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नेपाल नरेश का शाही विमान नारायण हिटी पहुंचा
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राजमहल नारायण हिटी पहुंचा नेपाल नरेश का शाही विमान। सिद्धार्थनगर
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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नेपाल नरेश का शाही विमान नारायण हिटी पहुंचा
सड़क मार्ग से नारायण हिटी लाया गया पूर्व नरेश का शाही विमान
कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर)। नेपाल के पूर्व नरेश स्व. वीरेंद्र और उनके उत्तराधिकारी पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र राजशाही, जिस शाही विमान का इस्तेमाल करते थे, वह अब राजमहल नारायण हिटी की शोभा बढ़ाएगा। शनिवार देर रात विमान को सड़क मार्ग से नारायण हिटी लाया गया।
पूर्व नरेश स्व. विरेंद्र राजमहल नारायण हिटी से सत्ता का संचालन करते थे। परिवार सहित उनकी हत्या के बाद भाई नरेश ज्ञानेंद्र इसी महल से राजसत्ता संभाले हुए थे। राजशाही खत्म होने के बाद नारायण हिटी को शाही म्यूजियम घोषित कर नरेश स्व. विरेंद्र से जुड़े हर सामान को जनता के दर्शनार्थ संरक्षित किया गया। त्रिभुवन हवाई अड्डे पर खड़ा शाही विमान भी अब नारायण हिटी में लाया गया है। जनता अब पूर्व नरेश स्व. विरेंद्र के शाही विमान को भी देख सकेगी।
त्रिभुवन हवाई अड्डा के इंजीनियर सुरेंद्र पंजियार ने बताया कि नेपाल सेना के इस विमान का इस्तेमाल शाही शासनकाल में राजा स्व. विरेंद्र और फिर बाद में राजा ज्ञानेंद्र देश-विदेश की यात्रा में करते थे। राजशाही खत्म होने के बाद नारायण हिटी राजमहल को शाही म्यूजियम घोषित किया गया। नेपाल सरकार ने राजा से जुड़े हर साजो-सामान को संरक्षित करने का निर्णय लिया। इसी के तहत शाही विमान को भी संरक्षित किया गया। यह विमान बहुत दिनों से हवाई अड्डे पर खड़ा था। वहां से नारायण हिटी दरबार मार्ग की दूरी करीब चार किमी है। लॉकडाउन में इसे सड़क मार्ग से नारायण हिटी तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया।
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सड़क मार्ग से नारायण हिटी लाया गया पूर्व नरेश का शाही विमान
कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर)। नेपाल के पूर्व नरेश स्व. वीरेंद्र और उनके उत्तराधिकारी पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र राजशाही, जिस शाही विमान का इस्तेमाल करते थे, वह अब राजमहल नारायण हिटी की शोभा बढ़ाएगा। शनिवार देर रात विमान को सड़क मार्ग से नारायण हिटी लाया गया।
पूर्व नरेश स्व. विरेंद्र राजमहल नारायण हिटी से सत्ता का संचालन करते थे। परिवार सहित उनकी हत्या के बाद भाई नरेश ज्ञानेंद्र इसी महल से राजसत्ता संभाले हुए थे। राजशाही खत्म होने के बाद नारायण हिटी को शाही म्यूजियम घोषित कर नरेश स्व. विरेंद्र से जुड़े हर सामान को जनता के दर्शनार्थ संरक्षित किया गया। त्रिभुवन हवाई अड्डे पर खड़ा शाही विमान भी अब नारायण हिटी में लाया गया है। जनता अब पूर्व नरेश स्व. विरेंद्र के शाही विमान को भी देख सकेगी।
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त्रिभुवन हवाई अड्डा के इंजीनियर सुरेंद्र पंजियार ने बताया कि नेपाल सेना के इस विमान का इस्तेमाल शाही शासनकाल में राजा स्व. विरेंद्र और फिर बाद में राजा ज्ञानेंद्र देश-विदेश की यात्रा में करते थे। राजशाही खत्म होने के बाद नारायण हिटी राजमहल को शाही म्यूजियम घोषित किया गया। नेपाल सरकार ने राजा से जुड़े हर साजो-सामान को संरक्षित करने का निर्णय लिया। इसी के तहत शाही विमान को भी संरक्षित किया गया। यह विमान बहुत दिनों से हवाई अड्डे पर खड़ा था। वहां से नारायण हिटी दरबार मार्ग की दूरी करीब चार किमी है। लॉकडाउन में इसे सड़क मार्ग से नारायण हिटी तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया।
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