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Siddharthnagar News: बढ़ रहे लीवर फैटी की मरीज, युवा सबसे अधिक शिकार
Sat, 27 Apr 2024 02:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 27 Apr 2024 02:00 AM IST
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-मेडीकल कॉलेज के ओपीडी में प्रतिदिन पहुंच रहे 50 से 60 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लोगों में 50 की उम्र में होने वाली फैटी लीवर की समस्या अब 20 की उम्र में ही हो रही है। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में प्रतिदिन इस तरह के 50 से 60 मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का माने तो वर्क फार्म होम, जंक फूड व शराब से सबसे अधिक फैटी लीवर की समस्या आ रही हैं। इनमें से 60 प्रतिशत युवा हैं और 5 से 10 प्रतिशत बच्चे हैं, जिनकी उम्र 11 से 19 साल है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि युवाओं को शराब पीने की लत उन्हें कम उम्र में ही लीवर की बीमारी दे रही है। पांच साल पहले लीवर से ग्रसित 50 या उससे ज्यादा उम्र के मरीज ही आते थे। अब 30 से 35 साल के मरीज आ रहे हैं। इसका कारण कम उम्र में और अधिक मात्रा में युवाओं का शराब का सेवन करना है। कुछ लोगों ने तो 18 साल से ही शराब का सेवन शुरू कर दिया और 30 की उम्र आते आते उनका लीवर खराब हो गया। पिछले तीन से चार साल में विशेषकर कोविड के बाद युवा फैटी लीवर की समस्या से ग्रसित से आ रहे हैं। बताया कि हेपेटाइटिस बी, शराब की लत, फास्ट फूड, तले भोजन करने से युवा भी लीवर रोगी हैं।
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हेपेटाइटिस बी से लीवर में फैल रहा संक्रमण
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ गौरव दुबे ने बताया कि हेपेटाइटिस बी से लीवर में संक्रमण फैल रहा है। ये गंभीर बीमारी है। इसमें संक्रमित रक्त चढ़ने, सुई के इस्तेमाल से ये बीमारी पनप रही है। इससे लीवर की कार्यक्षमता कमजोर हो जाती है। मेडिकल कॉलेज में महीने में 50 से 60 मरीज इसके मिल रहे हैं। इसकी जांच समेत पूरा इलाज निशुल्क मिल रहा है।
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क्या है फैटी लीवर
वसारहित लीवर ही स्वस्थ माना जाता है। लीवर में वसा जमने लगे और ये लीवर के कुल वजन से 5-10 फीसदी अधिक हो जाए तो ये फैटी कहा जाता है। मधुमेह रोगी, शराब के लती, अधिक भोजन करने, चिकनाई और फास्ट फूड खाने वालों में पांच गुना तक खतरा रहता है।
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ये लक्षण दिखे तो करा लें जांच
-आंखें पीली होना, गहरे रंग का पेशाब आना।
-पेट पर सूजन, खून की उल्टी होना, वजन कम होना।
-काला मल आना, त्वचा में खुजली होना।
-थकान महसूस करना, पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द रहना।
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ऐसे करें बचाव
-घर में बना पौष्टिक भोजन करें।
-फास्ट फूड, तला भोजन से बचें।
-शराब पीने से बचें, वजन नियंत्रित रखें, लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
-अधिक भोजन न करें, भोजन के बाद नियमित टहलने की आदत डालें।
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बार-बार चाय, नमकीन खाना भी बिगाड़ रहा लीवर
सोडियम और चाय एक साथ लीवर के लिए नुकसानदेह है, डिब्बाबंद चीजों में सोडियम अधिक मात्रा में होता है। नमकीन, चिप्स और बिस्कुट चाय लेते हैं तो ट्रांसफैट के साथ चाय मिल जाती है। इससे फैटी लीवर रोग और मोटापा हो सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। लोगों में 50 की उम्र में होने वाली फैटी लीवर की समस्या अब 20 की उम्र में ही हो रही है। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में प्रतिदिन इस तरह के 50 से 60 मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का माने तो वर्क फार्म होम, जंक फूड व शराब से सबसे अधिक फैटी लीवर की समस्या आ रही हैं। इनमें से 60 प्रतिशत युवा हैं और 5 से 10 प्रतिशत बच्चे हैं, जिनकी उम्र 11 से 19 साल है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि युवाओं को शराब पीने की लत उन्हें कम उम्र में ही लीवर की बीमारी दे रही है। पांच साल पहले लीवर से ग्रसित 50 या उससे ज्यादा उम्र के मरीज ही आते थे। अब 30 से 35 साल के मरीज आ रहे हैं। इसका कारण कम उम्र में और अधिक मात्रा में युवाओं का शराब का सेवन करना है। कुछ लोगों ने तो 18 साल से ही शराब का सेवन शुरू कर दिया और 30 की उम्र आते आते उनका लीवर खराब हो गया। पिछले तीन से चार साल में विशेषकर कोविड के बाद युवा फैटी लीवर की समस्या से ग्रसित से आ रहे हैं। बताया कि हेपेटाइटिस बी, शराब की लत, फास्ट फूड, तले भोजन करने से युवा भी लीवर रोगी हैं।
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हेपेटाइटिस बी से लीवर में फैल रहा संक्रमण
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ गौरव दुबे ने बताया कि हेपेटाइटिस बी से लीवर में संक्रमण फैल रहा है। ये गंभीर बीमारी है। इसमें संक्रमित रक्त चढ़ने, सुई के इस्तेमाल से ये बीमारी पनप रही है। इससे लीवर की कार्यक्षमता कमजोर हो जाती है। मेडिकल कॉलेज में महीने में 50 से 60 मरीज इसके मिल रहे हैं। इसकी जांच समेत पूरा इलाज निशुल्क मिल रहा है।
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क्या है फैटी लीवर
वसारहित लीवर ही स्वस्थ माना जाता है। लीवर में वसा जमने लगे और ये लीवर के कुल वजन से 5-10 फीसदी अधिक हो जाए तो ये फैटी कहा जाता है। मधुमेह रोगी, शराब के लती, अधिक भोजन करने, चिकनाई और फास्ट फूड खाने वालों में पांच गुना तक खतरा रहता है।
ये लक्षण दिखे तो करा लें जांच
-आंखें पीली होना, गहरे रंग का पेशाब आना।
-पेट पर सूजन, खून की उल्टी होना, वजन कम होना।
-काला मल आना, त्वचा में खुजली होना।
-थकान महसूस करना, पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द रहना।
ऐसे करें बचाव
-घर में बना पौष्टिक भोजन करें।
-फास्ट फूड, तला भोजन से बचें।
-शराब पीने से बचें, वजन नियंत्रित रखें, लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
-अधिक भोजन न करें, भोजन के बाद नियमित टहलने की आदत डालें।
बार-बार चाय, नमकीन खाना भी बिगाड़ रहा लीवर
सोडियम और चाय एक साथ लीवर के लिए नुकसानदेह है, डिब्बाबंद चीजों में सोडियम अधिक मात्रा में होता है। नमकीन, चिप्स और बिस्कुट चाय लेते हैं तो ट्रांसफैट के साथ चाय मिल जाती है। इससे फैटी लीवर रोग और मोटापा हो सकता है।