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Siddharthnagar News: नदी के बांध की मरम्मत के नाम पर खानापूरी, उफनाई तो मचाएगी तबाही
Sat, 15 Jun 2024 05:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 15 Jun 2024 05:45 AM IST
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- राप्ती नदी की तरफ बांध पर पत्थर लगवाने की मांग
- डुमरियागंज को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए वर्ष 2023 में बांध में होने लगा था रिसाव
- ग्रामीणों ने संसाधन से रिसाव को रोकने में पाई थी कामयाबी
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। भीषण गर्मी के बाद तेज बारिश की आशंका और राप्ती नदी के ऊफान से नगर वासी सहमें हुए हैं। पिछले साल डुमरियागंज नगर और राप्ती के बीच बने जर्जर बांध में पानी का रिसाव होने लगा था। जैसे-तैसे नगर के लोगों ने उसे बंद किया था। इसके बाद सिंचाई विभाग ने बांध की मरम्मत का कार्य करवाया था। मगर मानक विहीन कार्य से लोगों को कोई राहत मिलता नहीं दिख रहा है। लोगों का कहना है कि अगर राप्ती फिर से उफनाई तो भयंकर तबाही मचाएगी। लोगों ने नदी की तरफ बांध पर पत्थर लगवाए जाने की मांग की है, जिससे नदी का कटान बांध में ना हो सके।
डुमरीयागंज राप्ती नदी पुल से बना बाध हबीबुल्लानगर, लक्ष्मणनगर, मालीमैंनहा, सरोथर कठौतिया होते हुए सोनखर, अगया तक जाता है। करीब 6 किलोमीटर लंबे बांध से करीब 20 हजार की आबादी की सुरक्षा राप्ती नदी में आई बाढ़ से होती है। करीब 40 साल से अधिक पुराना बांध समय के साथ जर्जर भी हो चुका है। बीते साल 2023 में आई बाढ़ में राप्ती नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ गया था। जिसके दबाव से बांध में हबीबुल्लानगर के पास दो जगह पर दलदल होकर पानी का रिसाव होने लगा था। लेकिन उस समय भोर में नित्य क्रिया करने गए लोगों ने जब पानी रिसाव देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिए। जिससे हबीबुल्लानगर वार्ड के अंसारी और तेलियाना मोहल्ले के लोग एकत्रित हो गए। लोग घरों से बोरियां और ईंट पत्थर लाकर रिसाव वाली जगह को भरने लगे। काफी मशक्कत के बाद लोगों ने पानी रिसाव को बंद किया था।
सूचना पाकर तत्काल प्रभाव से बांध मरम्मत का काम करवाया गया था। बाढ़ समाप्त होने के बाद राप्ती नदी के तरफ के बांध पटरी पर बांध की मिट्टी खोदकर चढ़ा दिया गया। जबकि जिस जगह रिसाव हो रहा था, वहां ना तो मिट्टी पाटी गई और ना ही दूसरे पटरी पर मरम्मत किया गया। अब चूंकि बरसात का मौसम आने वाला है और मौसम विभाग के अनुसार इस बार तेज बारिश के आसार हैं तो इसे लेकर बांध के दूसरे पटरी की मरम्मत और नदी किनारे की पटरी पर पत्थर लगवाए जाने की मांग की है।
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बोले लोग
जब बांध का मरम्मत हो रहा था, उसी समय उन लोगों ने इसकी शिकायत की थी। मगर विभाग की ओर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई थी। रिसाव वाली जगह पर आज भी कटान मौजूद है। साथ ही वहां बांध में गड्ढा भी है। मानसून आने के पहले इसका मरम्मत करवाया जाना आवश्यक है।
- हरिद्वार उर्फ टीहुल चौरसिया, सभासद, हबीबुल्लानगर वार्ड
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अगर समय रहते बांध के मरम्मत का काम नहीं करवाया गया तो इसका खामियाजा डुमरियागंज की आधी आबादी को भुगतना पड़ेगा। जिम्मेदार समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं।
- राजकुमार, निवासी, तेलियाना मोहल्ला
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बोले जिम्मेदार
