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Siddharthnagar News: बारिश हुई तो पांव पसारने लगा मलेरिया
Sat, 26 Aug 2023 02:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 26 Aug 2023 02:11 AM IST
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सिद्धार्थनगर। लगातार बारिश होने और मच्छरों के डंक मारने से मलेरिया पांव पसारने लगा है। वहीं, तेज बुखार के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बुखार के रोगियों के संख्या बढ़ गई है। पीआईसीयू वार्ड के सभी बेडफुल हो गए हैं। इसमें तेज बुखार के रोगी हैं। चिकित्सक इसे मौसम का बदलाव बता रहे हैं।
शुक्रवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की पड़ताल की गई तो यहां अधिकांश रोगी मौसम बीमारी, जैसे बुखार, जुकाम, खांसी और शरीर में दर्द वाले अधिक दिखे। बालरोग विशेषज्ञ चिकित्सक के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी हुई थी। दोपहर 12 बजे तक 77 बच्चों को देखा जा चुका था। इसमें लगभग सभी बुखार और जुकाम से पीड़ित मिले। नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ के कक्ष में मरीज दिखे। चिकित्सक ने बताया कि बारिश में कान में फंगस के रोगी बढ़े हैं। प्रतिदिन ओपीडी में लगभग 50 मरीज इस बीमारी से पीडि़त होकर आ रहे हैं। वहीं पीआईसीयू वार्ड को देखा गया। जहां पर जपानी इंसेफेलाइटिस से पीडि़त बच्चे भर्ती रहते हैं। मौजूदा समय में सभी 15 बेड फुल हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों के मुताबिक जिले में जेई के संभावित लक्षण वाले 26 मरीज पाए जा चुके हैं। जबकि मलेरिया से ग्रसित छह मरीज जिले में मिले हैं। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही है। जो संसाधन है, उसमें बेहतर इलाज किया जा रहा है।
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शुक्रवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की पड़ताल की गई तो यहां अधिकांश रोगी मौसम बीमारी, जैसे बुखार, जुकाम, खांसी और शरीर में दर्द वाले अधिक दिखे। बालरोग विशेषज्ञ चिकित्सक के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी हुई थी। दोपहर 12 बजे तक 77 बच्चों को देखा जा चुका था। इसमें लगभग सभी बुखार और जुकाम से पीड़ित मिले। नाक, कान गला रोग विशेषज्ञ के कक्ष में मरीज दिखे। चिकित्सक ने बताया कि बारिश में कान में फंगस के रोगी बढ़े हैं। प्रतिदिन ओपीडी में लगभग 50 मरीज इस बीमारी से पीडि़त होकर आ रहे हैं। वहीं पीआईसीयू वार्ड को देखा गया। जहां पर जपानी इंसेफेलाइटिस से पीडि़त बच्चे भर्ती रहते हैं। मौजूदा समय में सभी 15 बेड फुल हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों के मुताबिक जिले में जेई के संभावित लक्षण वाले 26 मरीज पाए जा चुके हैं। जबकि मलेरिया से ग्रसित छह मरीज जिले में मिले हैं। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही है। जो संसाधन है, उसमें बेहतर इलाज किया जा रहा है।
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