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Siddharthnagar News: अब संविदा नहीं विभागीय बाबू करेंगे वित्तीय कार्य
Fri, 22 Dec 2023 01:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 22 Dec 2023 01:05 AM IST
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में मेस के चार्ज बदलने दो बाबुओं के बीच हुए बवाल के मामले की जांच में दाेनों बरी हो गए हैं। लेकिन इसके बाद समिति ने मेडिकल कॉलेज के वित्तीय कार्य संविदा कर्मियों की जगह विभागीय बाबू से लेने का निर्णय लिया है।
मेडिकल कॉलेज में मेस का चार्ज बदलने को लेकर दो बाबू आपस में भिड़ गए थे, जिसके बाद बाबुओं पर वित्तीय अनियमितता पर भी सवाल उठाया गया था, लेकिन मंगलवार को आई जांच रिपोर्ट के बाद दोनों बाबुओं को बरी कर दिया गया। जबकि वित्तीय अनियमितता के मामले में जांच नहीं की गई। जांच समिति के बवाल के बाद दोनों बाबुओं ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाया था। जिस पर गठित जांच टीम ने दोनों बाबुओं से पूछताछ कर सभी रजिस्टर को मंगवाया और फीस का हिसाब लिया। जिसमें दोनों बाबुओं के बयान लिया गया।
दोनों बाबुओं ने एक दूसरे से सुलह समझौता कर लिया। नोडल डॉ. नौशाद आलम ने बताया कि जांच टीम ने दोनों बाबुओं से पूछताछ की गई, जिसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं मिलने पर जांच रिपोर्ट में दोनों बाबू बरी हो गए।
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वर्जन
दोनों बाबुओं से पूछताछ की गई, जिसमें दोनों ने आपस में सुलह कर लिया है। जिससे इस प्रकरण का पटाक्षेप हो गया। समिति के निर्णय के अनुसार वित्तीय संबंधित कार्य के लिए केवल विभागीय बाबू को ही दिया जाएगा। जिससे किसी भी प्रकार के वित्तीय अनियमितता होने की संभावना नहीं रहे।
-डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य
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मेडिकल कॉलेज में मेस का चार्ज बदलने को लेकर दो बाबू आपस में भिड़ गए थे, जिसके बाद बाबुओं पर वित्तीय अनियमितता पर भी सवाल उठाया गया था, लेकिन मंगलवार को आई जांच रिपोर्ट के बाद दोनों बाबुओं को बरी कर दिया गया। जबकि वित्तीय अनियमितता के मामले में जांच नहीं की गई। जांच समिति के बवाल के बाद दोनों बाबुओं ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाया था। जिस पर गठित जांच टीम ने दोनों बाबुओं से पूछताछ कर सभी रजिस्टर को मंगवाया और फीस का हिसाब लिया। जिसमें दोनों बाबुओं के बयान लिया गया।
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दोनों बाबुओं ने एक दूसरे से सुलह समझौता कर लिया। नोडल डॉ. नौशाद आलम ने बताया कि जांच टीम ने दोनों बाबुओं से पूछताछ की गई, जिसमें किसी तरह की अनियमितता नहीं मिलने पर जांच रिपोर्ट में दोनों बाबू बरी हो गए।
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दोनों बाबुओं से पूछताछ की गई, जिसमें दोनों ने आपस में सुलह कर लिया है। जिससे इस प्रकरण का पटाक्षेप हो गया। समिति के निर्णय के अनुसार वित्तीय संबंधित कार्य के लिए केवल विभागीय बाबू को ही दिया जाएगा। जिससे किसी भी प्रकार के वित्तीय अनियमितता होने की संभावना नहीं रहे।
-डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य