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Siddharthnagar News: तालाब-पोखरों पर अवैध कब्जा सुंदरीकरण का कार्य अटका
Sat, 21 Dec 2024 11:25 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 21 Dec 2024 11:25 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। नगर के तालाब-पोखरों का रकबा सिमटता जा रहा है। सीमांकन नहीं होने से सुंदरीकरण का कार्य अटका पड़ा है। तालाब-पोखरों के सीमांकन के लिए नगर पालिका की ओर से प्रशासन को पत्र भेजा गया है। लेकिन, अब तक कोई पहल होती नहीं दिख रही है।
शहर में 100 से अधिक तालाब-पोखरे हैं। आबादी से सटे और आबादी के बीच 70 प्रतिशत तालाब और पोखरों पर कब्जा हो गया है। कई का तो अस्तित्व ही नहीं बचा है। जबकि, जल सरंक्षण को बढ़ावा देने के लिए सरकार तालाब-पोखरों के सुंदरीकरण पर जोर दे रही है। नगर में पोखरे और तालाब रकबे के चिह्नांकन का काम न होने के कारण सुंदरीकरण का काम नहीं हो पा रहा है।
नगर पालिका के सीमा विस्तार के बाद 23 राजस्व गांव शामिल हो गए हैं। इससे शहर की सीमा में तालाब-पोखरों की संख्या 100 से अधिक हो गई है। नगर पालिका प्रशासन से तालाब और पोखरों के संरक्षण और उनका अस्तित्व बचाए रखने के लिए सुंदरीकरण की योजना तैयार की। प्रशासन को पत्र भेजकर पोखरे और तालाब की संख्या और रकबे के बारे में रिपोर्ट मांगी गई। पत्राचार हुए कई माह हो गए, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली है। नगर के तालाब और पोखरे की पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आबादी के बीच और आबादी से सटे तालाब और पोखरों पर 70 प्रतिशत से अधिक कब्जा हो चुका है। कुछ लोगों ने जमीन का छोटा टुकड़ा खरीदा और उसकी आड़ में तालाब को पाटकर इमारत खड़ी कर ली है।
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सिद्धार्थनगर। नगर के तालाब-पोखरों का रकबा सिमटता जा रहा है। सीमांकन नहीं होने से सुंदरीकरण का कार्य अटका पड़ा है। तालाब-पोखरों के सीमांकन के लिए नगर पालिका की ओर से प्रशासन को पत्र भेजा गया है। लेकिन, अब तक कोई पहल होती नहीं दिख रही है।
शहर में 100 से अधिक तालाब-पोखरे हैं। आबादी से सटे और आबादी के बीच 70 प्रतिशत तालाब और पोखरों पर कब्जा हो गया है। कई का तो अस्तित्व ही नहीं बचा है। जबकि, जल सरंक्षण को बढ़ावा देने के लिए सरकार तालाब-पोखरों के सुंदरीकरण पर जोर दे रही है। नगर में पोखरे और तालाब रकबे के चिह्नांकन का काम न होने के कारण सुंदरीकरण का काम नहीं हो पा रहा है।
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नगर पालिका के सीमा विस्तार के बाद 23 राजस्व गांव शामिल हो गए हैं। इससे शहर की सीमा में तालाब-पोखरों की संख्या 100 से अधिक हो गई है। नगर पालिका प्रशासन से तालाब और पोखरों के संरक्षण और उनका अस्तित्व बचाए रखने के लिए सुंदरीकरण की योजना तैयार की। प्रशासन को पत्र भेजकर पोखरे और तालाब की संख्या और रकबे के बारे में रिपोर्ट मांगी गई। पत्राचार हुए कई माह हो गए, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली है। नगर के तालाब और पोखरे की पड़ताल में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आबादी के बीच और आबादी से सटे तालाब और पोखरों पर 70 प्रतिशत से अधिक कब्जा हो चुका है। कुछ लोगों ने जमीन का छोटा टुकड़ा खरीदा और उसकी आड़ में तालाब को पाटकर इमारत खड़ी कर ली है।
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