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जैम पोर्टल: ऑनलाइन बिक्री से विदेश में भी फैल रही कालानमक की खुशबू, किसानों को मिला बिक्री का नया प्लेटफार्म

Fri, 29 Jul 2022 10:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Fri, 29 Jul 2022 10:21 AM IST
सार

प्रगतिशील किसान अभिषेक सिंह ने कहा कि जैम पोर्टल से कालानमक चावल की बिक्री का लाभ किसान और क्रेता दोनों को मिलेगा। अब जिले में कालानमक धान की का रकबा 10 हजार हेक्टेयर से अधिक हो गया है।

 

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Black Namak rice got new jam portal platform for sale
काला नमक चावल का गिफ्त हैंपर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सिद्धार्थनगर जिले की पहचान कालानमक चावल की बिक्री अब जैम पोर्टल के माध्यम से भी होगी। एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल कालानमक चावल को बिक्री का एक और प्लेटफार्म मिलने से किसान खुश हैं।

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वर्ष 2018 में एक जिला एक उत्पाद योजना में चयनित होने के बाद से कालानमक चावल की मांग और कीमत में लगातार वृद्धि हो रही है। ऑनलाइन माध्यम से भी कालानमक चावल की बिक्री हो रही है। सिंगापुर, नेपाल व अन्य देशों में कालानमक चावल की मांग बढ़ी है। इससे कालानमक चावल के निर्यात को बढ़ावा मिला है।
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जिला उद्योग केंद्र के अनुसार, वर्ष 2021-22 में 70 टन कालानमक चावल का निर्यात हुआ। अब जैम पोर्टल के माध्यम से भी कालानमक चावल की बिक्री होगी। इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। जिला उद्योग केंद्र ने तीन कृषक उत्पादक संगठन सहित दस प्रगतिशील किसानों के नाम ओडीओपी व जैम सेल को भेज दिया है।
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अब कालानमक चावल लेने के इच्छुक लोग किसानों से सीधे संपर्क कर सकेंगे। प्रगतिशील किसानों ने भी जैम पोर्टल के माध्यम से कालानमक चावल बेचने की तैयारी शुरू कर दी है। वे चावल की प्रोसेसिंग व पैकिंग में जुटे गए हैं।

 

नहीं होगी मिलावट की आशंका

जैम पोर्टल से बिक्री होने पर कालानमक चावल में मिलावट की आशंका नहीं होगी, क्योंकि चावल किसान से सीधे ग्राहक तक पहुंचेगा। बिचौलियों के माध्यम से बिक्री होने पर मिलावट की आशंका बढ़ जाती है। वे अधिक लाभ के लिए मिलावट करने लगते हैं, जिससे दूसरे शहरों में भेजा गया चावल मानक पर खरा नहीं उतरता है और वापस आ जाता है।

प्रगतिशील किसान अभिषेक सिंह ने कहा कि जैम पोर्टल से कालानमक चावल की बिक्री का लाभ किसान और क्रेता दोनों को मिलेगा। अब जिले में कालानमक धान की का रकबा 10 हजार हेक्टेयर से अधिक हो गया है।

प्रगतिशील किसान दीनानाथ ने कहा कि कालानमक चावल की सुगंध और स्वाद का कोई जवाब नहीं। जैम पोर्टल से बिक्री शुरू होने का लाभ किसानों को मिलेगा। अभी दस किसान पोर्टल से जुड़े हैं। इससे कालानमक चावल की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा।  

जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त दयाशंकर सरोज ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद योजना में चयनित कालानमक चावल अब जैम पोर्टल के माध्यम से भी बिकेगा। उद्योग कार्यालय से रिपोर्ट भेज दी गई है। जल्द ही बिक्री शुरू हो जाएगी। कोई समस्या होगी तो जैम सेल से उसका समाधान हो जाएगा।
 

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