{"_id":"612bc64a8ebc3e7f4c6b4339","slug":"khel-ke-vikaas-ke-lie-paanch-karod-ka-prastaav-bheja-siddharthnagar-news-gkp407250938","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेल के विकास के लिए पांच करोड़ का प्रस्ताव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेल के विकास के लिए पांच करोड़ का प्रस्ताव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेल के विकास के लिए पांच करोड़ का प्रस्ताव भेजा
सिद्धार्थनगर। जिले में खेल और खिलाड़ियों के लिए जिला स्टेडियम बेहतर मंच मिलने की पूरी उम्मीद है। खेल सुविधाओं के लिए भारत सरकार को छह करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेलो इंडिया एथलेटिक्स सेंटर बनने, खेल संसाधनों के साथ कोच की भी तैनाती होगी।
29 दिसंबर 1988 को बस्ती से विभक्त कर बनाए गए सिद्धार्थनगर जिले में लगभग 32 वर्ष बाद भी खेल क्षेत्र में कोई खास उपलब्धि नहीं हो सकी है। स्टेडियम में सुविधाओं की कमी, विविध खेलों के लिए स्थायी कोच की तैनाती न होने जैसे कई अहम बिंदु शामिल हैं। इसके चलते तमाम प्रतिभाएं चाहकर भी उच्च स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। जिन खिलाड़ियों ने विश्व, देश और प्रदेश स्तर पर परचम लहराया, उनके परिवार की ओर से दिए गए प्रोत्साहन से ही संभव हो सका है। लंबे समय बाद स्टेडियम की बदहाली दूर होने के साथ ही खिलाड़ियों को बेहतर प्लेट फार्म देने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा, मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने सकारात्मक पहल किया है। महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम अंतर्गत 582.19 लाख (पांच करोड़ 82 लाख 19 हजार) की कार्ययोजना बनाकर भारत सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय को भेजा जा रहा है।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम अंतर्गत भेजे जाने वाले प्रस्ताव में डारमेट्री रूम का निर्माण कार्य, बास्केटबाल कोर्ट की मरम्मत, बहुउद्देश्यीय क्रीड़ा हाल का मरम्मत एवं बैडमिंटन कोर्ट में सिंथेटिक कोर्ट का कार्य, प्रशासनिक भवन का मरम्मत एवं दोनों तरफ की सीढ़ी का निर्माण कार्य, प्रशासनिक भवन के सामने छाजन का कार्य, खेल मैदान में गोलाकार जाली तथा प्ले ग्राउंड में सिंचाई के लिए पाइपलाइन पर छत निर्माण कार्य, पवेलियन पर छत निमार्ण कार्य, बाउंड्रीवाल के चारों तरफ एलईडी लाइट कार्य शामिल हैं।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम अंतर्गत स्टेडियम के विकास के लिए प्रस्ताव मांगा गया था। इस दिशा में 582.19 लाख की कार्ययोजना बनाकर भेज दिया गया है।
सर्वदेव सिंह यादव, क्रीड़ा अधिकारी
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। जिले में खेल और खिलाड़ियों के लिए जिला स्टेडियम बेहतर मंच मिलने की पूरी उम्मीद है। खेल सुविधाओं के लिए भारत सरकार को छह करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेलो इंडिया एथलेटिक्स सेंटर बनने, खेल संसाधनों के साथ कोच की भी तैनाती होगी।
29 दिसंबर 1988 को बस्ती से विभक्त कर बनाए गए सिद्धार्थनगर जिले में लगभग 32 वर्ष बाद भी खेल क्षेत्र में कोई खास उपलब्धि नहीं हो सकी है। स्टेडियम में सुविधाओं की कमी, विविध खेलों के लिए स्थायी कोच की तैनाती न होने जैसे कई अहम बिंदु शामिल हैं। इसके चलते तमाम प्रतिभाएं चाहकर भी उच्च स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। जिन खिलाड़ियों ने विश्व, देश और प्रदेश स्तर पर परचम लहराया, उनके परिवार की ओर से दिए गए प्रोत्साहन से ही संभव हो सका है। लंबे समय बाद स्टेडियम की बदहाली दूर होने के साथ ही खिलाड़ियों को बेहतर प्लेट फार्म देने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा, मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने सकारात्मक पहल किया है। महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम अंतर्गत 582.19 लाख (पांच करोड़ 82 लाख 19 हजार) की कार्ययोजना बनाकर भारत सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय को भेजा जा रहा है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम अंतर्गत भेजे जाने वाले प्रस्ताव में डारमेट्री रूम का निर्माण कार्य, बास्केटबाल कोर्ट की मरम्मत, बहुउद्देश्यीय क्रीड़ा हाल का मरम्मत एवं बैडमिंटन कोर्ट में सिंथेटिक कोर्ट का कार्य, प्रशासनिक भवन का मरम्मत एवं दोनों तरफ की सीढ़ी का निर्माण कार्य, प्रशासनिक भवन के सामने छाजन का कार्य, खेल मैदान में गोलाकार जाली तथा प्ले ग्राउंड में सिंचाई के लिए पाइपलाइन पर छत निर्माण कार्य, पवेलियन पर छत निमार्ण कार्य, बाउंड्रीवाल के चारों तरफ एलईडी लाइट कार्य शामिल हैं।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम अंतर्गत स्टेडियम के विकास के लिए प्रस्ताव मांगा गया था। इस दिशा में 582.19 लाख की कार्ययोजना बनाकर भेज दिया गया है।
सर्वदेव सिंह यादव, क्रीड़ा अधिकारी