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Siddharthnagar News: फुट प्रिंट की जांच हो तो लावारिस से वारिस हो जाएगा नवजात
Mon, 18 Sep 2023 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 18 Sep 2023 12:30 AM IST
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के संयुक्त जिला अस्पताल में लावारिस मासूम के मां-पिता की तलाश करने में पुलिस लापरवाही बरत रही है। अस्पताल में आम चर्चा है कि यदि नवजात के फुट प्रिंट की जांच हो तो पता चल जाएगा कि किसने मासूम को रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन के नीचे छोड़ दिया था।
शोहरतगढ़ क्षेत्र के परसा रेलवे स्टेशन पर कई दिनों से खड़ी ट्रेन के नीचे 11 सितंबर को एक नवजात मिला। चरवाहों ने उसके राेने की आवाज सुनी तो लोगों को जानकारी हुई। यह मामला बाल कल्याण समिति तक पहुंचा। उसके बाद जिले में चर्चा तेज हो गई कि उसकी मां ने किस मजबूरी में उसे छोड़ दिया था। इस मामले में शोहरतगढ़ के थानाध्यक्ष पंकज पांडेय ने बताया कि यह रेलवे पुलिस का केस है।
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ऐसे घूम रही शक की सुई
मेडिकल कॉलेज के 9 सितंबर को नार्मल डिलीवरी से एक मासूम का जन्म हुआ। जन्म के बाद वह रोया नहीं तो एसएनसीयू में उसे भर्ती किया गया। 11 सितंबर सुबह 11 बजे उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, लेकिन उसी दिन शाम को एक मासूम परसा रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर मिला। वह भर्ती हुआ तो स्वास्थ्य कर्मियों को अंदेशा हुआ कि कहीं वहीं मासूम तोनहीं है, जिसे सुबह भर्ती किया है।
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नवजात को गोंडा भेजने की तैयारी
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष/सदस्य वीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि परसा रेलवे स्टेशन पर मिले मासूम को शिशु पालन केंद्र गोंडा भेजा जाएगा। वह मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में भर्ती है, उसकी सेहत अच्छी है। स्वास्थ्य कर्मियों की टीम एंबुलेंस के माध्यम से उसे शिशु पालन केंद्र गोंडा में सुरक्षित पहुंचाएगी।
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परसा रेलवे स्टेशन पर मिले नवजात के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। अस्पताल में बच्चे के लिए गए फुट प्रिंट के माध्यम से भी उसके मां-पिता की तलाश करने की कोशिश की जाएगी।
-आदित्य सिंह, प्रभारी जीआरपी, आनंदनगर
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शोहरतगढ़ क्षेत्र के परसा रेलवे स्टेशन पर कई दिनों से खड़ी ट्रेन के नीचे 11 सितंबर को एक नवजात मिला। चरवाहों ने उसके राेने की आवाज सुनी तो लोगों को जानकारी हुई। यह मामला बाल कल्याण समिति तक पहुंचा। उसके बाद जिले में चर्चा तेज हो गई कि उसकी मां ने किस मजबूरी में उसे छोड़ दिया था। इस मामले में शोहरतगढ़ के थानाध्यक्ष पंकज पांडेय ने बताया कि यह रेलवे पुलिस का केस है।
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ऐसे घूम रही शक की सुई
मेडिकल कॉलेज के 9 सितंबर को नार्मल डिलीवरी से एक मासूम का जन्म हुआ। जन्म के बाद वह रोया नहीं तो एसएनसीयू में उसे भर्ती किया गया। 11 सितंबर सुबह 11 बजे उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, लेकिन उसी दिन शाम को एक मासूम परसा रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर मिला। वह भर्ती हुआ तो स्वास्थ्य कर्मियों को अंदेशा हुआ कि कहीं वहीं मासूम तोनहीं है, जिसे सुबह भर्ती किया है।
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नवजात को गोंडा भेजने की तैयारी
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष/सदस्य वीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि परसा रेलवे स्टेशन पर मिले मासूम को शिशु पालन केंद्र गोंडा भेजा जाएगा। वह मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में भर्ती है, उसकी सेहत अच्छी है। स्वास्थ्य कर्मियों की टीम एंबुलेंस के माध्यम से उसे शिशु पालन केंद्र गोंडा में सुरक्षित पहुंचाएगी।
परसा रेलवे स्टेशन पर मिले नवजात के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। अस्पताल में बच्चे के लिए गए फुट प्रिंट के माध्यम से भी उसके मां-पिता की तलाश करने की कोशिश की जाएगी।
-आदित्य सिंह, प्रभारी जीआरपी, आनंदनगर