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सुबह दस बजे तक छाया रहा कोहरा, शीतलहर से छूटी कंपकंपी
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सुबह दस बजे तक छाया रहा कोहरा, शीतलहर से छूटी कंपकंपी
- सरसों, आलू एवं अन्य सब्जी की फसलों को सकता है नुकसान, किसानों को सल्फर के घोल के छिड़काव की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/ डुमरियागंज। कड़ाके की सर्दी और कोहरे के बीच शुक्रवार को जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह दस बजे तक कोहरा छाया रहा। शीतलहर से लोगों को कंपकंपी छूट गई। कम दृश्यता के चलते रास्तों पर वाहन रेंगते नजर आए।
वहीं, यह मौसम सरसों और सब्जियों की फसलों के लिए खासा नुकसानदायक माना जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार का कहना है कि कोहरा एक दो दिन आए और दिन में अच्छी धूप निकले तो खास नुकसान नहीं पहुंचाता। लेकिन, कई दिन तक लगातार बना रहे तो सरसों, आलू आदि को बड़ा नुकसान होता है। इसके नुकसान से बचने के लिए किसानों को चाहिए कि वह सरसों, आलू, मटर और गोभी आदि पर सल्फर के घोल का छिड़काव करें।
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- सरसों, आलू एवं अन्य सब्जी की फसलों को सकता है नुकसान, किसानों को सल्फर के घोल के छिड़काव की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/ डुमरियागंज। कड़ाके की सर्दी और कोहरे के बीच शुक्रवार को जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह दस बजे तक कोहरा छाया रहा। शीतलहर से लोगों को कंपकंपी छूट गई। कम दृश्यता के चलते रास्तों पर वाहन रेंगते नजर आए।
वहीं, यह मौसम सरसों और सब्जियों की फसलों के लिए खासा नुकसानदायक माना जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार का कहना है कि कोहरा एक दो दिन आए और दिन में अच्छी धूप निकले तो खास नुकसान नहीं पहुंचाता। लेकिन, कई दिन तक लगातार बना रहे तो सरसों, आलू आदि को बड़ा नुकसान होता है। इसके नुकसान से बचने के लिए किसानों को चाहिए कि वह सरसों, आलू, मटर और गोभी आदि पर सल्फर के घोल का छिड़काव करें।
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