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Siddharthnagar News: घर के पास गुजर रहे हाईवोल्टेज तार... अटकी रहती हैं सांसें
Wed, 20 Mar 2024 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 20 Mar 2024 12:00 AM IST
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सिद्धार्थनगर। शहर के कई स्थानों पर घनी आबादी में मकानों की छत के पास अथवा बगल से हाईवोल्टेज बिजली तार गुजर रहे हैं। इससे कभी भी बड़े हादसे की आशंका से स्थानीय लोगों की सांसें अटकी रहती हैं। बुद्धनगर मोहल्ला निवासी प्रताप नारायण सिंह के घर के पास से गुजर रहा हाईवोल्टेज तार छह जनवरी 2023 को टूटकर गेट पर गिर गया था। इससे शार्ट-सर्किट से बगल में रखे कूड़े में आग लग गई थी और पूरे घर में करंट दौड़ गया था, परिवार सहमा हुआ था। एक आदमी का हाथ झुलस गया था, लेकिन बड़ा हादसा होने से पहले किसी तरह बिजली काट कर तार दुरुस्त किया गया।
शहर के बुद्धनगर मोहल्ले में खाली भूमि पर 35 वर्ष पूर्व हाईवोल्टेज बिजली तार गुजरा था, अब खाली भूमि में मकान खड़े हो चुके है। इन्ही में मौलाना असगर के मकान के छत से चार फीट उपर से हाईवोल्टेज बिजली तार गुजर रहा है। जहां छत पर खड़े होने पर किसी भी व्यक्ति को तार छू जाएगा। इस कारण घर के परिवारीजन छत पर जाने से परहेज करते है और बच्चों को छत जाने के दौरान निगरानी करते है। कुछ ऐसा ही हाल शहर के वाल्मीकिनगर और सिहेंश्वरी पुरम मोहल्ले में भी है। वाल्मीकिनगर मोहल्ला में रामवृक्ष के घर के पिछले हिस्से से गुजर रहे हाईवोल्टेज तार के कारण मकान अधूरा पड़ा है। अधूरा मकान होने से पिछला हिस्सा खुला होने के कारण जहां एक तरफ उन्हें चोरी का डर सताता है, वहीं दूसरी तरफ बिजली तार से हादसे के डर से सहमे रहते हैं।
नींव पर खेलने के दौरान झुलसा था किशोर
शहर के वाल्मीकिनगर मोहल्ले में हाईवोल्टेज बिजली तार बहुत नीचे लटका हुआ है। यहां तक कि मोहल्ले में मकान निर्माण के लिए डाले गए नींव से मात्र पांच फीट की ऊंचाई पर बिजली तार लटक रहा है। इसी नींव पर खेलने के दौरान एक किशोर के हाथ का डंडा बिजली तार छू जाने के कारण वह झुलस गया था। जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई थी। 15 दिन इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। वहीं हाईवोल्टेज बिजली तार के टच में आने से बड़े हादसे का भय स्थानीय निवासियों को सताता रहता है।
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तार हटाने की लगा चुके है गुहार
बुद्धनगर निवासी कई लोगों ने हाईवोल्टेज बिजली के खुली तार की जगह केबिल तार लगाने और इसे हटाकर सड़क किनारे करने की गुहार लगा चुके है। मोहल्लावासी कृष्णा यादव, रविप्रकाश, संतोष कुमार, शमी उल्लाह, विजय प्रकाश, सुरेंद्र प्रसाद दुबे, अब्दुल रहमान, अशोक कुमार, मनोज कुमार, अकलीमुन निशा ने डीएम व बिजली निगम को पत्र देकर बिजली तार हटाने की मांग की थी। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ही आईजीआरएस पर भी शिकायत की, लेकिन अब तक कोई परिणाम नहीं निकला है।
बदले जर्जर बिजली तार, हो चुका है हादसा
शहर में जर्जर बिजली तार और पोल बदलने का कार्य चल रहा है। इसके तहत शहर के सिद्धार्थ तिराहे से स्टेशन रोड होते हुए सोहांस तिराहा तार बदले जा चुके है। इसके साथ ही शहर के मुख्य मार्ग पर भी तार बदलने का कार्य हो रहा है। शहर के सिद्धार्थ तिराहे पर पांच वर्ष पूर्व बिजली तार टूटकर गिरने से एक बाइक सवार की झुलसने मौत हो गई थी। भीड़ वाले क्षेत्र में बिजली तार गिरने से चार अन्य लोग भी झुलस गए थे, लेकिन तब भी तार बदलने की कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
हादसे के बाद से हाईवोल्टेज बिजली तार हटाने के लिए कई बार नेताओं, उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक इसे नहीं हटाया गया।
प्रताप नारायण सिंह, बुद्धनगर
घर के उपर से गुजर रहे हाईवोल्टेज बिजली तार के कारण हमारा परिवार व मोहल्ले के लोग भी सहमे रहते है, लेकिन अब तक इसे नहीं हटाया गया।
मौलाना असगर, बुद्धनगर
