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Siddharthnagar News: बाद में देने का वादा कर कोटेदार ने बेच दिया 185 क्विंटल अनाज
Sun, 29 Oct 2023 11:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 29 Oct 2023 11:46 PM IST
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मिठवल ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोहर का मामला, केस दर्ज
डीएम के आदेश पर पूर्ति निरीक्षक ने बांसी थाने में दर्ज कराया केस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मिठवल ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोहर के कोटेदार ने कार्डधारकों को बाद में अनाज देने का वादा करके दो माह का 185 क्विंटल गेहूं व चावल बाजार में बेच दिया। कार्डधारकों व कोटेदार के बयान के साथ ही स्थलीय निरीक्षण में गोदाम में अनाज नहीं पाए जाने पर पूर्ति निरीक्षक ने डीएम के आदेश पर कोटेदार के विरुद्ध केस दर्ज कराया है।
बांसी तहसील के मिठवल ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोहर की कोटेदार मीरा देवी के विरुद्ध गांव के कार्डधारकों ने 21 अक्तूबर को शिकायत की थी। इस पर पूर्ति निरीक्षक ब्लॉक मिठवल अर्चना सिंह ने मौके पर पहुंचकर कार्डधारक गुलाबी, सरोजा, सुरसती, रेखा, मनीषा, संगीता, गायत्री व राधिका समेत 117 अंत्योदय एवं +पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए।
बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि ई-पाॅश मशीन में अंगूठा लगाने के बाद भी उन्हें दो माह का अनाज नहीं दिया गया। इसके बाद पूर्ति निरीक्षक ने 25 अक्तूबर को विक्रेता से संपर्क कर विक्रेता की उपस्थिति में उसके गोदाम में उपलब्ध स्टाॅक का भौतिक सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान गोदाम में किसी भी प्रकार का स्टाॅक उपलब्ध नहीं पाया गया।
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इस संबंध में विक्रेता मीरा देवी से पूछताछ की गई तथा वितरण रजिस्टर व स्टाॅक रजिस्टर की मांग की गई। विक्रेता की ओर से कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया। विक्रेता ने स्वयं लिखित बयान दिया कि उन्हें माह अक्तूबर 2023 का अंत्योदय व पात्र गृहस्थी का गल्ला गेहूं 36.85 क्विंटल व चावल 55.34 क्विंटल मिला था। माह नवंबर का भी गल्ला गेहूं 37.24 क्विंटल एवं चावल 56.09 क्विंटल मिला था। उन्होंने अक्तूबर में कार्डधारकों का अंगूठा लगाकर गल्ला बाद में देने के लिए बुलाया क्योंकि जो गल्ला उन्हें मिला था उसे बेच दिया गया है। वह बाद में गल्ला खरीदकर कार्डधारकों को दे देते। पूर्ति निरीक्षक ने जांच में कार्डधारकों व कोटेदार के बयान और गोदाम के सत्यापन के आधार पर कोटेदार को निजी हित में दुरुपयोग करने के उद्देश्य से कालाबाजारी करने का दोषी पाया। डीएम से केस दर्ज कराने की अनुमति मांगी थी।
27 अक्तूबर को डीएम की अनुमति के बाद मामले में कोटेदार के विरुद्ध पूर्ति निरीक्षक अर्चना सिंह ने बांसी पुलिस को तहरीर देकर केस दर्ज कराया। बांसी पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
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डीएम के आदेश पर पूर्ति निरीक्षक ने बांसी थाने में दर्ज कराया केस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मिठवल ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोहर के कोटेदार ने कार्डधारकों को बाद में अनाज देने का वादा करके दो माह का 185 क्विंटल गेहूं व चावल बाजार में बेच दिया। कार्डधारकों व कोटेदार के बयान के साथ ही स्थलीय निरीक्षण में गोदाम में अनाज नहीं पाए जाने पर पूर्ति निरीक्षक ने डीएम के आदेश पर कोटेदार के विरुद्ध केस दर्ज कराया है।
बांसी तहसील के मिठवल ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोहर की कोटेदार मीरा देवी के विरुद्ध गांव के कार्डधारकों ने 21 अक्तूबर को शिकायत की थी। इस पर पूर्ति निरीक्षक ब्लॉक मिठवल अर्चना सिंह ने मौके पर पहुंचकर कार्डधारक गुलाबी, सरोजा, सुरसती, रेखा, मनीषा, संगीता, गायत्री व राधिका समेत 117 अंत्योदय एवं +पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए।
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बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि ई-पाॅश मशीन में अंगूठा लगाने के बाद भी उन्हें दो माह का अनाज नहीं दिया गया। इसके बाद पूर्ति निरीक्षक ने 25 अक्तूबर को विक्रेता से संपर्क कर विक्रेता की उपस्थिति में उसके गोदाम में उपलब्ध स्टाॅक का भौतिक सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान गोदाम में किसी भी प्रकार का स्टाॅक उपलब्ध नहीं पाया गया।
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इस संबंध में विक्रेता मीरा देवी से पूछताछ की गई तथा वितरण रजिस्टर व स्टाॅक रजिस्टर की मांग की गई। विक्रेता की ओर से कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया। विक्रेता ने स्वयं लिखित बयान दिया कि उन्हें माह अक्तूबर 2023 का अंत्योदय व पात्र गृहस्थी का गल्ला गेहूं 36.85 क्विंटल व चावल 55.34 क्विंटल मिला था। माह नवंबर का भी गल्ला गेहूं 37.24 क्विंटल एवं चावल 56.09 क्विंटल मिला था। उन्होंने अक्तूबर में कार्डधारकों का अंगूठा लगाकर गल्ला बाद में देने के लिए बुलाया क्योंकि जो गल्ला उन्हें मिला था उसे बेच दिया गया है। वह बाद में गल्ला खरीदकर कार्डधारकों को दे देते। पूर्ति निरीक्षक ने जांच में कार्डधारकों व कोटेदार के बयान और गोदाम के सत्यापन के आधार पर कोटेदार को निजी हित में दुरुपयोग करने के उद्देश्य से कालाबाजारी करने का दोषी पाया। डीएम से केस दर्ज कराने की अनुमति मांगी थी।
27 अक्तूबर को डीएम की अनुमति के बाद मामले में कोटेदार के विरुद्ध पूर्ति निरीक्षक अर्चना सिंह ने बांसी पुलिस को तहरीर देकर केस दर्ज कराया। बांसी पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।