फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Lockdowen Iffect power pople

लॉक डाउन में भुखमरी की कगार पर पहुंचे मुड़िला डीह के परिवार

Sat, 04 Apr 2020 07:33 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2020 07:33 PM IST
विज्ञापन
Lockdowen Iffect power pople
ढ़नी से सटे मुड़िला डीह के लोगों तक नही पंहुच रहा राशन। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
भुखमरी की कगार पर मुड़िलाडीह के घुमंतू समुदाय
विज्ञापन

बढ़नी और दुधवनिया बुजुर्ग के बीच बसा मुड़िलाडीह इन दोनों का हिस्सा नहीं
गरीब परिवारों के पास नहीं पहुंच रही प्रशासन की मदद
विजय श्रीवास्तव
बढ़नी। बढ़नी नगर पंचायत और दुधवनिया बुजुर्ग के बीच बसे करीब 100 परिवारों वाले मुड़िलाडीह के लोग लॉकडाउन के कारण भुखमरी की कगार पर पहुुंच चुके हैं। कारण, यह छोटा सा डीह न तो नगर पंचायत का हिस्सा है और न ही दुधवनिया बुजुर्ग गांव का। गरीब, मजदूर-घुमंतू समुदाय के सदस्यों वाले इस गांव में न तो नगर पंचायत प्रशासन मदद पहुंचा रहा है और न ही दुधवनिया बुजुर्ग गांव का प्रधान। प्रशासनिक अधिकारी इस गांव के उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आने की बात कह पल्ला झाड़ रहे हैं।
21 दिन का लॉकडाउन घोषित होने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर, मजदूर, बेसहारा और जरुरतंमदों को राशन आदि पहुंचाने के आदेश शासन ने जारी किए हैं। प्रशासनिक दस्तावेजों में इस डीह को कोई पहचान नहीं मिली इसलिए यहां तक राहत सामग्री भी नहीं पहुंच रही। गांव की अनारा देवी घर-घर जाकर सिल-लोढ़ा छीनने का काम करती हैं। वह बताती हैं कि दुधवनिया डीह पहले नगर पंचायत बढ़नी का हिस्सा था। यहां के लोग वार्ड नंबर एक के प्रत्याशी के लिए वोट देते थे। अर्सा पहले परिसीमन हुआ और इसे नगर पंचायत के बाहर कर दिया गया। अब गांव वाले सांसद-विधायक चुनने के लिए तो वोट देते हैं लेकिन नगर पंचायत या ग्राम पंचायत में इनका वोट शामिल नहीं है। पहले राशन कार्ड बना था, नगर पंचायत से बाहर हुए तो राशन कार्ड भी रद्द कर दिए गए। इस डीह में दैनिक मजदूरी, सिल-लोढ़ा छीनने वाले, सब्जी, चाय का ठेला लगाने वाले आदि लोगों केे करीब 100 परिवार हैं। विकास कार्य तो दूर किसी गांववालों को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलता। पेंशन, राशन, आवास कोई सुविधा नहीँ। लॉकडाउन में जमा पूंजी और राशन सब खत्म हो चुका है लेकिन प्रशासन की ओर से कोई राहत नहीं दी जा रही है। चाय बेचने वाली उषा देवी काम बंद होने के कारण दो बच्चों का पेट नहीं पाल पा रही हैं। परमात्मा प्रसाद, वकील, रामू, अजय, शहजादे, श्यामू, कल्लू आदि दैनिक मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। अधिकतर लोगों के घर में दो दिन से चूल्हा नहीं जल पाया है।
विज्ञापन

मुड़िलाडीह हमारी नगर पंचायत का हिस्सा नहीं है इसलिए वहां के लोगों को नगर पंचायत चुनाव में मतदान का अधिकार नहीं है। बताया जाता है कि बहुत पहले तय हुआ था कि सर्वे का मुड़िलाडीह को ग्रामीण वार्ड बनाया जाएगा, वर्तमान में यह प्रकरण शासन स्तर पर लंबित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

राजन गुप्ता, ईओ नगर पंचायत बढ़नी
पहचान दिलाने के लिए हो चुके हैं प्रदर्शन
दुधवनिया बुजुर्ग के ग्राम प्रधान हैदर आलम बताते हैं कि मुड़िलाडीह को नगर पंचायत बढ़नी या दुधवनिया बुजुर्ग में शामिल किए जाने के लिए कई बार धरना-प्रदर्शन हुए हैं। हर बार अधिकारियों ने इस डीह को या तो नगर पंचायत या हमारे गांव में समायोजित करने का आश्वासन दिया लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। विकास के नाम पर सांसद जगदंबिका पाल ने सांसद निधि से इस गांव के नाली बनवाई थी इसके अलावा कोई विकास कार्य नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed