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Siddharthnagar News: बरसात में जलभराव से घर से निकलना होता है मुश्किल
Sat, 20 May 2023 10:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 20 May 2023 10:58 PM IST
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शहर के शास्त्री नगर में जर्जर पड़ी सड़क और नाली जाम होने से सड़क पर बह रहा घरों का गंदा पानी। संवा
सिद्धार्थनगर। जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण शहर के भीमापार, शास्त्रीनगर व आजादनगर मोहल्ले के लोगों को बारिश से डर लगता है। कारण कि अगर चार घंटे सामान्य बारिश भी हो जाए तो जलभराव से उनका घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। इन मोहल्लों में कई के दरवाजे और गेट तक नाली का गंदा पानी भरा रहता है। नालों से जलनिकासी न होने की समस्या हर साल मोहल्ले के लिए सांसत पैदा करती है।
शहर के विस्तारित क्षेत्र में शामिल भीमापार मोहल्ले में बसी आबादी को पिछले 10 वर्ष से जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है। यहां जलनिकासी के लिए नालियां नहीं बनने से मामूली बारिश में ही मोहल्ले की सड़कों और गलियों में जलभराव हो जाता है। जहां कच्ची सड़क है वहां कीचड़ पसरने से लोग बाइक अथवा पैदल भी घर से नहीं निकल पाते हैं। कुछ इसी तरह का हाल विस्तारित क्षेत्र में शामिल शास्त्रीनगर मोहल्ले का भी है जहां जलनिकासी के लिए बनी नालियां टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इनमें भरी गंदगी से चोक नालियां के पानी का बहाव बंद हो जाता है। वहीं आजाद नगर मोहल्ले में नालियों का वजूद ही समाप्त हो चुका है। इन मोहल्लों में सफाई नहीं होने से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। आजाद नगर मोहल्ले में पिछले वर्ष कई लोग संक्रामक बीमारी की चपेट में आ गए थे।
विस्तारित क्षेत्र में जलनिकासी होगी चुनौती
विस्तारित क्षेत्र में शामिल भीमापार, शास्त्रीनगर, थरौली, पकड़ी, बसडिलिया व मधुकरपुर मोहल्लों में जलनिकासी का इंतजाम नई नगर पालिका बोर्ड के लिए चुनौती रहेगी। दो वर्ष पूर्व शहर में शामिल हुए इन क्षेत्रों में जलनिकासी के लिए कोई कार्य नहीं हुआ है। ऐसे में यहां नालियों का निर्माण और उनकी सही जगह निकासी कराना कठिन होगा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात के मौसम में सांसत से बचने के लिए पहले से ही कार्य कराना होगा, तभी बारिश में राहत मिल सकेगी।
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जल्द शुरू होगा नालियों का निर्माण
शहर का नया बोर्ड गठित होते ही शहर में जलनिकासी की दिशा में कार्य शुरू हो जाएगा। इसमें कई स्थानों पर नालियों का निर्माण भी शामिल है, जिससे जलनिकासी व्यवस्था दुरूस्त हो जाएगी। इससे पहले नालियों की साफ-सफाई भी लगातार कराई जा रही है।
- मुकेश कुमार चौधरी, ईओ नगर पालिका
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शहर के विस्तारित क्षेत्र में शामिल भीमापार मोहल्ले में बसी आबादी को पिछले 10 वर्ष से जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है। यहां जलनिकासी के लिए नालियां नहीं बनने से मामूली बारिश में ही मोहल्ले की सड़कों और गलियों में जलभराव हो जाता है। जहां कच्ची सड़क है वहां कीचड़ पसरने से लोग बाइक अथवा पैदल भी घर से नहीं निकल पाते हैं। कुछ इसी तरह का हाल विस्तारित क्षेत्र में शामिल शास्त्रीनगर मोहल्ले का भी है जहां जलनिकासी के लिए बनी नालियां टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इनमें भरी गंदगी से चोक नालियां के पानी का बहाव बंद हो जाता है। वहीं आजाद नगर मोहल्ले में नालियों का वजूद ही समाप्त हो चुका है। इन मोहल्लों में सफाई नहीं होने से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। आजाद नगर मोहल्ले में पिछले वर्ष कई लोग संक्रामक बीमारी की चपेट में आ गए थे।
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विस्तारित क्षेत्र में जलनिकासी होगी चुनौती
विस्तारित क्षेत्र में शामिल भीमापार, शास्त्रीनगर, थरौली, पकड़ी, बसडिलिया व मधुकरपुर मोहल्लों में जलनिकासी का इंतजाम नई नगर पालिका बोर्ड के लिए चुनौती रहेगी। दो वर्ष पूर्व शहर में शामिल हुए इन क्षेत्रों में जलनिकासी के लिए कोई कार्य नहीं हुआ है। ऐसे में यहां नालियों का निर्माण और उनकी सही जगह निकासी कराना कठिन होगा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरसात के मौसम में सांसत से बचने के लिए पहले से ही कार्य कराना होगा, तभी बारिश में राहत मिल सकेगी।
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जल्द शुरू होगा नालियों का निर्माण
शहर का नया बोर्ड गठित होते ही शहर में जलनिकासी की दिशा में कार्य शुरू हो जाएगा। इसमें कई स्थानों पर नालियों का निर्माण भी शामिल है, जिससे जलनिकासी व्यवस्था दुरूस्त हो जाएगी। इससे पहले नालियों की साफ-सफाई भी लगातार कराई जा रही है।
- मुकेश कुमार चौधरी, ईओ नगर पालिका