हाईवोल्टेज बिजली तार के कारण मकान के पिछले हिस्से का निर्माण नहीं कर पाए है, विभागीय अधिकारियों गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रामवृक्ष, वाल्मीकिनगर
तार बदलने की प्रक्रिया के तहत शहर के सभी हिस्से में खुले बिजली तार बदलकर केबिल तार लगाए जाएंगे। इसको स्थानांतरित करने के लिए विभागीय प्रक्रिया के अनुसार निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-योगेश कुमार, एसडीओ बिजली
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शहर के बुद्धनगर मोहल्ले में खाली भूमि पर 35 वर्ष पूर्व हाईवोल्टेज बिजली तार गुजरा था, अब खाली भूमि में मकान खड़े हो चुके है। इन्ही में मौलाना असगर के मकान के छत से चार फीट उपर से हाईवोल्टेज बिजली तार गुजर रहा है। जहां छत पर खड़े होने पर किसी भी व्यक्ति को तार छू जाएगा। इस कारण घर के परिवारीजन छत पर जाने से परहेज करते है और बच्चों को छत जाने के दौरान निगरानी करते है। कुछ ऐसा ही हाल शहर के वाल्मीकिनगर और सिहेंश्वरी पुरम मोहल्ले में भी है। वाल्मीकिनगर मोहल्ला में रामवृक्ष के घर के पिछले हिस्से से गुजर रहे हाईवोल्टेज तार के कारण मकान अधूरा पड़ा है। अधूरा मकान होने से पिछला हिस्सा खुला होने के कारण जहां एक तरफ उन्हें चोरी का डर सताता है, वहीं दूसरी तरफ बिजली तार से हादसे के डर से सहमे रहते हैं।
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नींव पर खेलने के दौरान झुलसा था किशोर
शहर के वाल्मीकिनगर मोहल्ले में हाईवोल्टेज बिजली तार बहुत नीचे लटका हुआ है। यहां तक कि मोहल्ले में मकान निर्माण के लिए डाले गए नींव से मात्र पांच फीट की ऊंचाई पर बिजली तार लटक रहा है। इसी नींव पर खेलने के दौरान एक किशोर के हाथ का डंडा बिजली तार छू जाने के कारण वह झुलस गया था। जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई थी। 15 दिन इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। वहीं हाईवोल्टेज बिजली तार के टच में आने से बड़े हादसे का भय स्थानीय निवासियों को सताता रहता है।
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तार हटाने की लगा चुके है गुहार
बुद्धनगर निवासी कई लोगों ने हाईवोल्टेज बिजली के खुली तार की जगह केबिल तार लगाने और इसे हटाकर सड़क किनारे करने की गुहार लगा चुके है। मोहल्लावासी कृष्णा यादव, रविप्रकाश, संतोष कुमार, शमी उल्लाह, विजय प्रकाश, सुरेंद्र प्रसाद दुबे, अब्दुल रहमान, अशोक कुमार, मनोज कुमार, अकलीमुन निशा ने डीएम व बिजली निगम को पत्र देकर बिजली तार हटाने की मांग की थी। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ही आईजीआरएस पर भी शिकायत की, लेकिन अब तक कोई परिणाम नहीं निकला है।
बदले जर्जर बिजली तार, हो चुका है हादसा
शहर में जर्जर बिजली तार और पोल बदलने का कार्य चल रहा है। इसके तहत शहर के सिद्धार्थ तिराहे से स्टेशन रोड होते हुए सोहांस तिराहा तार बदले जा चुके है। इसके साथ ही शहर के मुख्य मार्ग पर भी तार बदलने का कार्य हो रहा है। शहर के सिद्धार्थ तिराहे पर पांच वर्ष पूर्व बिजली तार टूटकर गिरने से एक बाइक सवार की झुलसने मौत हो गई थी। भीड़ वाले क्षेत्र में बिजली तार गिरने से चार अन्य लोग भी झुलस गए थे, लेकिन तब भी तार बदलने की कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
हादसे के बाद से हाईवोल्टेज बिजली तार हटाने के लिए कई बार नेताओं, उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक इसे नहीं हटाया गया।
प्रताप नारायण सिंह, बुद्धनगर
घर के उपर से गुजर रहे हाईवोल्टेज बिजली तार के कारण हमारा परिवार व मोहल्ले के लोग भी सहमे रहते है, लेकिन अब तक इसे नहीं हटाया गया।
मौलाना असगर, बुद्धनगर
हाईवोल्टेज बिजली तार के कारण मकान के पिछले हिस्से का निर्माण नहीं कर पाए है, विभागीय अधिकारियों गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रामवृक्ष, वाल्मीकिनगर
तार बदलने की प्रक्रिया के तहत शहर के सभी हिस्से में खुले बिजली तार बदलकर केबिल तार लगाए जाएंगे। इसको स्थानांतरित करने के लिए विभागीय प्रक्रिया के अनुसार निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-योगेश कुमार, एसडीओ बिजली