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Siddharthnagar News: हेल्थ एटीएम ‘बीमार’...मरीज जांच के लिए परेशान

Tue, 21 Apr 2026 01:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 21 Apr 2026 01:41 AM IST
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Health ATMs 'Ailing'... Patients Face Hardship for Tests
सिद्धार्थनगर। सरकार के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने की योजनाएं दम तोड़ रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों के ब्लड की त्वरित जांच के लिए लगाई गई हेल्थ एटीएम से सुविधा देने के दावे खोलने नजर आ रहे हैं। कहीं कई माह से मशीन खराब है तो कहीं स्क्रीन खराब हो गई है, जिससे टच काम नहीं कर रहा है। वहीं, कुछ जगह कुछ जांचें नहीं हो पा रही है।
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हेल्थ एटीएम मशीन के जांच की दावे की हकीकत जानने के लिए अलग- अलग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पड़ताल की गई तो दावों की हकीकत सामने आई। वहीं, जिम्मेदार मशीन के संबंध में पत्राचार करने की दलील दे रहे हैं। वहीं, मरीज जांच के लिए निजी केंद्रों का सहारा लेने और माेटी रकम खर्च करने को मजबूर हैं। हेल्थ एटीएम के फायदे की बात की जाए तो इसके जरिये एकबार सैंपल लेकर 54 तरह की जांचें सिर्फ 10 मिनट के अंदर की जातीं हैं।
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लोगों का कहना है कि सुविधा को बहुत ही अच्छी थी, लेकिन मशीन की अनदेखी समस्या बन गई। आइए जानते हैं कहां मशीन का क्या हाल है।
सीएचसी पर लगा हेल्थ एटीएम खराब : इटवा। सीएचसी इटवा में लगा हेल्थ एटीएम कई वर्षों से खराब है। 17 जून 2022 में हेल्थ एटीएम हेल्थ रोब कंपनी की ओर से लगाई गई थी। कुछ दिन तक यह मशीन चली और लोगों ने जांचे भी कराईं, लेकिन इसके बाद यह खराब हो गई। इसलिए मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल पा रहा है। सीएचसी में तैनात लैब टेक्नीशियन अनिरुद्ध कुमार का कहना है कि हेल्थ एटीएम लगाते समय कंपनी की तरफ से तीन वर्ष की वारंटी होने की जानकारी दी गई थी और किसी भी असुविधा अथवा तकनीकी कारणों के लिए ऑपरेशन मैनेजर राजेश कुमार ने अपना फोन नंबर दिया था, लेकिन अब उनसे संपर्क करने पर वह कंपनी छोड़ने की बात कह रहे हैं।
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वहीं, सीएचसी इटवा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप द्विवेदी का कहना है कि कई बार लिखा पढ़ी की गई है लेकिन, अभी तक कोई देखने तक नहीं आया है।
एटीएम मशीन खराब व जिम्मेदारों के लापरवाही से मरीज हलकान : लोटन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोटन पर दवा कराने आने वाले मरीजों का जांच न होने से परेशान हैं। इसका लाभ प्राइवेट पैथाेलॉजी के लोग उठा रहे हैं। वहींं, जिम्मेदारों की लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ रही है। लगभग दो साल पहले ही लोटन सीएचसी लोटन में एटीएम मशीन के द्वारा 54 तरह की जांच होती है।
प्रति दिन लगभग 10 से 20 लोगों की जांच हो रही थीं और क्षेत्र की जनता पर बोझ नहीं पड़ रहा था, लेकिन छह माह पूर्व मशीन में खराबी आने से जांच नहीं हो पा रही थी। इसकी रिपोर्ट जिला चिकित्सालय को लिखित रूप से ठीक कराने के लिए पत्र भेजा गया और मशीन बनने के लिए लोटन से गई, लेकिन आज तक वापस नहीं आ पाई। इससे क्षेत्रीय जनता परेशानी के साथ पाॅकेट पर भी बोझ पड़ रहा है।
विभाग के एलटी संतोष जायसवाल का कहना है कि करीब छह महीने से एटीएम का टच खराब था, जिससे जांच नहीं हो पा रही है। इसकी ऑनलाइन शिकायत दो बार की गई, लेकिन मशीन नहीं बन पाई। अधीक्षक अमित कुमार चौधरी ने बताया कि एटीएम मशीन लगभग छह माह से खराब थी।
उसका टच काम नहीं कर रहा था। इसकी लिखित रूप से सूचना दी गई, लेकिन आज तक मशीन बनकर नहीं आ पाई, इसीलिए जांच नहीं हो पा रही है।
नहीं हो पा रही पूरी जांच, लौट जाते हैं मरीज : शोहरतगढ़। स्थानीय सीएचसी के हेल्थ एटीएम मशीन पहले अब बेहतर हो गई है। 63 प्रकार की जांच में अब यहां लगभग 29 प्रकार जांच एटीएम के जरिये की जा रही है। सीएचसी के पैथोलॉजी में मलेरिया, हीमोग्लोबीन, एचबीवनसी, डेंगू, एचआईवी सहित नार्मल खून सहित 29 प्रकार की जांच लैब की जा रहीं हैं। गंभीर मरीज की पहचान के लिए थाइराइड, हार्मोनल, एंटी एलर्जी सहित अन्य गम्भीर जांच मेडिकल काॅलेज व बाहर के पैथोलॉजी में जांच के लिए मरीज भेजे जा रहे है।
लैब टेक्नीशियन बुध प्रकाश गौतम में बताया कि हेल्थ एटीएम मशीन पहले से अपग्रेड की गई है। सारे जांच किट उपलब्ध कराए गए हैं। अब यहां बायो केमिस्ट्री जांच, लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, हृदय रोग संबंधित लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, मलेरिया, हीमोग्लोबीन, एचबीवनसी, डेंगू, एचआईवी सहित 29 प्रकार की जांच की जा रही है।

कहा कि लैब में सिलेक्टरा बाय केमिस्ट्री की मशीन लग गई है। मशीन का अपग्रेड होते ही लगभग 90 प्रकार की जांच सीएचसी पर होने लगेगी। वहीं, मिठवल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को देखा गया तो वहां पर 25 जांच हो पा रही है। थायराइड व अन्य जांच के लिए सामान नहीं है। अधीक्षक ने बताया कि इसके लिए लिखापढ़ी की जाएगी।
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