{"_id":"5ef7487b8ebc3e42bb6848a1","slug":"flood-in-bansi-siddharthnagar-news-gkp356114678","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश से नदियों के जलस्तर में आया ऊफान, तटवर्ती गांवों में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश से नदियों के जलस्तर में आया ऊफान, तटवर्ती गांवों में दहशत
विज्ञापन
बारिश से नदियों के जलस्तर बढ़ा, तटवर्ती गांवों में दहशत
12 घंटे में आधा मीटर बढ़ा राप्ती का जलस्तर, बानगंगा, कूड़ा आदि में भी बढ़ोत्तरी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बारिश से जिले की नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। राप्ती नदी के जलस्तर में मात्र 12 घंटे के भीतर 50 सेंटीमीटर से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। इससे नदियों के तटवर्ती गांवों के लोगों में दहशत है।
पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से नेपाल से निकलने वाली नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तीन दिन पूर्व खतरे के लाल निशान के करीब पहुंचकर वापस लौटने वाली जिले की प्रमुख नदी राप्ती का जलस्तर शनिवार सुबह हुई बारिश के बाद फिर से तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। शुक्रवार शाम छह बजे राप्ती का जलस्तर जहां 82.100 मीटर था, वहीं शनिवार सुबह छह बजे इसका जलस्तर बढ़कर 82.600 मीटर हो गया और मात्र दो घंटे बाद आठ बजे तक इसका जलस्तर 80.700 मीटर तक पहुंच गया था। इसी के साथ बानगंगा, जमुआर, तेलार नाला, कूड़ा और घोघी नदियों के जलस्तर में बारिश के कारण तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। इससे तटवर्ती गांवों रींवा नानकार, बैरवा नानकार, हरनी, टड़िया, पटखौली आदि के लोगों में दहशत व्याप्त है। ग्रामीण हरेंद्र पांडेय, ओमप्रकाश, जगनरायन, सोमई और राकेश का कहना है कि प्रति वर्ष बाढ़ की त्रासदी से हम लोगों को फसल, पशु समेत भारी जन और धन की हानि झेलनी पड़ती है, इसलिए बारिश का मौसम आने और नदियों में पानी बढ़ने से हम लोगों की सांसे अटक जाती है।
नदियों का जलस्तर का रिपोर्ट (मीटर में)
नदी खतरे का स्तर - वर्तमान स्थिति
बानगंगा 93.420 - 91.30
बूढ़ी राप्ती 85.650 - 82.430
राप्ती 84.900 - 82.700
जमुआर 84.89 - 81.26
कूड़ा 83.520 - 79.930
घोघी 87.000 - 83.90
विज्ञापन
12 घंटे में आधा मीटर बढ़ा राप्ती का जलस्तर, बानगंगा, कूड़ा आदि में भी बढ़ोत्तरी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बारिश से जिले की नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। राप्ती नदी के जलस्तर में मात्र 12 घंटे के भीतर 50 सेंटीमीटर से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। इससे नदियों के तटवर्ती गांवों के लोगों में दहशत है।
पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से नेपाल से निकलने वाली नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तीन दिन पूर्व खतरे के लाल निशान के करीब पहुंचकर वापस लौटने वाली जिले की प्रमुख नदी राप्ती का जलस्तर शनिवार सुबह हुई बारिश के बाद फिर से तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। शुक्रवार शाम छह बजे राप्ती का जलस्तर जहां 82.100 मीटर था, वहीं शनिवार सुबह छह बजे इसका जलस्तर बढ़कर 82.600 मीटर हो गया और मात्र दो घंटे बाद आठ बजे तक इसका जलस्तर 80.700 मीटर तक पहुंच गया था। इसी के साथ बानगंगा, जमुआर, तेलार नाला, कूड़ा और घोघी नदियों के जलस्तर में बारिश के कारण तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। इससे तटवर्ती गांवों रींवा नानकार, बैरवा नानकार, हरनी, टड़िया, पटखौली आदि के लोगों में दहशत व्याप्त है। ग्रामीण हरेंद्र पांडेय, ओमप्रकाश, जगनरायन, सोमई और राकेश का कहना है कि प्रति वर्ष बाढ़ की त्रासदी से हम लोगों को फसल, पशु समेत भारी जन और धन की हानि झेलनी पड़ती है, इसलिए बारिश का मौसम आने और नदियों में पानी बढ़ने से हम लोगों की सांसे अटक जाती है।
विज्ञापन
नदियों का जलस्तर का रिपोर्ट (मीटर में)
नदी खतरे का स्तर - वर्तमान स्थिति
बानगंगा 93.420 - 91.30
बूढ़ी राप्ती 85.650 - 82.430
राप्ती 84.900 - 82.700
जमुआर 84.89 - 81.26
कूड़ा 83.520 - 79.930
घोघी 87.000 - 83.90