फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   ig claimed, not police, one young man fired at old lady

दावा : पुलिस ने नहीं, युवक ने महिला पर चलाई थी गोली

Mon, 16 May 2022 11:42 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 16 May 2022 11:42 PM IST
विज्ञापन
ig claimed, not police, one young man fired at old lady
दावा : पुलिस ने नहीं, युवक ने महिला पर चलाई थी गोली
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के कोड़रा ग्रांट गांव के टोला इस्लामनगर में संदिग्ध को पकड़ने के दौरान फायरिंग के दौरान महिला की मौत का मामले का पुलिस ने सोमवार को पर्दाफाश कर दिया। पुलिस का दवा है कि पशु तस्करों से मिले हुए एक युवक ने पुलिस की दबिश के दौरान धक्का-मुक्की के बीच फायरिंग कर दी, जिससे महिला की मौत हो गई। आरोपित के पास से तमंचा बरामद किया गया है। घटना स्थल पर परिवार को मिली गोली से मिलान करने पर सही पाया गया। पूछताछ के बाद आरोपित को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस लाइंस सभागार में सोमवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में आईजी बस्ती राजेश मोदक ने ये जानकारी दी।
आईजी राजेश मोदक ने बताया कि नौ मई की रात पुलिस ने पशु के प्रतिबंधित मांस के साथ चार लोगों को पकड़ा था। इसमें दो आरोपित कोड़रा ग्रांट गांव के टोला इस्लामनगर नगर के रहने वाले थे। 14 मई की रात मुखबिर से सूचना मिली की इस्लामनगर में गोहत्या की गई है। सदर कोतवाल तहसीलदार सिंह पुलिस टीम के साथ गांव में पहुंच गए। यहां पर वह संदिग्धों की चेंकिंग कर थे। पूछताछ करते ही लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। दो घरों चेकिंग हो चुकी थी। जब अब्दुल रहमान से पूछताछ की कोशिश की गई तो लोग विरोध करने लगे और धक्का-मुक्की पर उतर आए। पुलिस के काम में दखल देते हुए विवाद करने लगे। इस बीच अफरातफरी मच गई। विरोध के चलते पुलिस वहां से लौट गई। इसी बीच जितेंद्र यादव निवासी भीमापार ने तमंचे से गोली चला दी। उससे रोशनी पत्नी अकबर अली की जान चली गई थी। इस मामले में मृतका के पुत्र अब्दुल रहमान की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज करके मामले की जांच की जा रही थी। जितेंद्र यादव के वारदात करने के पुख्ता सुबूत मिले और उसके पास से तमंचा भी मिल गया, जिससे उसने फायरिंग की थी। उसे सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान एसपी डॉ. यशवीर सिंह, एएसपी सुरेशचंद्र रावत, सीओ सदर प्रदीप कुमार यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

