फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   GGIC in bad condition

जीजीआईसी: इमारत के साथ शिक्षा व्यवस्था भी जर्जर

Sun, 22 Nov 2020 09:59 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 22 Nov 2020 09:59 PM IST
विज्ञापन
GGIC in bad condition
जीजीआईसी परिसर में शोपीस बना छात्रावास। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
जीजीआईसी: इमारत के साथ शिक्षा व्यवस्था भी जर्जर
विज्ञापन

आधारभूत शिक्षण उपकरणों की कमी, बालिकाओं की रुचि नहीं
कभी एक हजार छात्राएं पढ़ती थीं, अब संख्या दो सौ से भी कम
संतोष श्रीवास्तव
सिद्धार्थनगर। नारे, स्लोगन के साथ मिशन शक्ति समेत विविध कार्यक्रमों के जरिए बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का जोर दिया जा रहा है, पर जिला मुख्यालय स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की बदहाली दूर करने का कोई उपाय नहीं किया जा रहा है। यहां भवन के साथ ही शिक्षा व्यवस्था भी जर्जर हो चुकी है। कभी एक हजार छात्राओं वाले विद्यालय में अब मुश्किल से सवा सौ छात्राएं ही रह गई हैं। इसी कारण अभिभावकों और बालिकाओं की इस कॉलेज से मोहभंग होता जा रहा है।
मुख्यालय के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में एक दशक पूर्व करीब 1000 छात्राएं पढ़ती थीं। यहां शहर ही नहीं दस किलोमीटर दूर तक गांवों की छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने आती थीं। स्कूलों बसों के जरिए लगभग एक हजार छात्राएं पढ़ने पहुंचती थीं। नामांकन के लिए कतारें लगी रहती थीं। आज स्थिति एकदम विपरीत है। वर्ष 1995 के बाद से यहां किसी स्थायी प्रधानाचार्य की नियुक्ति नहीं हुई। कार्यवाहक से ही काम चलाया जा रहा है। शिक्षकों की भी घोर कमी है। एलटी के 13 स्वीकृत पद के सापेक्ष सिर्फ पांच ही कार्यरत हैं। प्रवक्ता के सभी सात पद खाली चल रहे हैं। रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त शिक्षकों से मानदेय के आधार पर शैक्षणिक कार्य लिया जा रहा है। लिहाजा हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, नागरिक शास्त्र, संस्कृत, संगीत, गृह विज्ञान जैसे विषयों की पढ़ाई भगवान भरोसे ही हो रही है। विज्ञान प्रयोगशाला की मान्यता भी नहीं है।
विज्ञापन

संसाधन भी पर्याप्त नहीं
विद्यालय की तीन तरफ से चारदीवारी गिर गई है, जिससे परिसर असुरक्षित है। परिसर में बना कंप्यूटर लैब भी शोपीस बना हुआ है। प्रोजेक्टर, कंप्यूटर एवं अन्य उपकरण प्रयोग नहीं किए जा रहे हैं। कॉलेज परिसर में पिछड़े वर्ग की छात्राओं के लिए छात्रावास वर्ष 2012 में निर्मित हुआ, पर एक भी छात्राओं के कदम नहीं पड़ सके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
अभी हाल में जीजीआईसी तेतरी बाजार का सीडीओ की ओर सघन निरीक्षण किया गया है। शिक्षकों के पदों को भरने समेत अन्य संसाधनों को पूर्ण कराने के लिए शासन स्तर पर लिखा-पढ़ी करने के लिए निर्देशित किया गया है। जल्द ही पत्र भेजा जाएगा।
-डीके श्रीवास्तव, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed