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Siddharthnagar News: फर्जी दस्तावेज से 100 बीघा सरकारी भूमि कराया खुद के नाम
Thu, 26 Oct 2023 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 26 Oct 2023 11:57 PM IST
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बांसी तहसील के ग्राम चंवर ताल का मामला, जांच में हुआ खुलासा
चकबंदी अधिकारी व एडीएम के आदेश के बाद भी नहीं दर्ज हुआ केस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बांसी ब्लॉक के भड़ही उर्फ मिश्रौलिया गांव के चंवर ताल टोले में स्थित 100 बीघा से अधिक सरकारी भूमि फर्जीवाड़ा करते हुए हड़पने का मामला सामने आया है। जांच में फर्जीवाड़ा की पुष्टि होने के बाद बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी मेघ वरण ने मामले में 62 से अधिक गाटों की भूमि से नाम निरस्त कर खतौनी में नवीन परती भूमि दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही उन्होंने चकबंदी अधिकारी बांसी को दोषी के विरुद्ध केस दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
भड़ही उर्फ मिश्रौलिया की प्रधान निर्मला ने बगल के गांव जनियाजोत निवासी एक व्यक्ति पर उनकी ग्रामसभा के राजस्व ग्राम चंवर ताल में 100 बीघा से अधिक सरकारी भूमि को फर्जी खतौनी आदि दस्तावेज के माध्यम से खुद के नाम करा लेने का आरोप लगाया था।
उन्होंने तत्कालीन चकबंदी अधिकारी के द्वारा 31 मार्च 2017 के आदेश को निरस्त कर फर्जीवाड़ा तरीके से हथिया ली गई सरकारी भूमि को मुक्त कराने की मांग की थी। मामले की सुनवाई करते हुए बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी मेघ वरण ने 10 अक्तूबर 2023 को दोनों मामलों में फर्जी तरीके से दर्ज नाम को निरस्त करते हुए उक्त 62 से अधिक गाटों की भूमि को खतौनी में नवीन परती (सरकारी भूमि) दर्ज करने का आदेश पारित किया।
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उन्होंने इस मामले में 14 जून 2013, पांच दिसंबर 2016 को किए गए आदेश को भी निरस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन चकबंदी अधिकारी की तरफ से 14 जून 2013 को पारित आदेश से ग्रामसभा की हानि हुई है। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी मेघ वरण ने चकबंदी अधिकारी बांसी को मामले में फर्जी अभिलेख प्रस्तुत करने वाले फजलुर्रहमान के विरुद्ध केस दर्ज करा उन्हें सूचित करने का भी आदेश दिया है।
उप संचालक चकबंदी ने सही ठहराया आदेश
उप संचालक चकबंदी व एडीएम उमाशंकर ने भी मामले की सुनवाई करते हुए मामले में 20 अक्तूबर 2023 को आदेश पारित किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि जिस नकल को आधार बनाते हुए फजलुर्रहमान की पुत्री शायमा बानो ने आपत्ति की है वह नकल सन 1359 फसली बाबत खाता संख्या 27 फर्जी है। इसे अभिलेखागार बस्ती की ओर से जारी नहीं किया गया है। उन्होंने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के आदेश को ग्रामसभा के हित में नियमसंगत एवं चकबंदी प्रावधानों के अनुरूप बताया है।
केस दर्ज कराने के लिए लगाई गुहार
भड़ही उर्फ मिश्रौलिया की प्रधान निर्मला ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में फर्जीवाड़ा कर ग्रामसभा की सरकारी भूमि हड़पने का प्रयास करने वाले के विरुद्ध केस दर्ज कराने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के आदेश के बाद भी चकबंदी अधिकारी बांसी की तरफ से संबंधित मामले में फर्जीवाड़ा करने वाले के विरुद्ध केस दर्ज कराने में देरी की जा रही है। उन्होंने मामले में केस दर्ज कराते हुए दोषी के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।
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चकबंदी अधिकारी व एडीएम के आदेश के बाद भी नहीं दर्ज हुआ केस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बांसी ब्लॉक के भड़ही उर्फ मिश्रौलिया गांव के चंवर ताल टोले में स्थित 100 बीघा से अधिक सरकारी भूमि फर्जीवाड़ा करते हुए हड़पने का मामला सामने आया है। जांच में फर्जीवाड़ा की पुष्टि होने के बाद बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी मेघ वरण ने मामले में 62 से अधिक गाटों की भूमि से नाम निरस्त कर खतौनी में नवीन परती भूमि दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही उन्होंने चकबंदी अधिकारी बांसी को दोषी के विरुद्ध केस दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
भड़ही उर्फ मिश्रौलिया की प्रधान निर्मला ने बगल के गांव जनियाजोत निवासी एक व्यक्ति पर उनकी ग्रामसभा के राजस्व ग्राम चंवर ताल में 100 बीघा से अधिक सरकारी भूमि को फर्जी खतौनी आदि दस्तावेज के माध्यम से खुद के नाम करा लेने का आरोप लगाया था।
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उन्होंने तत्कालीन चकबंदी अधिकारी के द्वारा 31 मार्च 2017 के आदेश को निरस्त कर फर्जीवाड़ा तरीके से हथिया ली गई सरकारी भूमि को मुक्त कराने की मांग की थी। मामले की सुनवाई करते हुए बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी मेघ वरण ने 10 अक्तूबर 2023 को दोनों मामलों में फर्जी तरीके से दर्ज नाम को निरस्त करते हुए उक्त 62 से अधिक गाटों की भूमि को खतौनी में नवीन परती (सरकारी भूमि) दर्ज करने का आदेश पारित किया।
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उन्होंने इस मामले में 14 जून 2013, पांच दिसंबर 2016 को किए गए आदेश को भी निरस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन चकबंदी अधिकारी की तरफ से 14 जून 2013 को पारित आदेश से ग्रामसभा की हानि हुई है। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी मेघ वरण ने चकबंदी अधिकारी बांसी को मामले में फर्जी अभिलेख प्रस्तुत करने वाले फजलुर्रहमान के विरुद्ध केस दर्ज करा उन्हें सूचित करने का भी आदेश दिया है।
उप संचालक चकबंदी ने सही ठहराया आदेश
उप संचालक चकबंदी व एडीएम उमाशंकर ने भी मामले की सुनवाई करते हुए मामले में 20 अक्तूबर 2023 को आदेश पारित किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि जिस नकल को आधार बनाते हुए फजलुर्रहमान की पुत्री शायमा बानो ने आपत्ति की है वह नकल सन 1359 फसली बाबत खाता संख्या 27 फर्जी है। इसे अभिलेखागार बस्ती की ओर से जारी नहीं किया गया है। उन्होंने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के आदेश को ग्रामसभा के हित में नियमसंगत एवं चकबंदी प्रावधानों के अनुरूप बताया है।
केस दर्ज कराने के लिए लगाई गुहार
भड़ही उर्फ मिश्रौलिया की प्रधान निर्मला ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में फर्जीवाड़ा कर ग्रामसभा की सरकारी भूमि हड़पने का प्रयास करने वाले के विरुद्ध केस दर्ज कराने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के आदेश के बाद भी चकबंदी अधिकारी बांसी की तरफ से संबंधित मामले में फर्जीवाड़ा करने वाले के विरुद्ध केस दर्ज कराने में देरी की जा रही है। उन्होंने मामले में केस दर्ज कराते हुए दोषी के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।