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भारतीय किसान संघ ने कलेक्ट्रेट में धरना दिया
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 09 Aug 2016 10:47 PM IST
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protest for tower removal
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। भारतीय किसान संघ ने मंगलवार को आठ सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। इसमें किसानों को लागत के अनुरूप मूल्य देने सहित आठ सूत्रीय मांग पत्र को डीएम को देकर समस्याओं के समाधान की मांग की। साथ ही समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
जिलाध्यक्ष अश्वनी कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश व केंद्र दोंनों की सरकारें किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि आज किसानों के साथ हर जगह शोषण किया जा रहा है। लागत के अनुरूप किसानों के उपज का मूल्य निर्धारण किया जाए। कृषि को योग्य भूमि को बंधक रखकर कर्ज लेने वाले किसानों का कर्जा न दे पाने की स्थिति में जमीन की नीलामी व्यवस्था को समाप्त किया जाए।
कृषि कार्य करने के लिए घर निकलने वाले किसान के साथ कि प्रकार की दुर्घटना हो तो उसे पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। किसानों द्वारा चलाए जा रहे नलकूपों को भारमुक्त किया जाए जिस प्रकार अन्य राज्यों में किया गया है। किसानों को पौधरोपण करने के लिए फलदार पौधे की निशुल्क व्यवस्था की जाए। नहरों का पानी सभी खेतों तक पहुंचे इसके लिए साइफन, रेगुलेटर, नाली की व्यवस्था की जाए।
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बाढ़ प्रभावित गांवों को रोशन तथा अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए। बाढ़ से नुकसान हुए फसलों का मुआवजा दिया जाए। आगजनी में गेहू़ं जली हुई फसल का अभी तक क्षतिपूर्ति नहीं मिला है जल्द किसानों का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर मांगे जल्द पूरी नहीं की गई तो सड़क पर उतर आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान सुरेंद्र चौधरी, जर्नादन प्रसाद पाठक और ओमप्रकाश चौधरी आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष अश्वनी कुमार सिंह ने कहा कि प्रदेश व केंद्र दोंनों की सरकारें किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि आज किसानों के साथ हर जगह शोषण किया जा रहा है। लागत के अनुरूप किसानों के उपज का मूल्य निर्धारण किया जाए। कृषि को योग्य भूमि को बंधक रखकर कर्ज लेने वाले किसानों का कर्जा न दे पाने की स्थिति में जमीन की नीलामी व्यवस्था को समाप्त किया जाए।
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कृषि कार्य करने के लिए घर निकलने वाले किसान के साथ कि प्रकार की दुर्घटना हो तो उसे पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। किसानों द्वारा चलाए जा रहे नलकूपों को भारमुक्त किया जाए जिस प्रकार अन्य राज्यों में किया गया है। किसानों को पौधरोपण करने के लिए फलदार पौधे की निशुल्क व्यवस्था की जाए। नहरों का पानी सभी खेतों तक पहुंचे इसके लिए साइफन, रेगुलेटर, नाली की व्यवस्था की जाए।
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बाढ़ प्रभावित गांवों को रोशन तथा अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए। बाढ़ से नुकसान हुए फसलों का मुआवजा दिया जाए। आगजनी में गेहू़ं जली हुई फसल का अभी तक क्षतिपूर्ति नहीं मिला है जल्द किसानों का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर मांगे जल्द पूरी नहीं की गई तो सड़क पर उतर आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान सुरेंद्र चौधरी, जर्नादन प्रसाद पाठक और ओमप्रकाश चौधरी आदि मौजूद रहे।