{"_id":"67ddb422242f54289a01f946","slug":"investigation-of-complaint-made-to-chief-minister-irregularities-in-records-confirmed-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-134432-2025-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: मुख्यमंत्री से शिकायत की हुई जांच, अभिलेखों में अनियमितता की पुष्टि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: मुख्यमंत्री से शिकायत की हुई जांच, अभिलेखों में अनियमितता की पुष्टि
विज्ञापन
: जिले में तैनात पीसीएफ जिला प्रबंधक पर वाराणसी में तैनाती के दौरान अनियमितता के आरोप
: कार्यकारी निदेशक ने कार्रवाई के लिए अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक सहकारिता को भेजा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। एक तरफ जहां जिले में धान खरीद घोटाला की जांच चल रही है, वहीं यहां तैनात पीसीएफ के जिला प्रबंधक पर भी कई गंभीर आरोप लगे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष बस्ती संजय चौधरी की ओर से मुख्यमंत्री को दिए शिकायती पत्र की जांच में इनमें अधिकांश आरोपों की पुष्टि भी हुई है।
संजय चौधरी ने यहां तैनात पीसीएफ के जिला प्रबंधक विजय प्रताप पाल के वाराणसी में तैनाती के दौरान अभिलेखीय अनियमितता समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे। जिले में कई करोड़ रुपये के धान खरीद घोटाला की जांच एसआईटी द्वारा किया जा रहा है। इसी बीच बस्ती के जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी ने मुख्यमंत्री को दिए शिकायती पत्र में वर्तमान में यहां तैनात पीसीएफ के जिला प्रबंधक पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए जांचकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने पीसीएफ जिला प्रबंधक विजय प्रताप पाल के वाराणसी में तैनाती के दौरान अभिलेखों में गड़बड़ी कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने समेत अन्य आरोप लगाए थे।
साथ ही ऑफिस की महिला कर्मी के साथ छेड़खानी के मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज होने का आरोप लगाए थे। जिस पर पीसीएफ के क्षेत्रीय प्रबंधक बस्ती विजय कुशवाहा की ओर से क्षेत्रीय प्रबंधक वाराणसी को पत्र भेजकर रिपोर्ट मांगी गयी थी। क्षेत्रीय प्रबंधक पीसीएफ वाराणसी पुष्पेंद्र कुशवाहा ने पीसीएफ के कार्यकारी निदेशक को भेजे पत्र में इनमें कई आरोपों की पुष्टि की है। जिसके बाद पीसीएफ के कार्यकारी निदेशक (प्रास) मनोज कुमार ने अपर आयुक्त एवं अपर अपर निबंधक सहकारिता को अग्रिम कार्रवाई के लिए 12 मार्च को रिपोर्ट भेजा है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- --
अभिलेखों में गड़बड़ी के कारण खरीद का नहीं हो सका आडिट
क्षेत्रीय प्रबंधक पीसीएफ वाराणसी की तरफ से पीसीएफ के कार्यकारी निदेशक को भेजे रिपोर्ट में जिले में तैनात पीसीएफ जिला प्रबंधक विजय प्रताप पाल पर आरोपों की पुष्टि की है। उन्होंने विजय प्रताप पाल के वाराणसी में तैनाती के दौरान धान व गेहूं के 221.628 मैट्रिक टन संभार की बिलिंग अवशेष है और 4.88 करोड़ की धनराशि भारतीय खाद्य निगम पर भुगतान के लिए लंबित है। उन्होंने रिपोर्ट दी है कि विजय प्रताप पाल ने अपने कार्यकाल में राइस मिलर्स, धान व सीएसआर आदि की ढुलाई, पल्लेदारी, समितियों को किए गए कमीशन आदि के भुगतान कोई बाउचर तैयार नहीं किए गए और न ही लेजरिंग की गई। उन्होंने रिपोर्ट दी है कि उस समय का बाउचर एवं लेजर नहीं होने के कारण आडिट कार्य नहीं हो पाने का हवाला दिया है। साथ ही विजय प्रताप पाल के समय से लेखा संबंधित कार्य पूर्णतया ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने जनपद वाराणसी में वर्ष 2024-25 में सीएसआर, धान डिलीवरी न होने का मुख्य कारण तत्कालीन जिला प्रबंधक पीसीएफ विजय प्रताप पाल को बताया है।
