंद्र तिवारी, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने भी अतिकुपोषित बच्चों को सामान्य बच्चों की श्रेणी में लाने के लिए प्रत्येक बिंदु पर जानकारी दी।
इस दौरान डीडीओ सुदामा प्रसाद, एसडीएम इटवा जुबेर बेग, एसडीएम डुमरियांग विनय कुमार सिंह, एसडीएम बांसी योगानंद पांडेय, एसडीएम शोहरतगढ़ सुरेंद्रनाथ मिश्र, डीआईओएस सोमारू प्रधान, जिला समाज कल्याण अधिकारी विपिन कुमार यादव, सहायक निदेशक बचत ओम प्रकाश सोनकर, डीपीआरओ शशिकांत पांडेय आदि मौजूद रहे।