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हिना की मौत की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश

Fri, 15 Dec 2017 11:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Fri, 15 Dec 2017 11:30 PM IST
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Instructions for the investigation of Hina's death
बयारा बालगृह में घटना की जांच करते बस्ती मंडल के उप मुख्य पर्यवेक्षाधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
डुमरियागंज। बयारा बालिका बाल गृह में रह रही किशोरी हिना की मौत के मामले में शुक्रवार को बस्ती मंडल के उप मुख्य पर्यवेक्षाधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह जांच के लिए बयारा पहुंचे। घटना के संबंध में प्रबंधक रामपुजारी से पूछताछ की। उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखा। प्रबंधक के जवाब से असंतुष्ट होने पर उन्होंने मौके पर मौजूद डीपीओ को मामले की मजिस्ट्रियल जांच के लिए  निर्देशत दिया।
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  बयारा बालिका बालगृह में रह रही हिना खान(15) की तबीयत 30 नवंबर को खराब हो गई थी। बालगृह प्रबंधक रामपुजारी के मुताबिक तबीयत खराब होने पर हिना को बेंवा सीएचसी ले जाया गया, जहां उसकी हालत खराब होने पर बस्ती और गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। गोरखपुर में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के 10 दिन बाद प्रबंधक ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। इसके बाद से किशोरी की मौत सवालों के घेरे में आ गया है। शासन स्तर तक मामला पहुंचने के बाद घटना के 15वें दिन शुक्रवार को बस्ती मंडल के उपमुख्य पर्यवेक्षाधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह दोपहर करीब एक बजे बालगृह पहुंचे। 
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प्रबंधक रामपुजारी से हिना की मौत का समय पूछा गया तो उन्होंने रात लगभग 8.30 बजे बताया, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शाम 6 बजे दर्शाया गया था। उन्होंने बालगृह के एक-एक कमरों में जाकर वहां की व्यवस्था देखी। बच्चों के पहनने के लिए रखे कपड़े वाले बक्सों को भी खुलवाकर चेक किया। साफ-सफाई की दुर्व्यवस्था व जर्जर भवनों को देख उन्होंने नाराजगी जताई। हिना की मौत के घटना के पहले बालगृह में हुई अन्य दो घटनाओं की जानकारी उच्चाधिकारियों को न देने पर प्रबंधक को कई फटकार लगाई। जांच में असंतुष्ट दिखे पर्यवेक्षाधिकारी ने डीपीओ सतीशचंद्र से घटना की मजिस्ट्रियल जांच करवाने का निर्देश दिया। उप मुख्य पर्यवेक्षाधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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