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Siddharthnagar News: सिनेमा से सबक नहीं.. सीख लिया अपराध का तरीका

Mon, 14 Apr 2025 11:25 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Apr 2025 11:25 PM IST
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I did not learn any lesson from cinema... I learned the method of crime
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। फिल्में, वेब सीरीज और क्राइम पेट्रोल सहित कई ऐसे धारावाहिक हैं, जिन्हें दिखाया तो इसलिए जाता है कि समाज में क्या चल रहा है। आपके आसपास रहने वाले ही आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। किस प्रकार से वारदात को अंजाम देते हैं और बचने की लिए क्या तरकीब अपनाते हैं, जिससे आप सजग रहें।
धारावाहिक के पीछे का उद्देश्य रहता है कि आप सतर्क और सजग रहें, जिससे होने वाली वारदातों से बच सकें और अपराध करने वालों की मंशा को समझ सकें, लेकिन युवा पीढ़ी इन्हीं वेब सीरीज और क्राइम धारावाहिक से प्रभावित होकर अपराध की दुनिया में कदम रख रहा है। अपराध में सब वही तरीका अपना रहा है, जैसा धारावाहिक में दिखाया जाता है।
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इस पर इसलिए बात की जा रही है कि हाल ही में दो सर्राफा की हत्या और आभूषण लूटने और हड़पने की वारदात में युवा अपराधियाें के धारावाहिक और क्राइम पेट्रोल धारावाहिक देखकर रेकी, मुंह बांधना, बाइक से पीछा करने, पहले हवा में फिर बात नहीं बनने पर गोली चलाने का काम किया। वहीं, एक मामले में सुबूत मिटाने के लिए हत्या के बाद लाश को जलाने का काम किया।
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समाजशास्त्री इस पर चिंता जाहिर कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह इंटरनेट मीडिया की देन है। हर युवा के हाथ में मोबाइल है। यह उम्र ऐसी होता है कि नकारात्मक कार्य की ओर अधिक झुकाव होता है। ऐसे में परिवार को बच्चों खास करके युवाओं पर ध्यान देने की जरूरत है। उनकी हरकतों को समझने की जरूरत है, तभी वह अपराध की दलदल से बचेंगे। विधि विशेषज्ञ की भी कुछ इसी प्रकार की राय है।
धारावाहिक से आई तरकीब, कैसे किया जाता है मर्डर और मिटाया जाता है साक्ष्य : पांच अप्रैल को हुई सर्राफा सुनील हत्याकांड में चार युवक शामिल थे। एक सप्ताह पहले हत्या करके आभूषण हड़पने की साजिश रची गई थी। क्राइम पेट्रोल धारावाहिक देखकर साजिश रची गई। उसी प्रकार से फोन करके बुलाया। बुलाने के बाद लोहे की सरिया से एक ने पीछे से वार किया। इसके बाद कई वार किए।
जब दम तोड़ दिया तो सुबूत मिटाने के लिए दूसरा ठिकाना सोचा। इसमें एक जलने के बाद पुलिस लाश न पहचान पाए और दूसरा साक्ष्य मिट जाए। तीसरा जब दूसरे थाना क्षेत्र में लाश रहेगी तो वहां की पुलिस अपने आसपास ढूंढ़ेगी। ऐसे में उन तक न पहुंच पाए। पुलिस पहुंच भी नहीं पाती, कारण मृतक ने पहले ही बता दिया कि वह आरोपी के घर हार की डिलिवरी देने जा रहा है। इस प्रकार से चार युवकों ने अपराध को अंजाम दिया।

हालांकि मुख्य आरोपी हबीबुललाह दंपती थे। हबीबुललाह के बेटे शहजाद ने तीन दोस्तों इरशाद, दिनेश कुमार उर्फ मन्जय़ व राहुल को 25-25 हजार रुपये देने का वादा करके उक्त घटना करने के लिए तैयार कर घटना वाले दिन अपने घर पर बुला लिया था।
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