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Siddharthnagar News: फैकल्टी की डिग्रियों की जांच, अन्य मेडिकल कॉलेजों को भेजा जाएगा पत्र
Thu, 18 Jan 2024 02:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 18 Jan 2024 02:18 AM IST
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में अपूर्ण और फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाले फैकल्टी के डॉक्टरों की डिग्री की जांच होगी। जिनकी शिकायत मिली है, उन फैकल्टी डॉक्टरों ने जिन मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई की है। वहां पर माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से पत्र भेजा जाएगा और जवाब आने के बाद जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। हालांकि, जवाब आते ही स्पष्ट हो जाएगा कि संबंधित फैकल्टी की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा होने या नहीं होने का खुलासा हो जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में सेवारत चार फैकल्टी डॉक्टरों की जांच होने के संकेत मिले हैं। मेडिकल कॉलेज में एनएमसी के नोडल अफसर डॉ. नौशाद आलम और माइक्राबॉयोलॉजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आरती चतुर्वेदी के आमने सामने आने के बाद फर्जीवाड़े की पोल खुल रही है। नोडल अफसर ने प्रभारी प्राचार्य को पत्र और संबंधित दस्तावेज सौंपा है, तो दूसरे पक्ष ने भी एक और असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में दस्तावेजों पर सवाल उठाया है। हालांकि, जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कौन सही है और किसने फर्जीवाड़ा की है।
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यह भी कारण
मेडिकल कॉलेज में चर्चा है कि विभागीय पद पर नियुक्ति को लेकर दो डॉक्टरों में टकराहट हुई है। माइक्राेबॉयोलाॅजी विभाग में डॉ. आरती चतुर्वेदी और एनएमसी के नोडल अफसर डॉ. नौशाद आलम की पत्नी डॉ. शगुफ्ता संविदा पर असिस्टेंट प्रोफेसर है। असिस्टेंट प्रोफेसर पद ही विभागीय नियुक्ति होने का विज्ञापन जारी हुआ है और दोनों असिस्टेंट प्रोफेसर ने आवेदन किया है।
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वर्जन
मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की नियुक्तियों में शिकायत हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी। वैसे, गड़बड़ी होने की आशंका नहीं है। संबंधित फैकल्टी ने जिन मेडिकल कॉलेजाें में पढ़ाई की है, वहां पत्र भेजकर रिपोर्ट मांगी जाएगी।
डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य
मारपीट, तोड़ फोड़ के मामले में हुई जांच
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल के इमरजेंसी में 8 जनवरी को हुई मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में एडीएम उमाशंकर ने जांच शुरू की है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में जांच प्रक्रिया देखी और रिपोर्ट मांगी है। प्रभारी प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में जांच की जा रही है। 8 जनवरी की रात में जूनियर डॉक्टर और आउटसोर्स कर्मियों में मारपीट हो गई। उसके बाद जूनियर डॉक्टर के बुलाने पर मेडिकल हॉस्टल से 100 से अधिक मेडिकल छात्र इमरजेंसी में पहुंचे थे।
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मेडिकल कॉलेज में सेवारत चार फैकल्टी डॉक्टरों की जांच होने के संकेत मिले हैं। मेडिकल कॉलेज में एनएमसी के नोडल अफसर डॉ. नौशाद आलम और माइक्राबॉयोलॉजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आरती चतुर्वेदी के आमने सामने आने के बाद फर्जीवाड़े की पोल खुल रही है। नोडल अफसर ने प्रभारी प्राचार्य को पत्र और संबंधित दस्तावेज सौंपा है, तो दूसरे पक्ष ने भी एक और असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में दस्तावेजों पर सवाल उठाया है। हालांकि, जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कौन सही है और किसने फर्जीवाड़ा की है।
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यह भी कारण
मेडिकल कॉलेज में चर्चा है कि विभागीय पद पर नियुक्ति को लेकर दो डॉक्टरों में टकराहट हुई है। माइक्राेबॉयोलाॅजी विभाग में डॉ. आरती चतुर्वेदी और एनएमसी के नोडल अफसर डॉ. नौशाद आलम की पत्नी डॉ. शगुफ्ता संविदा पर असिस्टेंट प्रोफेसर है। असिस्टेंट प्रोफेसर पद ही विभागीय नियुक्ति होने का विज्ञापन जारी हुआ है और दोनों असिस्टेंट प्रोफेसर ने आवेदन किया है।
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मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की नियुक्तियों में शिकायत हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी। वैसे, गड़बड़ी होने की आशंका नहीं है। संबंधित फैकल्टी ने जिन मेडिकल कॉलेजाें में पढ़ाई की है, वहां पत्र भेजकर रिपोर्ट मांगी जाएगी।
डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य
मारपीट, तोड़ फोड़ के मामले में हुई जांच
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल के इमरजेंसी में 8 जनवरी को हुई मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में एडीएम उमाशंकर ने जांच शुरू की है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में जांच प्रक्रिया देखी और रिपोर्ट मांगी है। प्रभारी प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में जांच की जा रही है। 8 जनवरी की रात में जूनियर डॉक्टर और आउटसोर्स कर्मियों में मारपीट हो गई। उसके बाद जूनियर डॉक्टर के बुलाने पर मेडिकल हॉस्टल से 100 से अधिक मेडिकल छात्र इमरजेंसी में पहुंचे थे।