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Siddharthnagar News: ''कंस वध'' देख पंडाल में गूंजे कृष्ण के जयकारे
Sun, 29 Oct 2023 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 29 Oct 2023 12:00 AM IST
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भारतभारी क्षेत्र के बेवा चौराहे पर आयोजित कृष्ण रासलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
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बेवा चौराहे पर चल रहा है रासलीला का मंचन
फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी
भारतभारी। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बेवा चौराहे के अस्पताल रोड पर स्थापित दुर्गा पूजा समारोह के दौरान कृष्ण रासलीला का आयोजन हो रहा है। शुक्रवार की रात को मंडली के कलाकारों ने कंस वध का प्रसंग दिखाया। कंस वध का मंचन देखकर पंडाल में जयकारे गूंजने लगे।
रासलीला के कलाकारों ने दिखाया कि द्वापर युग में मथुरा के राजा कंस का अत्याचार चरम पर पहुंच गया था। प्रजा ही नहीं ऋषि, मुनि भी कंस के आतंक से आहत थे। सब उसके आतंक से मुक्ति चाहते थे। तभी मां देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण जन्म लेते हैं।
मथुरा का राजा कंस अपने भांजे भगवान श्रीकृष्ण को अपना शत्रु मानता था। उनको मार डालने के लिए कंस पूतना, कागासुर, बकासुर, नागासुर, बगुलासुर आदि राक्षसों को भेजता है, लेकिन श्रीकृष्ण सभी को मार देते हैं। युवा होने पर श्रीकृष्ण को एक दिन राजा कंस ने अपने महल में बुलाया और मार डालने के लिए एक हाथी को मदिरा पिलाकर उनके सामने लाए, लेकिन वह भी मारा गया।
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उसके बाद मल्ल युद्ध हुआ। उसमें भी श्रीकृष्ण ने कंस के सभी योद्धाओं को पराजित कर दिया। अंत में भगवान श्रीकृष्ण कंस का वध करते हैं। कंस वध होते ही पंडाल जय कन्हैया लाल के जयकारे से गुंजायमान होने लगा।
इस दौरान पंडित गिरिजा नंदन मिश्रा, देवी प्रसाद मिश्रा, डाॅ. मनीष मिश्रा, सुमंत अग्रहरी, सुरेश चौरसिया, दिलीप धर दूबे, नंद लाल अग्रहरि, राजेश यादव, शिव पूजन आदि मौजूद रहे।
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भारतभारी। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बेवा चौराहे के अस्पताल रोड पर स्थापित दुर्गा पूजा समारोह के दौरान कृष्ण रासलीला का आयोजन हो रहा है। शुक्रवार की रात को मंडली के कलाकारों ने कंस वध का प्रसंग दिखाया। कंस वध का मंचन देखकर पंडाल में जयकारे गूंजने लगे।
रासलीला के कलाकारों ने दिखाया कि द्वापर युग में मथुरा के राजा कंस का अत्याचार चरम पर पहुंच गया था। प्रजा ही नहीं ऋषि, मुनि भी कंस के आतंक से आहत थे। सब उसके आतंक से मुक्ति चाहते थे। तभी मां देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण जन्म लेते हैं।
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मथुरा का राजा कंस अपने भांजे भगवान श्रीकृष्ण को अपना शत्रु मानता था। उनको मार डालने के लिए कंस पूतना, कागासुर, बकासुर, नागासुर, बगुलासुर आदि राक्षसों को भेजता है, लेकिन श्रीकृष्ण सभी को मार देते हैं। युवा होने पर श्रीकृष्ण को एक दिन राजा कंस ने अपने महल में बुलाया और मार डालने के लिए एक हाथी को मदिरा पिलाकर उनके सामने लाए, लेकिन वह भी मारा गया।
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उसके बाद मल्ल युद्ध हुआ। उसमें भी श्रीकृष्ण ने कंस के सभी योद्धाओं को पराजित कर दिया। अंत में भगवान श्रीकृष्ण कंस का वध करते हैं। कंस वध होते ही पंडाल जय कन्हैया लाल के जयकारे से गुंजायमान होने लगा।
इस दौरान पंडित गिरिजा नंदन मिश्रा, देवी प्रसाद मिश्रा, डाॅ. मनीष मिश्रा, सुमंत अग्रहरी, सुरेश चौरसिया, दिलीप धर दूबे, नंद लाल अग्रहरि, राजेश यादव, शिव पूजन आदि मौजूद रहे।