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Siddharthnagar News: मौसम की मार से पशुधन पर संकट, बीमारियों का खतरा

Sat, 25 Apr 2026 12:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 25 Apr 2026 12:47 AM IST
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Livestock in crisis due to weather, risk of diseases
सिद्धार्थनगर। नेपाल की तराई में गिने जाने वाला जनपद गर्मी के मामले में राजस्थान जैसा हो चला है। पारा 42 डिग्री छूने को है। यह लू न सिर्फ इंसान के सेहत पर भारी पड़ रहा है बल्कि, पशुओं के लिए भी घातक बताई जा रही है। मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने अब पशुधन पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है।
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दिन में तेज गर्मी और रात में मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच नमी और उमस ने संक्रामक बीमारियों के लिए अनुकूल माहौल बना दिया है। इसका नतीजा यह है कि जिले भर में पशुओं में बुखार, खांसी, मुंह-खुर रोग और अन्य संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका बनी हुई है। पशुपालकों की जरा सी लापरवाही न सिर्फ पशुओं की जान पर भारी पड़ सकती है बल्कि उनके सामने आर्थिक संकट भी खड़ा कर सकती है। पशु विशेषज्ञ पशु पालकों को विशेष देखभाल करने और बीमार होने पर तत्काल इलाज कराने की सलाह दे रहे हैं।
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जनपद पशुपालन की दृष्टि बहुत बेहतर नहीं है लेकिन फिर भी पशुओं की संख्या ठीकठाक है। गोशाला की बात करें तो करीब 60 गोशला सक्रिय हैं, जहां छह हजार से अधिक पशु हैं। इससे कई गुना अधिक पशु गांव देहात में पशु पालकों के पास हैं। इसमें गाय और भैंस की संख्या अधिक है। मौजूदा समय में मौसम बहुत ही गर्म हो गया है। तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया है, जो सेहत पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। फिलहाल पशु पालक इससे अनजान हैं।
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पशु चिकित्सकों के अनुसार इस समय वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा सबसे अधिक है, जो एक पशु से दूसरे पशु में तेजी से फैलता है। ग्रामीण इलाकों में पशुओं को खुले में बांधने, गंदगी, जलभराव और नियमित टीकाकरण की अनदेखी के कारण संक्रमण का दायरा और बढ़ रहा है। कई गांवों से पशुओं में तेज बुखार, सुस्ती, भूख कम होना, मुंह से लार गिरना, खुरों में घाव और दूध उत्पादन में कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। समय रहते उपचार न मिलने पर बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और पशु की मौत तक हो सकती है।
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