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शासनादेश जारी होने से लाभान्वित होंगे 16 शिक्षक और दो शिक्षा मित्र
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शासनादेश जारी, लाभान्वित होंगे 16 शिक्षक और दो शिक्षामित्र
मृतकों के परिवार को 30-30 लाख मिलेगी आर्थिक सहायता
उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ एक करोड़ देने की मांग पर अड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के दौरान कोरोना से संक्रमित होकर चुनाव ड्यूटी से 30 दिन के अंदर जान गंवाने वाले शिक्षकों के परिजनों के परिजनों को 30 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने का शासनादेश जारी हो चुका है। इसके बाद प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है। हालांकि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ घोषित सहायता की राशि को नाकाफी बताते हुए एक करोड़ की मांग पर अड़ा है।
जनपद में पंचायत निर्वाचन के दौरान 18 शिक्षक, शिक्षामित्रों की मृत्यु हुई है। चुनाव आयोग की पुरानी गाइडलाइन के अनुसार सहायता पाने वाले श्रेणी में जनपद के एक भी शिक्षक का परिवार पात्र नहीं था। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ और अन्य संगठनों ने गाइडलाइन में परिवर्तन कर सभी मृत शिक्षकों के परिवार को एक करोड़ की सहायता राशि दिए जाने की मांग की थी। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पूरे प्रदेश में केवल तीन शिक्षकों को ही चुनाव ड्यूटी के दौरान मृत बताया गया था। इसके बाद शिक्षकों में बहुत आक्रोश पनपा था, तब मुख्यमंत्री ने स्वयं हस्तक्षेप करते हुए नियमावली में संशोधन का निर्देश दिया था। उसके बाद संशोधित शासनादेश जारी हुआ। इसके अनुसार अब जनपद में चुनाव के दौरान मृत 16 शिक्षक और दो शिक्षामित्रों के परिवार को 30 लाख की सहायता का लाभ मिल सकेगा। इससे कमाऊ सदस्य को खोने वाले प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री योगेंद्र पांडेय ने कहा कि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा के संघर्ष के बल पर संशोधित आदेश जारी हो सका है, पर सहायता राशि 30 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ होनी चाहिए।
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मृतकों के परिवार को 30-30 लाख मिलेगी आर्थिक सहायता
उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ एक करोड़ देने की मांग पर अड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के दौरान कोरोना से संक्रमित होकर चुनाव ड्यूटी से 30 दिन के अंदर जान गंवाने वाले शिक्षकों के परिजनों के परिजनों को 30 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने का शासनादेश जारी हो चुका है। इसके बाद प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है। हालांकि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ घोषित सहायता की राशि को नाकाफी बताते हुए एक करोड़ की मांग पर अड़ा है।
जनपद में पंचायत निर्वाचन के दौरान 18 शिक्षक, शिक्षामित्रों की मृत्यु हुई है। चुनाव आयोग की पुरानी गाइडलाइन के अनुसार सहायता पाने वाले श्रेणी में जनपद के एक भी शिक्षक का परिवार पात्र नहीं था। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ और अन्य संगठनों ने गाइडलाइन में परिवर्तन कर सभी मृत शिक्षकों के परिवार को एक करोड़ की सहायता राशि दिए जाने की मांग की थी। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पूरे प्रदेश में केवल तीन शिक्षकों को ही चुनाव ड्यूटी के दौरान मृत बताया गया था। इसके बाद शिक्षकों में बहुत आक्रोश पनपा था, तब मुख्यमंत्री ने स्वयं हस्तक्षेप करते हुए नियमावली में संशोधन का निर्देश दिया था। उसके बाद संशोधित शासनादेश जारी हुआ। इसके अनुसार अब जनपद में चुनाव के दौरान मृत 16 शिक्षक और दो शिक्षामित्रों के परिवार को 30 लाख की सहायता का लाभ मिल सकेगा। इससे कमाऊ सदस्य को खोने वाले प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री योगेंद्र पांडेय ने कहा कि संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा के संघर्ष के बल पर संशोधित आदेश जारी हो सका है, पर सहायता राशि 30 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ होनी चाहिए।
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