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Siddharthnagar News: आरोग्य मंदिर पर ताले, स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं
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आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर लटक रहा ताला। संवाद
सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत एएनएम, सीएचओ समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के कार्य बहिष्कार का असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखाई देने लगा है। जिले में सीएचसी, पीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिर समेत 324 स्वास्थ्य इकाइयों की सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताला लटका रहा। टीकाकरण और प्राथमिक उपचार के लिए पहुंचे लोगों को बिना सेवा लिए लौटना पड़ा। करीब 300 स्वास्थ्यकर्मियों के लखनऊ में चल रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की जानकारी है। एनएचएम कर्मियों के आंदोलन से नियमित टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच और बच्चों की स्वास्थ्य निगरानी के साथ गांवों में होने वाले सर्वे और ऑनलाइन रिपोर्टिंग का काम भी प्रभावित हुआ है। सीएचसी और पीएचसी पर वैकल्पिक व्यवस्था से जरूरी सेवाएं संचालित करने का प्रयास किया गया, लेकिन सीएमओ कार्यालय के कई पटल पर कामकाज प्रभावित रहा।
सकारपार संवाद के अनुसार एएनएम के कार्य बहिष्कार का असर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित उप स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर भी पड़ा। बांसी क्षेत्र के गोनहाडीह आरोग्य मंदिर पर ताला बंद मिला। इलाज कराने पहुंचीं गोनहाताल निवासी सावित्री देवी, सिसहनिया निवासी नीरू देवी और रीता को वापस लौटना पड़ा।
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ढेबरूआ संवाद के अनुसार बढ़नी क्षेत्र के ढेबरूआ, मलंगहिया, मड़नी, रामनगर और तालकुंडा समेत कई केंद्रों पर एएनएम के कार्य बहिष्कार से टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की जांच तथा गांवों में सर्वे का काम प्रभावित रहा। मड़नी आरोग्य मंदिर पर बेटे का टीकाकरण कराने पहुंचे रत्नेश ने बताया कि वह लगातार दूसरे दिन केंद्र पर पहुंचे, लेकिन वहां सेवा नहीं मिली।
बर्डपुर संवाद के अनुसार ब्लॉक क्षेत्र के आरोग्य मंदिरों में भी टीकाकरण और मरीजों की देखभाल प्रभावित रही। विभाग की ओर से स्थायी कर्मचारियों के माध्यम से आवश्यक सेवाएं जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि आरोग्य मंदिर बंद होने से उन्हें दूर सीएचसी जाना पड़ रहा है।
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गर्भवती महिलाएं भी लौटीं
महदेवा बाजार। आयुष्मान आरोग्य मंदिर महदेवा बाजार पर ताला बंद होने से टीकाकरण कराने पहुंचीं गर्भवती महिलाओं को लौटना पड़ा। सुनीता देवी ने बताया कि वह पांच माह की गर्भवती हैं और अब तक टीका नहीं लगा है। सरोज देवी छह माह और मनभावन दो माह की गर्भवती हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्ट रमेश चंद्र चतुर्वेदी ने एक महिला को टीकाकरण के लिए सीएचसी नौगढ़ जाने की सलाह दी। अधीक्षक डॉ. अनूप जायसवाल ने बताया कि जिले समेत प्रदेशभर में एएनएम हड़ताल पर हैं। गर्भवती महिलाएं शनिवार को पीएचसी नौगढ़ पहुंचकर टीकाकरण करा सकती हैं।
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डिलीवरी और टीकाकरण सेवाओं पर भी असर
डुमरियागंज। एनएचएम कर्मियों के कार्य बहिष्कार से कई स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं प्रभावित रहीं। चकचई डिलीवरी प्वाइंट पर तैनात एएनएम के हड़ताल पर रहने से बुधवार से डिलीवरी और टीकाकरण सेवा प्रभावित है। रानी भानपुर डिलीवरी प्वाइंट पर इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर अन्य सेवाएं बंद रहीं। वहीं, बढ़नी चाफा का डिलीवरी प्वाइंट पहले से ही स्टाफ की कमी के कारण संचालित नहीं हो रहा है।
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लोटन में दो हेल्थ सेंटर बंद मिले
लोटन क्षेत्र के बनियाडीह और करुवावल कला हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी बंद मिले। ग्रामीणों के अनुसार केंद्र बंद होने से उन्हें करीब सात किलोमीटर दूर लोटन सीएचसी या पीएचसी सैनुवा जाना पड़ता है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित चौधरी ने कहा कि केंद्र बंद रखना सेवा नियमावली के विरुद्ध है। उन्हें केंद्र बंद रहने के संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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इटवा में भी प्रभावित हुआ कामकाज
इटवा सीएचसी में एनएचएम कर्मियों का धरना जारी रहा। कर्मियों ने न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय, अनुभव व वरिष्ठता के आधार पर वेतन वृद्धि, नियमितीकरण और रिक्त पदों के सापेक्ष स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग उठाई। कार्य बहिष्कार से आयुष्मान केंद्र, जेईएस वार्ड, पैथोलॉजी और जन्म प्रमाणपत्र समेत कई कार्य प्रभावित होने की बात कही गई। हालांकि, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप द्विवेदी ने कहा कि रूटीन कामकाज प्रभावित नहीं हुआ है और मरीजों को आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं।
