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खूब बरसीं घटाएं, हर चेहरे पर खुशी
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 17 Jul 2016 10:11 PM IST
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जमुआर नाला का बढ़ रहा जलस्तर।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। शुक्रवार की रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। पूरे दिन रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। लगातार वर्षा से जहां गर्मी के संत्रास से लोगों को राहत मिली है, वहीं नदियों-नालों के जलस्तर में भी वृद्धि होने लगी है। नगर से सटे जमुआर नाले में पानी तेजी से बढ़ा है। दो दिनों में करीब तीन मीटर तक वृद्धि बताई जा रही है। हालांकि राप्ती, बूढ़ी राप्ती, बानगंगा जैसी नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं।
जून माह में औसत से भी कम वर्षा के बाद किसानों को जुलाई माह से उम्मीद बंधी थी, मगर शुरुआती 15 दिनों में खास असर न देख किसान मायूस होने लगे थे। खेतों में रोपी गई धान की फसल को बचाने का संकट आ गया था। किसान बारिश के लिए दुआओं में लगे थे, इस बीच शुक्रवार की शाम हुई झमाझम बारिश ने सबको खुश कर दिया। शनिवार को दिन में भी हल्की बरसात हुई। इसके बाद देर शाम बादलों ने थमकर बरसना शुरू किया।
रविवार की दोपहर तक यह वर्षा रुक-रुककर होती रही। बारिश से सड़कों पर जलजमाव हो गया है। उधर, लगातार बारिश का असर नदियों-नालों के जलस्तर पर भी दिखने लगा है। नगर के पास से गुजरते जमुआर नाले में पिछले 24 घंटों के दौरान पानी तेजी से बढ़ा है। सामान्य दिनों में सूखे नाले में बारिश के बाद बहाव तेज हो गया है। दोनों किनारों तक पानी पहुंचने के बाद आस-पास के लोग सहम गए हैं।
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उधर, राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा और बाणगंगा नदियों के जलस्तर में थोड़ी वृद्धि नजर आने लगी है। हालांकि यह नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं। बताते हैं कि नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बरसात के बाद इन नदियों के जलस्तर में वृद्धि होती है। जिला प्रशासन पूरे हालात पर निगाह जमाए हुए है।
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जून माह में औसत से भी कम वर्षा के बाद किसानों को जुलाई माह से उम्मीद बंधी थी, मगर शुरुआती 15 दिनों में खास असर न देख किसान मायूस होने लगे थे। खेतों में रोपी गई धान की फसल को बचाने का संकट आ गया था। किसान बारिश के लिए दुआओं में लगे थे, इस बीच शुक्रवार की शाम हुई झमाझम बारिश ने सबको खुश कर दिया। शनिवार को दिन में भी हल्की बरसात हुई। इसके बाद देर शाम बादलों ने थमकर बरसना शुरू किया।
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रविवार की दोपहर तक यह वर्षा रुक-रुककर होती रही। बारिश से सड़कों पर जलजमाव हो गया है। उधर, लगातार बारिश का असर नदियों-नालों के जलस्तर पर भी दिखने लगा है। नगर के पास से गुजरते जमुआर नाले में पिछले 24 घंटों के दौरान पानी तेजी से बढ़ा है। सामान्य दिनों में सूखे नाले में बारिश के बाद बहाव तेज हो गया है। दोनों किनारों तक पानी पहुंचने के बाद आस-पास के लोग सहम गए हैं।
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उधर, राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा और बाणगंगा नदियों के जलस्तर में थोड़ी वृद्धि नजर आने लगी है। हालांकि यह नदियां अभी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं। बताते हैं कि नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बरसात के बाद इन नदियों के जलस्तर में वृद्धि होती है। जिला प्रशासन पूरे हालात पर निगाह जमाए हुए है।