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Siddharthnagar News: भूमि अधिग्रहण का बोर्ड लगा पर अब भी मुआवजे का इंतजार
Thu, 19 Feb 2026 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 19 Feb 2026 11:50 PM IST
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पथरा। खलीलाबाद-बहराइच नई रेल परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर बांसी और डुमरियागंज के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का आरोप है कि विभाग की ओर से तीन माह पहले खेतों में अधिग्रहण से संबंधित बोर्ड लगाए जा चुके हैं। उस समय किसानों को एक माह के अंदर मुआवजा देने का आश्वासन दिया था पर अभी तक इस संबंध में कोई कार्य नहीं शुरू हुआ।
क्षेत्र के गिधौरा, कम्हरिया, सुमहा, बासापार, भग्गोभार सहित अन्य जगहों पर भारत सरकार के रेल मंत्रालय की ओर से बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्डों पर उप मुख्य अभियंता (सामान्य निर्माण), पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर का उल्लेख है कि संबंधित भूमि खलीलाबाद-बहराइच रेल परियोजना के लिए अधिग्रहीत की जा चुकी है और इस पर किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि भारतीय रेल अधिनियम के तहत वर्जित है। इससे क्षेत्र के लोगों को लगा था कि जल्द रेलवे निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। लेकिन, तीन माह बोर्ड लगाने के बाद भी किसानों को मुआवजा ने मिलने से लोग असमंजस में हैं।
क्षेत्र के जगदीश दास, महेंद्र चौबे, रामनरेश, राधेश्याम दूबे, संजय चौधरी परशुराम, सहदेव सहित अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि रेल लाइन निर्माण से रोजगार, व्यापार, परिवहन और सुविधाओं के नए अवसर खुलेंगे, जिससे क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी। इसलिए वे चाहते हैं कि मुआवजा प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए किसानों ने प्रशासन से मांग की कि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
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क्षेत्र के गिधौरा, कम्हरिया, सुमहा, बासापार, भग्गोभार सहित अन्य जगहों पर भारत सरकार के रेल मंत्रालय की ओर से बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्डों पर उप मुख्य अभियंता (सामान्य निर्माण), पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर का उल्लेख है कि संबंधित भूमि खलीलाबाद-बहराइच रेल परियोजना के लिए अधिग्रहीत की जा चुकी है और इस पर किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि भारतीय रेल अधिनियम के तहत वर्जित है। इससे क्षेत्र के लोगों को लगा था कि जल्द रेलवे निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। लेकिन, तीन माह बोर्ड लगाने के बाद भी किसानों को मुआवजा ने मिलने से लोग असमंजस में हैं।
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क्षेत्र के जगदीश दास, महेंद्र चौबे, रामनरेश, राधेश्याम दूबे, संजय चौधरी परशुराम, सहदेव सहित अन्य स्थानीय लोगों का कहना है कि रेल लाइन निर्माण से रोजगार, व्यापार, परिवहन और सुविधाओं के नए अवसर खुलेंगे, जिससे क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी। इसलिए वे चाहते हैं कि मुआवजा प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए किसानों ने प्रशासन से मांग की कि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
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