संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। धनोहरी गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार की रात कथावाचक पं. बाल गोविंद मिश्र ने श्रीकृष्ण के बाल रूप की कथा का रसपान कराया। कथा सुनने श्रद्धालुओं की भीड़ उपस्थित रही। कथा वाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भक्तों की रक्षा कर धर्म की स्थापना के लिए हुआ।
धरती पर जब कंस का पाप और अत्याचार बढ़ गया था तब सभी देवता ब्रह्मा जी व शिव के साथ क्षीर सागर में भगवान की स्तुति करने लगे। तब भगवान श्री हरि ने प्रसन्न होकर देवताओं को बताया कि मैं वासुदेव व देवकी के घर कृष्ण रूप में जन्म लूंगा और वृंदावन में मां यशोदा व नंदबाबा के घर बाल लीलाएं करूंगा। इसलिए आप सब भी उस समय धरती पर किसी ना किसी रूप में उपस्थित रहना। इस दौरान चंद्र प्रकाश यादव, सुनील कुमार,अजय कुमार यादव, कुसदेव गौड़,सुखलाल आदि मौजूद रहे।