कोट
हड़ताल को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इमरजेंसी और प्रसव सेवाएं चालू रहेंगी। सरकारी कर्मचारियों को आवश्यक सेवाएं सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. विकास चौधरी, सीएचसी अधीक्षक बेंवा
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कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताला लटका रहा। टीकाकरण और प्राथमिक उपचार के लिए पहुंचे लोगों को बिना सेवा लिए लौटना पड़ा। करीब 300 स्वास्थ्यकर्मियों के लखनऊ में चल रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की जानकारी है। एनएचएम कर्मियों के आंदोलन से नियमित टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच और बच्चों की स्वास्थ्य निगरानी के साथ गांवों में होने वाले सर्वे और ऑनलाइन रिपोर्टिंग का काम भी प्रभावित हुआ है। सीएचसी और पीएचसी पर वैकल्पिक व्यवस्था से जरूरी सेवाएं संचालित करने का प्रयास किया गया, लेकिन सीएमओ कार्यालय के कई पटल पर कामकाज प्रभावित रहा।
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सकारपार संवाद के अनुसार एएनएम के कार्य बहिष्कार का असर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित उप स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर भी पड़ा। बांसी क्षेत्र के गोनहाडीह आरोग्य मंदिर पर ताला बंद मिला। इलाज कराने पहुंचीं गोनहाताल निवासी सावित्री देवी, सिसहनिया निवासी नीरू देवी और रीता को वापस लौटना पड़ा।
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ढेबरूआ संवाद के अनुसार बढ़नी क्षेत्र के ढेबरूआ, मलंगहिया, मड़नी, रामनगर और तालकुंडा समेत कई केंद्रों पर एएनएम के कार्य बहिष्कार से टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की जांच तथा गांवों में सर्वे का काम प्रभावित रहा। मड़नी आरोग्य मंदिर पर बेटे का टीकाकरण कराने पहुंचे रत्नेश ने बताया कि वह लगातार दूसरे दिन केंद्र पर पहुंचे, लेकिन वहां सेवा नहीं मिली।
बर्डपुर संवाद के अनुसार ब्लॉक क्षेत्र के आरोग्य मंदिरों में भी टीकाकरण और मरीजों की देखभाल प्रभावित रही। विभाग की ओर से स्थायी कर्मचारियों के माध्यम से आवश्यक सेवाएं जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि आरोग्य मंदिर बंद होने से उन्हें दूर सीएचसी जाना पड़ रहा है।
गर्भवती महिलाएं भी लौटीं
महदेवा बाजार। आयुष्मान आरोग्य मंदिर महदेवा बाजार पर ताला बंद होने से टीकाकरण कराने पहुंचीं गर्भवती महिलाओं को लौटना पड़ा। सुनीता देवी ने बताया कि वह पांच माह की गर्भवती हैं और अब तक टीका नहीं लगा है। सरोज देवी छह माह और मनभावन दो माह की गर्भवती हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के फार्मासिस्ट रमेश चंद्र चतुर्वेदी ने एक महिला को टीकाकरण के लिए सीएचसी नौगढ़ जाने की सलाह दी। अधीक्षक डॉ. अनूप जायसवाल ने बताया कि जिले समेत प्रदेशभर में एएनएम हड़ताल पर हैं। गर्भवती महिलाएं शनिवार को पीएचसी नौगढ़ पहुंचकर टीकाकरण करा सकती हैं।
डिलीवरी और टीकाकरण सेवाओं पर भी असर
डुमरियागंज। एनएचएम कर्मियों के कार्य बहिष्कार से कई स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं प्रभावित रहीं। चकचई डिलीवरी प्वाइंट पर तैनात एएनएम के हड़ताल पर रहने से बुधवार से डिलीवरी और टीकाकरण सेवा प्रभावित है। रानी भानपुर डिलीवरी प्वाइंट पर इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर अन्य सेवाएं बंद रहीं। वहीं, बढ़नी चाफा का डिलीवरी प्वाइंट पहले से ही स्टाफ की कमी के कारण संचालित नहीं हो रहा है।
लोटन में दो हेल्थ सेंटर बंद मिले
लोटन क्षेत्र के बनियाडीह और करुवावल कला हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी बंद मिले। ग्रामीणों के अनुसार केंद्र बंद होने से उन्हें करीब सात किलोमीटर दूर लोटन सीएचसी या पीएचसी सैनुवा जाना पड़ता है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित चौधरी ने कहा कि केंद्र बंद रखना सेवा नियमावली के विरुद्ध है। उन्हें केंद्र बंद रहने के संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
इटवा में भी प्रभावित हुआ कामकाज
इटवा सीएचसी में एनएचएम कर्मियों का धरना जारी रहा। कर्मियों ने न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय, अनुभव व वरिष्ठता के आधार पर वेतन वृद्धि, नियमितीकरण और रिक्त पदों के सापेक्ष स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग उठाई। कार्य बहिष्कार से आयुष्मान केंद्र, जेईएस वार्ड, पैथोलॉजी और जन्म प्रमाणपत्र समेत कई कार्य प्रभावित होने की बात कही गई। हालांकि, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप द्विवेदी ने कहा कि रूटीन कामकाज प्रभावित नहीं हुआ है और मरीजों को आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं।
कोट
हड़ताल को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इमरजेंसी और प्रसव सेवाएं चालू रहेंगी। सरकारी कर्मचारियों को आवश्यक सेवाएं सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. विकास चौधरी, सीएचसी अधीक्षक बेंवा