{"_id":"67e198472ce48d0c11027e3f","slug":"heads-bowed-in-prostration-all-night-hands-raised-for-prayer-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-134577-2025-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: सजदे में सारी रात झुके रहे सिर, दुआ के लिए बुलंद हुए हाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: सजदे में सारी रात झुके रहे सिर, दुआ के लिए बुलंद हुए हाथ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-शबे कद्र पर डुमरियागंज क्षेत्र के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में स्थित मस्जिदों में रोजेदारों ने सारी रात की अल्लाह की इबादत
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। मुकद्दस रमजान के अंतिम चरण के तहत शबे कद्र यानी रविवार की रात डुमरियागंज तहसील क्षेत्र की मस्जिदों में अकीदतमंदों ने सारी रात नमाज अदा की और कलाम पाक की तिलावत करके अल्लाह से रहमत बरकत और सलामती तथा मगफिरत की हाथों को बुलंद कर दुआ की। शबे कद्र को लेकर क्षेत्र में खूब चहल-पहल रही। मस्जिदों में विशेष रौनक दिखाई दी।
शबे कद्र की रात को लेकर डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में स्थित मस्जिदों को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया था। डुमरियागंज तहसील मुख्यालय स्थित ईदगाह मस्जिद, सुन्नी जामा मस्जिद, बैदौलागढ़ स्थित गरीब नवाज मस्जिद, हल्लौर स्थित शिया जामा मस्जिद सहित सिकाहरा, कादिराबाद, बिथरिया, बेवा चौराहा, बसडिलिया, टिकरिया, मालीमैंनहा सहित क्षेत्र की सभी मस्जिदों में रात भर अकीदतमंदों ने अल्लाह की इबादत की। मौलाना शहकार हुसैन जैदी और मौलाना मकसूद अकरम तथा एहसानुल्लाह कासिमी ने बताया कि शबे कद्र पर की गई इबादत का बहुत सवाब है।
अल्लाह आज के दिन मांगी गई दुआ को कबूल करता है, और तौबा करने पर गुनाहों को माफ कर देता है। मौलाना ने बताया कि शबे कद्र के ही दिन ही अल्लाह ने कुरान शरीफ नाजिल किया (आसमान से जमीन पर उतारा था)। इसलिए शबे कद्र की एक रात को हजारों रातों से बेहतर बताई गई है। मस्जिदों में दुरूद, सलाम और महफिल- मिलाद पढ़कर लोगों ने खुशी का इजहार किया। जगह-जगह मस्जिदों में लोगों द्वारा रोजेदारों के लिए सहरी खाने का विशेष इंतजाम किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। मुकद्दस रमजान के अंतिम चरण के तहत शबे कद्र यानी रविवार की रात डुमरियागंज तहसील क्षेत्र की मस्जिदों में अकीदतमंदों ने सारी रात नमाज अदा की और कलाम पाक की तिलावत करके अल्लाह से रहमत बरकत और सलामती तथा मगफिरत की हाथों को बुलंद कर दुआ की। शबे कद्र को लेकर क्षेत्र में खूब चहल-पहल रही। मस्जिदों में विशेष रौनक दिखाई दी।
शबे कद्र की रात को लेकर डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में स्थित मस्जिदों को रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया था। डुमरियागंज तहसील मुख्यालय स्थित ईदगाह मस्जिद, सुन्नी जामा मस्जिद, बैदौलागढ़ स्थित गरीब नवाज मस्जिद, हल्लौर स्थित शिया जामा मस्जिद सहित सिकाहरा, कादिराबाद, बिथरिया, बेवा चौराहा, बसडिलिया, टिकरिया, मालीमैंनहा सहित क्षेत्र की सभी मस्जिदों में रात भर अकीदतमंदों ने अल्लाह की इबादत की। मौलाना शहकार हुसैन जैदी और मौलाना मकसूद अकरम तथा एहसानुल्लाह कासिमी ने बताया कि शबे कद्र पर की गई इबादत का बहुत सवाब है।
विज्ञापन
अल्लाह आज के दिन मांगी गई दुआ को कबूल करता है, और तौबा करने पर गुनाहों को माफ कर देता है। मौलाना ने बताया कि शबे कद्र के ही दिन ही अल्लाह ने कुरान शरीफ नाजिल किया (आसमान से जमीन पर उतारा था)। इसलिए शबे कद्र की एक रात को हजारों रातों से बेहतर बताई गई है। मस्जिदों में दुरूद, सलाम और महफिल- मिलाद पढ़कर लोगों ने खुशी का इजहार किया। जगह-जगह मस्जिदों में लोगों द्वारा रोजेदारों के लिए सहरी खाने का विशेष इंतजाम किया गया।
विज्ञापन