{"_id":"5fcf80778ebc3ecf9277d89a","slug":"live-tagging-the-private-toilet-as-an-honor-siddharthnagar-news-gkp3760534139","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी शौचालय को इज्जतघर बता कर दी जियो टैगिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी शौचालय को इज्जतघर बता कर दी जियो टैगिंग
विज्ञापन
निजी शौचालय को इज्जतघर बताकर की जियो टैगिंग
पीड़ित की शिकायत पर जांच में सामने आई सच्चाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहांस बाजार। स्वच्छ भारत मिशन के तहत अधिकारियों ने ग्राम पंचायत सोहांस शुमाली में एक निजी शौचालय को दूसरे गांव की महिला का बता दिया। निजी शौचालय पर जियो टैगिंग कर बाकायदा महिला के नाम की पट्टिका भी लगा दी। पीड़ित ने आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज कराई। एडीओ पंचायत ने जांच की और आरोप सही मिले।
सोहांस शुमाली टोला शिशहनिया निवासी महबूब ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन पर निजी शौचालय बनवाया है। आरोप है कि उनके शौचालय पर दूसरे ग्राम पंचायत की निवासी महिला उषा पत्नी रामसमुझ के नाम की पट्टिका लगाकर जियो टैगिंग भी कर दी गई। उन्होंने इसकी शिकायत तहसील दिवस और आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज कराई थी। महबूब ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और सेक्रेट्री की मिलीभगत से गांव में 190 इज्जतघरों की फर्जी जियो टैगिंग की गई है। इनमें से 34 लाभार्थियों का भुगतान नहीं किया गया है। इस बाबत एडीओ पंचायत राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि खंड विकास अधिकारी के निर्देश पर जांच की गई है। जांच में महबूब के आरोप सही मिले। जांच रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी गई है।
विज्ञापन
पीड़ित की शिकायत पर जांच में सामने आई सच्चाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहांस बाजार। स्वच्छ भारत मिशन के तहत अधिकारियों ने ग्राम पंचायत सोहांस शुमाली में एक निजी शौचालय को दूसरे गांव की महिला का बता दिया। निजी शौचालय पर जियो टैगिंग कर बाकायदा महिला के नाम की पट्टिका भी लगा दी। पीड़ित ने आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज कराई। एडीओ पंचायत ने जांच की और आरोप सही मिले।
सोहांस शुमाली टोला शिशहनिया निवासी महबूब ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन पर निजी शौचालय बनवाया है। आरोप है कि उनके शौचालय पर दूसरे ग्राम पंचायत की निवासी महिला उषा पत्नी रामसमुझ के नाम की पट्टिका लगाकर जियो टैगिंग भी कर दी गई। उन्होंने इसकी शिकायत तहसील दिवस और आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज कराई थी। महबूब ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान और सेक्रेट्री की मिलीभगत से गांव में 190 इज्जतघरों की फर्जी जियो टैगिंग की गई है। इनमें से 34 लाभार्थियों का भुगतान नहीं किया गया है। इस बाबत एडीओ पंचायत राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि खंड विकास अधिकारी के निर्देश पर जांच की गई है। जांच में महबूब के आरोप सही मिले। जांच रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी गई है।
विज्ञापन