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Siddharthnagar News: उड़ते बादलों ने तोड़ी उम्मीद, किसानों को पंपिंग सेट का सहारा

Tue, 24 Sep 2024 01:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 24 Sep 2024 01:48 AM IST
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Flying clouds break hope, farmers resort to pumping sets
कई दिनों से बारिश नहीं होने से खेत में पानी चलाने को विवश हैं किसान, चिलचिलाती धूप बढ़ा रही परेशानी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सकारपार। धान की फसल में बाली निकलने का समय नजदीक आ गया है। ऐसे में मौसम की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश न होने के कारण धान की फसल सूख रही है। इससे परेशान होकर किसान निजी संसाधनों का उपयोग करके फसल बचाने में पूरी तरह से जुट गए हैंं, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पढ़ रहा है।
अगस्त माह में बारिश ठीक-ठाक होने से किसानों के फसलों की स्थिति बेहतर थी , लेकिन सितंबर माह में बारिश कम होने से फसलों की स्थिति ठीक नही है, क्योंकि खेतों में पानी की कमी होने से धान की फसल सूख रही है। वहीं, आकाश में काले बादल लगातार मड़रा रहे हैं। जिसको देखकर किसानों के अंदर एक उम्मीद जगती है कि शायद अब बारिश हो जाय, लेकिन आकाश में उड़ते बादलों ने किसानों के इस उम्मीद को अब तोड़ हैं। आकाश में मानसून के बादल छाए रहने के बाद भी बारिश न होने से किसान पूरी तरह चिंतित है। वहीं, धान की सूखती फसलों को बचाने के लिए अधिकांश किसान पंपिंग सेट से अपने खेतों में पानी चलाना शुरू कर दिया है। जहां एक तरफ उमस भरी गर्मी से लोग परेशान है, वहीं चिलचिलाती धूप में किसानों को अपने खेतों में पानी चलाना किसी चुनौती से काम नहीं है।
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क्षेत्र के राम गोपाल, सूर्यनाथ त्रिपाठी, अजीत सिंह आदि किसानों का कहना है कि अगर समय से बारिश नहीं हुई तो धान की पैदावार पर बुरा असर पड़ेगा। साथ ही गेंहू के फसल की बुआई भी काफी पीछे हो जाएगी। क्योंकि खेतों मे बिना नमी किये गेहूं बुआइ ठीक से नही हो पाएगी। खेतों में नमी रहने के बाद बुआई करने से बीज का जमाव भरपूर मात्रा में हो जाता है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि जहां बरसात होने से धान की फसल अच्छी तरह से तैयार हो जाती। वही 300 रुपया पति घंटा देकर पंपिंग सेट से धान में पानी चलवाना मजबूरी हो गया, जिससे किसानों पर लागत का अधिक भार पड़ रहा है। क्षेत्र के अष्टभुजा उपाध्याय, राम सावरे शर्मा, हरि नारायण सिंह,राम केश साहनी, जानकी प्रसाद, जग्गू प्रसाद, विशंभर गौतम आदि किसान बरसात नही होने से चिंतित हैं। वहीं, कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसके मिश्र ने बताया कि धान की बाली निकलते समय पानी की बहुत कि जरूरत होती है। इसलिए किसान लापरवाही न करें। क्योंकि बाली निकलते समय पानी की कमी से उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
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