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आशा बहुओं का कलेक्ट्रेट में धरना
अमर उजाला ब्यूूराे सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 29 Jun 2016 11:02 PM IST
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कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देतीं आशा कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। एनएच अजनबी शिक्षा ग्राम विकास संस्थान महिला जागो हक मांगो प्रकोष्ठ के बैनर तले बुधवार को आशा बहुओं ने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। मांगों के समर्थन में नारे लगाए और संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव वानकी मून को ज्ञापन भेजा।
आशा संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गेश नंदिनी ने कहा कि केंद्र सरकार आशा बहुओं की मांगों पर तो ध्यान दे रही है, लेकिन प्रदेश सरकार उनके साथ सौतेला रवैया अपना रही है। सह प्रदेश अध्यक्ष कामिनी ने कहा कि सपा ने चुनाव के समय जो घोषणाएं की थीं, उसे पूरा नहीं किया।
उल्टे उनके अधिकारों का हनन करने पर आमादा है। आशा कर्मचारी उपेक्षा नहीं सहेंगी। अपने अधिकार पाने के लिए डटकर संघर्ष करेंगी। अगर सरकार ने अपने रवैए में सुधार नहीं किया तो इसका कड़ा विरोध झेलना होगा।
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बाद में आशा बहुओं ने नियमितकिरण, 15 हजार रुपये न्यूनतम मानदेय सहित 15 सूत्रीय मांगपत्र डीएम के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव को प्रेषित किया। इस दौरान विंदवासिनी, लक्ष्मी, रेखा, सुमन, सोनमती, मालती, मीना, कलावती, सोना, शीला, कामिनी, सत्यावती आदि मौजूद रहीं।
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आशा संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गेश नंदिनी ने कहा कि केंद्र सरकार आशा बहुओं की मांगों पर तो ध्यान दे रही है, लेकिन प्रदेश सरकार उनके साथ सौतेला रवैया अपना रही है। सह प्रदेश अध्यक्ष कामिनी ने कहा कि सपा ने चुनाव के समय जो घोषणाएं की थीं, उसे पूरा नहीं किया।
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उल्टे उनके अधिकारों का हनन करने पर आमादा है। आशा कर्मचारी उपेक्षा नहीं सहेंगी। अपने अधिकार पाने के लिए डटकर संघर्ष करेंगी। अगर सरकार ने अपने रवैए में सुधार नहीं किया तो इसका कड़ा विरोध झेलना होगा।
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बाद में आशा बहुओं ने नियमितकिरण, 15 हजार रुपये न्यूनतम मानदेय सहित 15 सूत्रीय मांगपत्र डीएम के माध्यम से संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव को प्रेषित किया। इस दौरान विंदवासिनी, लक्ष्मी, रेखा, सुमन, सोनमती, मालती, मीना, कलावती, सोना, शीला, कामिनी, सत्यावती आदि मौजूद रहीं।