इस संबंध में जिला प्रबंधक पीसीएफ विजय प्रताप पाल के मोबाइल पर संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन वार्ता नहीं हो सकी। उनका पक्ष मिलने पर प्रकाशित किया जाएगा।
विज्ञापन
: कार्यकारी निदेशक ने कार्रवाई के लिए अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक सहकारिता को भेजा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। एक तरफ जहां जिले में धान खरीद घोटाला की जांच चल रही है, वहीं यहां तैनात पीसीएफ के जिला प्रबंधक पर भी कई गंभीर आरोप लगे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष बस्ती संजय चौधरी की ओर से मुख्यमंत्री को दिए शिकायती पत्र की जांच में इनमें अधिकांश आरोपों की पुष्टि भी हुई है।
संजय चौधरी ने यहां तैनात पीसीएफ के जिला प्रबंधक विजय प्रताप पाल के वाराणसी में तैनाती के दौरान अभिलेखीय अनियमितता समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे। जिले में कई करोड़ रुपये के धान खरीद घोटाला की जांच एसआईटी द्वारा किया जा रहा है। इसी बीच बस्ती के जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी ने मुख्यमंत्री को दिए शिकायती पत्र में वर्तमान में यहां तैनात पीसीएफ के जिला प्रबंधक पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए जांचकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने पीसीएफ जिला प्रबंधक विजय प्रताप पाल के वाराणसी में तैनाती के दौरान अभिलेखों में गड़बड़ी कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने समेत अन्य आरोप लगाए थे।
विज्ञापन
साथ ही ऑफिस की महिला कर्मी के साथ छेड़खानी के मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज होने का आरोप लगाए थे। जिस पर पीसीएफ के क्षेत्रीय प्रबंधक बस्ती विजय कुशवाहा की ओर से क्षेत्रीय प्रबंधक वाराणसी को पत्र भेजकर रिपोर्ट मांगी गयी थी। क्षेत्रीय प्रबंधक पीसीएफ वाराणसी पुष्पेंद्र कुशवाहा ने पीसीएफ के कार्यकारी निदेशक को भेजे पत्र में इनमें कई आरोपों की पुष्टि की है। जिसके बाद पीसीएफ के कार्यकारी निदेशक (प्रास) मनोज कुमार ने अपर आयुक्त एवं अपर अपर निबंधक सहकारिता को अग्रिम कार्रवाई के लिए 12 मार्च को रिपोर्ट भेजा है।
विज्ञापन
अभिलेखों में गड़बड़ी के कारण खरीद का नहीं हो सका आडिट
क्षेत्रीय प्रबंधक पीसीएफ वाराणसी की तरफ से पीसीएफ के कार्यकारी निदेशक को भेजे रिपोर्ट में जिले में तैनात पीसीएफ जिला प्रबंधक विजय प्रताप पाल पर आरोपों की पुष्टि की है। उन्होंने विजय प्रताप पाल के वाराणसी में तैनाती के दौरान धान व गेहूं के 221.628 मैट्रिक टन संभार की बिलिंग अवशेष है और 4.88 करोड़ की धनराशि भारतीय खाद्य निगम पर भुगतान के लिए लंबित है। उन्होंने रिपोर्ट दी है कि विजय प्रताप पाल ने अपने कार्यकाल में राइस मिलर्स, धान व सीएसआर आदि की ढुलाई, पल्लेदारी, समितियों को किए गए कमीशन आदि के भुगतान कोई बाउचर तैयार नहीं किए गए और न ही लेजरिंग की गई। उन्होंने रिपोर्ट दी है कि उस समय का बाउचर एवं लेजर नहीं होने के कारण आडिट कार्य नहीं हो पाने का हवाला दिया है। साथ ही विजय प्रताप पाल के समय से लेखा संबंधित कार्य पूर्णतया ध्वस्त हो चुका है। उन्होंने जनपद वाराणसी में वर्ष 2024-25 में सीएसआर, धान डिलीवरी न होने का मुख्य कारण तत्कालीन जिला प्रबंधक पीसीएफ विजय प्रताप पाल को बताया है।
इस संबंध में जिला प्रबंधक पीसीएफ विजय प्रताप पाल के मोबाइल पर संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन वार्ता नहीं हो सकी। उनका पक्ष मिलने पर प्रकाशित किया जाएगा।