अगर बांध की मरम्मत इस तरह की गई है तो यह गंभीर विषय है। संबंधित विभाग को सूचना देकर बांध में रिसाव वाली जगह का निरीक्षण करवाया जाएगा। साथ ही बांध को सुदृढ़ करवाया जाएगा।
- डॉ. शैलेंद्र कुमार दीक्षित, एसडीएम, डुमरियागंज
- डुमरियागंज को बाढ़ से सुरक्षित रखने के लिए वर्ष 2023 में बांध में होने लगा था रिसाव
- ग्रामीणों ने संसाधन से रिसाव को रोकने में पाई थी कामयाबी
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। भीषण गर्मी के बाद तेज बारिश की आशंका और राप्ती नदी के ऊफान से नगर वासी सहमें हुए हैं। पिछले साल डुमरियागंज नगर और राप्ती के बीच बने जर्जर बांध में पानी का रिसाव होने लगा था। जैसे-तैसे नगर के लोगों ने उसे बंद किया था। इसके बाद सिंचाई विभाग ने बांध की मरम्मत का कार्य करवाया था। मगर मानक विहीन कार्य से लोगों को कोई राहत मिलता नहीं दिख रहा है। लोगों का कहना है कि अगर राप्ती फिर से उफनाई तो भयंकर तबाही मचाएगी। लोगों ने नदी की तरफ बांध पर पत्थर लगवाए जाने की मांग की है, जिससे नदी का कटान बांध में ना हो सके।
डुमरीयागंज राप्ती नदी पुल से बना बाध हबीबुल्लानगर, लक्ष्मणनगर, मालीमैंनहा, सरोथर कठौतिया होते हुए सोनखर, अगया तक जाता है। करीब 6 किलोमीटर लंबे बांध से करीब 20 हजार की आबादी की सुरक्षा राप्ती नदी में आई बाढ़ से होती है। करीब 40 साल से अधिक पुराना बांध समय के साथ जर्जर भी हो चुका है। बीते साल 2023 में आई बाढ़ में राप्ती नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ गया था। जिसके दबाव से बांध में हबीबुल्लानगर के पास दो जगह पर दलदल होकर पानी का रिसाव होने लगा था। लेकिन उस समय भोर में नित्य क्रिया करने गए लोगों ने जब पानी रिसाव देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिए। जिससे हबीबुल्लानगर वार्ड के अंसारी और तेलियाना मोहल्ले के लोग एकत्रित हो गए। लोग घरों से बोरियां और ईंट पत्थर लाकर रिसाव वाली जगह को भरने लगे। काफी मशक्कत के बाद लोगों ने पानी रिसाव को बंद किया था।
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सूचना पाकर तत्काल प्रभाव से बांध मरम्मत का काम करवाया गया था। बाढ़ समाप्त होने के बाद राप्ती नदी के तरफ के बांध पटरी पर बांध की मिट्टी खोदकर चढ़ा दिया गया। जबकि जिस जगह रिसाव हो रहा था, वहां ना तो मिट्टी पाटी गई और ना ही दूसरे पटरी पर मरम्मत किया गया। अब चूंकि बरसात का मौसम आने वाला है और मौसम विभाग के अनुसार इस बार तेज बारिश के आसार हैं तो इसे लेकर बांध के दूसरे पटरी की मरम्मत और नदी किनारे की पटरी पर पत्थर लगवाए जाने की मांग की है।
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जब बांध का मरम्मत हो रहा था, उसी समय उन लोगों ने इसकी शिकायत की थी। मगर विभाग की ओर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई थी। रिसाव वाली जगह पर आज भी कटान मौजूद है। साथ ही वहां बांध में गड्ढा भी है। मानसून आने के पहले इसका मरम्मत करवाया जाना आवश्यक है।
- हरिद्वार उर्फ टीहुल चौरसिया, सभासद, हबीबुल्लानगर वार्ड
अगर समय रहते बांध के मरम्मत का काम नहीं करवाया गया तो इसका खामियाजा डुमरियागंज की आधी आबादी को भुगतना पड़ेगा। जिम्मेदार समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं।
- राजकुमार, निवासी, तेलियाना मोहल्ला
बोले जिम्मेदार
अगर बांध की मरम्मत इस तरह की गई है तो यह गंभीर विषय है। संबंधित विभाग को सूचना देकर बांध में रिसाव वाली जगह का निरीक्षण करवाया जाएगा। साथ ही बांध को सुदृढ़ करवाया जाएगा।
- डॉ. शैलेंद्र कुमार दीक्षित, एसडीएम, डुमरियागंज