फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Hospital running at Khastahal Hall

खस्ताहाल भवन में चल रहा अस्पताल

Tue, 14 Mar 2017 10:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Tue, 14 Mar 2017 10:36 PM IST
विज्ञापन
Hospital running at Khastahal Hall
जोगिया के पीएचसी का अधूरा भवन। - फोटो : अमर उजाला
जोगिया। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर हो चुका है। अस्पताल में मरीजों को न तो बैठने की व्यवस्था है न ही अन्य सुविधाएं। बेहतर इलाज के लिए लोगों को मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। सात वर्ष पूर्व अस्पताल के विस्तार के लिए भवन निर्माण शुरू हुआ, लेकिन निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका। लैब के लिए बना रहा भवन अस्तित्व में आने से पहले अपने वजूद को खोने के कगार पर पहुंच चुका है। अस्पताल पीएचसी से सीएचसी का भी दर्जा प्राप्त कर चुका है। लेकिन बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दिलाने का दावा करने वाले विभागीय जिम्मेदार समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं।
विज्ञापन

जोगिया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा देते हुए इसके विस्तार के लिए सात वर्ष पूर्व शासन ने भवनों का निर्माण शुरू कराया था। अस्पताल को कई सुविधाओं से लैश होना था। जहां पहले नसबंदी भर ही की जाती थी, मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था नहीं थी। इसे ध्यान में रखते हुए अन्य मरीजों को भर्ती करने की भी व्यवस्था की जानी थी, लैब बनाया जाना था। जिससे कछार क्षेत्र के लोगों को आकस्मिक सुविधा मिल सके, उन्हें उपचार के लिए भटकना न पड़े, लेकिन यह सोंच सात वर्ष बाद भी पूरी नहीं हुई। कारण प्रशासन की उदासीनता।
विज्ञापन

लैब व कर्मचारियों के आवास के लिए कुछ भवनों का निर्माण शुरू ही नहीं हुआ, कुछ कि बिलडिंग बन तो गई, लेकिन छत नहीं लगे और कुछ में प्लास्टर भी नहीं लगे हैं। वहीं जो बने हैं उनमे कुछ भवन में खिड़की, दरवाजा, वायरिंग होना बाकी है। सभी अधूरे पड़े हुए हैं, निर्माण आधा-अधूरा छोड़कर ठेकेदार फरार हो गया। ठेकेदार ने निर्माण कार्य क्यों नहीं पूरा किया, अधूरा छोड़कर क्यों चला गया, इसके पीछे क्या वजह है। इन सवालों का जवाब ढूंढने व निर्माण का पूरा कराने की जिम्मेदार ने जहमत नहीं उठाई। जिसका खमीयजा यह है कि लैब के लिए बन रहे भवन के अधिकांश हिस्सों की दीवारें दरक रहीं हैं, सीमेंट छोड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अस्तित्व में आने से पहले भवन अपने वजूद को खोने के कगार पर है। जोगिया गांव निवासी ग्राम प्रधान अरविंद कर पाठक, सलीम मोहम्मद, विनोद कुमार, अतहर हुसैन, दिनेश चंद ओझा, महेश कुमार पंाडेय आदि का कहना है कि प्रशासन के शिथिलता के कारण भवन का निर्माण नहीं हो सका। पुराने अस्पताल का भवन जर्जर हो चुका है। भवन निर्माण शुरू हुआ तो लग रहा था कि अब यहां पर सुविधा मिलेगी। दवा के लिए बाहर अन्य अस्पतालों में जाना पड़ा है। मगर विभागीय जिम्मेदार समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं। इस संबंध में चिकित्सा प्रभारी डॉ. एके अग्रहरि ने कहा कि अभी किसी भी भवन का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। इस बारे में अधिक जानकारी मुझे नहीं है। बजट आने के बाद निर्माण कार्य पूरा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed