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Siddharthnagar News: जर्जर बिजली के पोल और तार, हादसे का डर
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- खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र के नलकूप पर लगे पोल और तार के जर्जर होने से बढ़ी मुश्किलें
संवाद न्यूज एजेंसी
खेसरहा। खेसरहा ब्लॉक के किसानों की जिंदगी पर खतरा मंडरा रहा है। करीब चार दशक पूर्व नलकूपों तक विद्युत आपूर्ति पहुंचाने के लिए लगाए गए बिजली के पोल मौजूदा समय में जर्जर होकर झुक गए हैं। इन पर लगी 11केवी लाइन खेतों के ऊपर खतरनाक तरीके से लटक रही है, जिससे किसान हर समय हादसे की आशंका में खेती करने को मजबूर हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली निगम की उदासीनता किसानों में नाराजगी बढ़ा रही है।
अस्सी के दशक में तत्कालीन विधायक दीनानाथ पांडेय के प्रयास से वर्ष 1983-84 में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए क्षेत्र में लगभग 31 नलकूप बनाए गए। इन्हें चालू रखने के लिए 11 केवी लाइन खेतों के बीच से बिछाई गई। परंतु चार दशक बाद भी इन पोलों की न मरम्मत हुई और न ही बदलने का कार्य हुआ। इसके कारण कई स्थानों पर तार लटक कर खेत की जुताई कटाई में बाधा डाल रहे हैं। यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसी तरह से कोटिया पांडेय गांव के पूरब बांसी धानी मार्ग पर पुलिया के पास 11केवी लाइन का पोल झुक गया है।
कोटिया पांडेय गांव निवासी सफी मोहम्मद ने बताया कि करीब 20 वर्ष से मेरे खेत में बिजली का पोल झुका है। सड़क किनारे खेत के ऊपर हाईटेंशन तार लटक रहा है। खेत की जुताई करते समय तार सहित पोल गिरने का भय बना है। इसकी शिकायत कई बार विद्युत निगम से की गई। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। राम प्रकाश यादव ने कहा कि मेरे खेत में हाईटेंशन तार इतनी नीचे लटक गए हैं कि ट्रैक्टर व कंबाइन तक नहीं ले जा पाते। कई बार शिकायत करने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। फसल काटने और जुताई के समय सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कहीं भी हादसा हो सकता है।
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इस संबंध में विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता एसपी गौतम ने कहा कि स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद उसे सही करवाया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खेसरहा। खेसरहा ब्लॉक के किसानों की जिंदगी पर खतरा मंडरा रहा है। करीब चार दशक पूर्व नलकूपों तक विद्युत आपूर्ति पहुंचाने के लिए लगाए गए बिजली के पोल मौजूदा समय में जर्जर होकर झुक गए हैं। इन पर लगी 11केवी लाइन खेतों के ऊपर खतरनाक तरीके से लटक रही है, जिससे किसान हर समय हादसे की आशंका में खेती करने को मजबूर हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली निगम की उदासीनता किसानों में नाराजगी बढ़ा रही है।
अस्सी के दशक में तत्कालीन विधायक दीनानाथ पांडेय के प्रयास से वर्ष 1983-84 में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए क्षेत्र में लगभग 31 नलकूप बनाए गए। इन्हें चालू रखने के लिए 11 केवी लाइन खेतों के बीच से बिछाई गई। परंतु चार दशक बाद भी इन पोलों की न मरम्मत हुई और न ही बदलने का कार्य हुआ। इसके कारण कई स्थानों पर तार लटक कर खेत की जुताई कटाई में बाधा डाल रहे हैं। यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसी तरह से कोटिया पांडेय गांव के पूरब बांसी धानी मार्ग पर पुलिया के पास 11केवी लाइन का पोल झुक गया है।
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कोटिया पांडेय गांव निवासी सफी मोहम्मद ने बताया कि करीब 20 वर्ष से मेरे खेत में बिजली का पोल झुका है। सड़क किनारे खेत के ऊपर हाईटेंशन तार लटक रहा है। खेत की जुताई करते समय तार सहित पोल गिरने का भय बना है। इसकी शिकायत कई बार विद्युत निगम से की गई। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। राम प्रकाश यादव ने कहा कि मेरे खेत में हाईटेंशन तार इतनी नीचे लटक गए हैं कि ट्रैक्टर व कंबाइन तक नहीं ले जा पाते। कई बार शिकायत करने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। फसल काटने और जुताई के समय सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कहीं भी हादसा हो सकता है।
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इस संबंध में विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता एसपी गौतम ने कहा कि स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद उसे सही करवाया जाएगा।