{"_id":"582b42f74f1c1b57368fee12","slug":"i-have-met-girls-eyes-stray-across","type":"story","status":"publish","title_hn":"भटकी बच्चियां मिलीं तो भर आई आंखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भटकी बच्चियां मिलीं तो भर आई आंखें
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 15 Nov 2016 10:46 PM IST
विज्ञापन
चाइल्ड लाइन के कार्यकर्ताओं ने बच्चों को परिवार के सुपुर्द किया।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। चाइल्ड लाइन के प्रयास ने सुबह घर से गायब तीन बच्चियों को उनके परिजनों तक पहुंचा दिया। गायब बच्चियां मिलने के बाद परिजनों की आंख खुशी से भर आई। देखते ही परिजन तीनों से लिपट गए। मंगलवार को जोगिया कोतवाली क्षेत्र में तीन बच्चियां देखी गई। इसकी सूचना किसी ने जोगिया पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चियों को चाइल्ड लाइन के केंद्रीय समन्वयक सुनील उपाध्याय को सूचना दिया।
सूचना पर पहुंचे चाइल्ड लाइन के लोग बच्चियों को अपने कार्यालय पर ले आए और समाजसेवियों और पुलिस के माध्यम से जांच शुरू की तो पता चला की तीनों उसका बाजार थाना क्षेत्र के उड़वलिया परसा गांव में रिश्तेदारी में नाना के यहां आई हैं। प्रधान से संपर्क किया गया तो पता सही मिला। इसके बाद उनके नाना-नानी को सुपुर्द कर दिया गया। बच्चियों का नाम आयशा आठ वर्ष, अंजुम नौ वर्ष व रंजनी आठ है।
विज्ञापन
सूचना पर पहुंचे चाइल्ड लाइन के लोग बच्चियों को अपने कार्यालय पर ले आए और समाजसेवियों और पुलिस के माध्यम से जांच शुरू की तो पता चला की तीनों उसका बाजार थाना क्षेत्र के उड़वलिया परसा गांव में रिश्तेदारी में नाना के यहां आई हैं। प्रधान से संपर्क किया गया तो पता सही मिला। इसके बाद उनके नाना-नानी को सुपुर्द कर दिया गया। बच्चियों का नाम आयशा आठ वर्ष, अंजुम नौ वर्ष व रंजनी आठ है।
विज्ञापन