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आस्था का विसर्जन : नौ दिन पूजा फिर सामान लूटने की होड़

Tue, 15 Oct 2024 01:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 15 Oct 2024 01:00 AM IST
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Immersion of faith: nine days of worship and then a competition to loot goods
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। आस्था और श्रद्धा के साथ नौ दिनों तक मां दुर्गा की न प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन किया गया, लेकिन जल में विसर्जन के दिन कुछ लोग सभी मर्यादाएं भूल गए। शहर के जमुआरघाट और शोहरतगढ़ क्षेत्र के दोई नदी पर प्रतिमाओं को जैसे ही प्रतिमाओं को जलसमाधि दी गई, लेकिन उनकी मर्यादा का ध्यान नहीं रखा गया।
जिम्मेदारों ने आस्था पूर्वक सफाई नहीं कराई इसलिए वस्त्र, नकदी और शस्त्र को पानी से बाहर निकालने की हाेड़ लग गई है। कलश और पूजा की सामग्री बिखरी पड़ी थी और विसर्जन करने वाले भी प्रतिमाओं से निकले मलबे को कुचलते जाते नजर आ रहे हैं। श्रद्धा और आस्था के इस विसर्जन को जिसने भी देखा, उसका मन दुखी हो गया। जमुआर घाट पर पुल के नीचे सोमवार दोपहर में तीन बालक तैरते हुए पानी से एक प्रतिमा को निकाले और वे अवशेष में कुछ कीमती सामानों की तलाश कर रहे थे। कोई मूर्ति से कपड़े निकाल रहा था तो कोई लकड़ी। प्रतिमा विसर्जन के बाद नगर पालिका परिषद की ओर से घाट की सफाई नहीं कराई गई, इस कारण आस्था को चोट पहुंच रही है।
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घाट पर कलश, चुनरी और अन्य सामान बिखरे पड़े हैं, उसी स्थान पर मछुआरे मछलियाें को सूखा रहे हैं। इस कारण उधर जाने वाले लोगों का मन दुखी हो रहा है। इस मामले अधिवक्ता अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि मछलियों को सूखाकर बेचना मछुआरों की आजीविका है, लेकिन घाट से पूजा के सामान साफ किए गए होते तो आस्था को ठेस नहीं पहुंचती। जमुआर घाट शहर में नए पर्यटन स्थल के रूप में उभर रहा है, ऐसे स्थान पर स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
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नहीं हुई सफाई तो हुई बेकद्री : शोहरगढ़। तहसील क्षेत्र में दोई नदी में 100 से अधिक प्रतिमाओं विसर्जन किया गया, लेकिन वहां प्रतिमाएं पलटी हैं।
वहां पहुंच रहे लोग गले की माला, कपड़े, गहने ढूंढ़ते नजर आए। नगर पालिका परिषद की ओर सफाई नहीं कराई गई है। इस कारण प्रतिमाओं के अवशेष दुर्गंध भी आ रही है। शोहरतगढ़ में सोमवार सुबह 10 बजे विसर्जन हुआ, लेकिन प्रतिमाओं से बांस-बल्ली निकालने का काम भी शुरू हुआ है।
कई बालक चढ़कर जेवर और कपड़े निकाल रहे थे। लकड़ी और अवशेष में कुछ खास सामान की तलाश करने वालों से बात करने की कोशिश की गई, तो वे भाग खड़े हुए।द
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