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Siddharthnagar News: अवैध खनन और बढ़ते हादसों पर कसेगा शिकंजा, डंपरों की होगी जांच
Sun, 31 May 2026 02:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 31 May 2026 02:03 AM IST
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सिद्धार्थनगर। अवैध रूप से हो रहे खनन और बिना कागजात बेधड़क दौड़ रहे डंपर से होने वाले हादसे और ओवरलोडिंग को लेकर शासन सख्त हुआ है। अब रात के अंधेरे में दौड़ लगाने वाले डंपरों की जांच के साथ ही संभागीय परिवहन विभाग कार्रवाई करेगा।
इसके लिए टीम गठित की गई जो रात और दिन दोनों समय पर जाकर जांच करेगी। प्रतिदिन होने वाली जांच और कार्रवाई की मॉनिटरिंग शासन स्तर से होगी।
संभागीय परिवहन विभाग ने निर्देश जारी किए गए हैं कि पंजीकृत वाहनों की गहनता से जांच की जाए और उनके मानक को देखा जाए। वहीं, अवैध रूप से संचालित होने वाले वाहनों पर सीज करने और जुर्माना की कार्रवाई की जाए। आंकड़ों पर गौर करें तो जनपद में 156 डंपर पंजीकृत हैं। इससे इतर कहीं अधिक संख्या में वाहन संचालित होने की आशंका जताई जा रही है। यही वजह है कि परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की रणनीति बनाई है। विभागीय टीम प्रमुख मार्गों, खनन प्रभावित क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों में विशेष चेकिंग अभियान शुरू की है।
रबी की फसल की कटाई के बाद चाहे ईंट भट्ठे हों या फिर घरेलू काम, इसके के लिए मिट्टी की मांग शुरू हो जाती है। इसमें राजस्व और खनन विभाग से खनन से संबंधित अनुमति लेने के बाद खनन शुरू होता है लेकिन, इसमें बगैर अनुमति और तय मानक से अधिक खनन के कई मामले देखे जाते हैं। अवैध रूप से होने वाले खनन का यह खेल दिन में कम और रात में अधिक होता है। यह वजह है कि रात में बेधड़क डंपर के दौड़ने और चक्कर मारने में कई बार हादसे हो जाते हैं। डंपर और खनन को रोकने पहुंची प्रशासनिक टीम पर हमले और गाड़ी चढ़ाने का दुस्साहस भी किया गया है। गहन जांच और निगरानी से इस पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकेगा।
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गेहूं की कटाई होने के बाद से ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मिट्टी खनन का कार्य तेजी से चल रहा है। बड़ी संख्या में डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़कों पर दौड़ लगाते नजर आ रहे हैं। पंजीकृत वाहनों के अलावा भी कई वाहन खनन कार्य में लगे हैं।
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इसके लिए टीम गठित की गई जो रात और दिन दोनों समय पर जाकर जांच करेगी। प्रतिदिन होने वाली जांच और कार्रवाई की मॉनिटरिंग शासन स्तर से होगी।
संभागीय परिवहन विभाग ने निर्देश जारी किए गए हैं कि पंजीकृत वाहनों की गहनता से जांच की जाए और उनके मानक को देखा जाए। वहीं, अवैध रूप से संचालित होने वाले वाहनों पर सीज करने और जुर्माना की कार्रवाई की जाए। आंकड़ों पर गौर करें तो जनपद में 156 डंपर पंजीकृत हैं। इससे इतर कहीं अधिक संख्या में वाहन संचालित होने की आशंका जताई जा रही है। यही वजह है कि परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की रणनीति बनाई है। विभागीय टीम प्रमुख मार्गों, खनन प्रभावित क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों में विशेष चेकिंग अभियान शुरू की है।
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रबी की फसल की कटाई के बाद चाहे ईंट भट्ठे हों या फिर घरेलू काम, इसके के लिए मिट्टी की मांग शुरू हो जाती है। इसमें राजस्व और खनन विभाग से खनन से संबंधित अनुमति लेने के बाद खनन शुरू होता है लेकिन, इसमें बगैर अनुमति और तय मानक से अधिक खनन के कई मामले देखे जाते हैं। अवैध रूप से होने वाले खनन का यह खेल दिन में कम और रात में अधिक होता है। यह वजह है कि रात में बेधड़क डंपर के दौड़ने और चक्कर मारने में कई बार हादसे हो जाते हैं। डंपर और खनन को रोकने पहुंची प्रशासनिक टीम पर हमले और गाड़ी चढ़ाने का दुस्साहस भी किया गया है। गहन जांच और निगरानी से इस पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकेगा।
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गेहूं की कटाई होने के बाद से ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मिट्टी खनन का कार्य तेजी से चल रहा है। बड़ी संख्या में डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़कों पर दौड़ लगाते नजर आ रहे हैं। पंजीकृत वाहनों के अलावा भी कई वाहन खनन कार्य में लगे हैं।