पुलिस का दावा गो तस्करों से थे संबंध
पुलिस का दावा है कि इस्लामनगर गांव में गोहत्या के सात हिस्ट्रीशीटर हैं। सात मुकदमों में 16 आरोपित हैं। यहां पर लगातार गोहत्या की सूचना पुलिस को मिलती रहती है। इन्हीं तस्करों से जितेंद्र यादव के संबंध थे। वह पशु हत्या करने वाले अपराधियों को डरा-धमका कर धन मांगता था। रुपये न देने से वह क्षुब्ध था और उसी में मौका देखते हुए गोली मार दी। यह बात उसने पूछताछ में स्वीकार की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सवाल: पुलिस की दबिश का जितेंद्र को कैसे पता लगा
पुलिस ने हत्याकांड में जिस जितेंद्र यादव को आरोपित बता रही है। उसका घर घटना स्थल से तकरीबन सात किलोमीटर दूर है। पुलिस को रात 10 से 10:05 बजे के बीच सूचना मिलती है। वह 10:30 तक गांव में पहुंच जाती है। इस बीच सवाल यह है कि आखिर जितेंद्र को पुलिस के इस्लामनगर में दबिश की सूचना कैसे मिल गई। अगर मिली तो भीमापार से तकरीबन सात किलोमीटर दूर वह किस साधन से मौके पर गया और ऐसी कौन सी स्थिति बनी कि उसने गोली चला दी? उसने वृद्ध महिला को क्यों निशाने पर लिया। पुलिस और जितेंद्र यादव के घटना स्थल पर पहुंचने और वारदात के समय में लगभग एक साथ रहने पर इससे इनकार नहीं किया जा सकता है कि पुलिस की हर गतिविधि को वह जनता था। कहीं-कहीं किसी विभागीय व्यक्ति के जरिए उस तक जानकारी पहुंच गई।
तमंचा से ही हुई थी फायरिंग
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो यह बात सामने आ चुकी है कि मौत तमंचे से ही फायरिंग से हुई है। हालांकि पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है। परिवार वालों को भी रिपोर्ट मुहैया नहीं कराई गई है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक, शरीर के पिछले हिस्से को बेधते हुए गोली बाहर निकल गई। फेफड़ा और हृदय क्षतिग्रस्त हुआ है। पिछले हिस्से में गन शॉट के निशान हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, शरीर में गोली लगने के बाद जो होल हुआ है, उससे यह संकेत मिले हैं कि तमंचे से ही फायरिंग की गई थी। हालांकि पोस्टमार्टम करने वाली टीम को शरीर में बुलेट नहीं मिली है। इस बात की रविवार को चर्चा रही कि तमंचे से फायरिंग की गई। इस पर आशंका व्यक्त करते हुए अमर उजाला ने 16 मई के अंक में खबर प्रकाशित कर चुका है, जो लगभग सच साबित हुआ।
गांव पर है पुलिस की नजर
सिद्धार्थनगर। कोड़रा ग्रांट गांव के टोला इस्लामनगर में हुए हत्याकांड के विवाद शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस की निगाहें जमी हुई हैं। गांव में जाने वाले मार्ग पर उसे गांव के टोला घोसवा में पुलिस फोर्स जमी हुई है, जो इस्लामनगर लगभग दो किलोमीटर दूर पर है। पुलिस इसलिए जमी हुई है कि कोई बाहरी व्यक्ति गांव में जाकर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश न करे। अगर ऐसा कोई जाने की कोशिश करता है तो उसे रोका जा सके। फिलहाल गांव में शांति बनी हुई है।
गांव में हर तरफ गोलीकांड की चर्चा
इस्लामनगर टोले में हर कोने पर हर व्यक्ति उसी गोली कांड की चर्चा करते हुए देखा गया। गांव में तो सन्नाटे जैसी स्थिति है। कहीं-कहीं लोगों को समूह उसी कांड पर चर्चा कर रहा था। पुलिस पर जबरदस्ती करने की बात करता मिला। वहीं, मृतका के घर पर मंगलवार को भी चीख-पुकार मचा रहा। मृतक के घर पर लोगों को पूरे दिन आना-जाना लगा रहा है। वहीं, लोगों के आंखों में पुलिस और प्रशासन के प्रति आक्रोश देखा गया। इस कार्रवाई पर लोग सवाल उठाते रहे।

पट्टे की भूमि का हुआ प्रस्ताव
प्रशासन के वादे के अनुसार पट्टे की भूमि देने के लिए राजस्व टीम और लेखपाल भी सोमवार को गांव पहुंचे। मृतका के पुत्र अब्दुल रहमान ने बताया कि एक बीघा जमीन के पट्टे के लिए प्रस्ताव करके लेखपाल गए हैं। देर शाम को कागज देने की बात कहकर गए हैं। उसने बताया कि शादी नहीं रोकेंगे, उसी तिथि पर निकाह होगा। परिवार के अन्य लोग जो बाहर गए थे, वे आ रहे हैं। वहीं, कुबैत में रह रहे मृतका के पुत्र अजीकुर्रहमान ने भी ऑनलाइन कॉल करके पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed